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उल्हासनगर गोलीकांड: पूर्व विधायक गणपत गायकवाड के बेटे वैभव गायकवाड को मिली क्लीन चिट, चार्जशीट में सिर्फ दो आरोपी शामिल।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी 

महाराष्ट्र के उल्हासनगर में एक साल पहले हुए सनसनीखेज गोलीकांड ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस मामले में एक नया मोड़ आया है, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक गणपत गायकवाड के बेटे वैभव गायकवाड को क्लीन चिट दे दी गई है। ताज़ा चार्जशीट में केवल दो आरोपियों—नागेश बडेराव और कुणाल पाटील—का ही नाम शामिल किया गया है।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला तब सामने आया जब तत्कालीन भाजपा विधायक गणपत गायकवाड ने शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता महेश गायकवाड और उनके सहयोगी राहुल पाटील पर हिललाइन पुलिस स्टेशन में ही छह राउंड फायर किए थे। इस चौंकाने वाली घटना के बाद राज्यभर में हड़कंप मच गया था और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी बहस छिड़ गई थी। गणपत गायकवाड को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहां वे अब भी बंद हैं।

चार्जशीट में क्या कहा गया?

इस मामले में उल्हासनगर कोर्ट में हाल ही में पूरक चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि वैभव गायकवाड के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले और उनका इस अपराध में कोई हाथ नहीं है। हालांकि, चार्जशीट में यह भी बताया गया कि वैभव गायकवाड अब भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

महेश गायकवाड ने की थी इनाम की घोषणा

महेश गायकवाड ने पिछले महीने पुलिस अधिकारियों के लिए 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जो पुलिस अधिकारी वैभव गायकवाड को गिरफ्तार करेगा, उसे यह इनाम दिया जाएगा और यह राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा की जाएगी। महेश गायकवाड ने आरोप लगाया था कि आरोपी विधायक के फार्महाउस पर जा रहे हैं और पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है, इसलिए अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई।

क्या आगे होगा?

अब जब वैभव गायकवाड को चार्जशीट में क्लीन चिट मिल गई है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। गणपत गायकवाड अभी भी जेल में हैं, जबकि इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस की भूमिका और राजनीतिक दबाव पर सवाल उठाए जा रहे हैं।










उल्हासनगर में बेकाबू शराब बिक्री: परमिट रूम्स के नाम पर करोड़ों का कर चोरी घोटाला।


 


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी 

उल्हासनगर नं. 3 क्षेत्र में स्थित सात से अधिक परमिट रूम, बार और रेस्टोरेंट राज्य उत्पादन शुल्क अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम कर चोरी कर रहे हैं। ये प्रतिष्ठान वैध परमिट के बावजूद वाइन शॉप की तरह काउंटर चलाकर अवैध रूप से देशी-विदेशी शराब की बिक्री कर रहे हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कोई भी व्यवसायी जब शराब बिक्री का लाइसेंस प्राप्त करता है, तो उससे सरकार को राजस्व मिलता है। लेकिन उल्हासनगर में कुछ प्रतिष्ठान—(1) जॉली बार एंड रेस्टोरेंट (FL-3/2631), (2) गीता भवन (FL-3/33), (3) अंश पैलेस (FL-3/1275), (4) न्यू नीलम रेस्टोरेंट एंड बार (FL-3/283), (5) देव प्लाजा बार एंड रेस्टोरेंट एनक्स (FL-3/2613), (6) मीट वाटिका (FL-3/2528), (7) साई फास्ट फूड रेस्टोरेंट एंड बार (FL-3/2264)—सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाकर शराब बिक्री कर रहे हैं।

बेकाबू शराब बिक्री और कर चोरी का बड़ा खेल

महाराष्ट्र राज्य में शराब की बिक्री के लिए कड़े नियम लागू हैं, जिसके तहत परमिट रूम, बार और रेस्टोरेंट में मद्य सेवन के लिए राज्य उत्पादन शुल्क विभाग का लाइसेंस जरूरी होता है। लेकिन उल्हासनगर में इन नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। इन परमिट रूम्स पर वाइन शॉप की तर्ज पर अवैध काउंटर बनाए गए हैं, जहां किसी भी समय ग्राहक आकर शराब खरीद सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, परमिट रूम मालिक अन्य वैध वाइन शॉप से सस्ती दरों पर शराब खरीदते हैं और उसे अपने गैरकानूनी काउंटर से एमआरपी रेट पर बेचते हैं। इससे न केवल सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है, बल्कि अन्य कानूनी वाइन शॉप संचालकों के व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

कानून के साथ खिलवाड़

महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क अधिनियम के तहत, बिना लाइसेंस के शराब रखना या बेचना कानूनी अपराध है। हर शराब विक्रेता के लिए यह अनिवार्य है कि वह ग्राहक से मद्य सेवन परमिट की जांच करे। लेकिन उल्हासनगर के इन अवैध परमिट रूम्स में यह नियम कहीं भी लागू नहीं किया जा रहा।

रात 3.30 बजे तक धड़ल्ले से चल रहा गैरकानूनी कारोबार

नियमों के अनुसार, परमिट रूम्स को शराब परोसने की समय-सीमा निर्धारित है, लेकिन उल्लासनगर के ये अवैध प्रतिष्ठान रात 3.30 बजे तक शराब बेचते हैं। इस पूरी अवैध गतिविधि को दैनिक 'पुलिस महानगर' के पत्रकारों ने कैमरे में कैद किया है।

इस मामले को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री और उत्पादन शुल्क मंत्री अजित पवार, राज्य उत्पादन शुल्क आयुक्त राजेश देशमुख और ठाणे अधीक्षक प्रवीण तांबे को ज्ञापन सौंपा गया है। ठाणे अधीक्षक प्रवीण तांबे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी परमिट रूम संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

क्या होगी कार्रवाई?

अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस अवैध शराब बिक्री के नेटवर्क पर कब तक लगाम लगाते हैं। क्या दोषी परमिट रूम्स के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे? या फिर यह खेल अधिकारियों की मिलीभगत से यूं ही जारी रहेगा?









ऐतिहासिक बौद्ध धम्म सम्मेलन के लिए समीर वानखड़े (IRS) ने दिया आमंत्रण।


 

नासिक: दिनेश मीरचंदानी 

भारत सरकार के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी समीर वानखड़े ने ऐतिहासिक राज्यव्यापी बौद्ध धम्म सम्मेलन के लिए आमंत्रण दिया है। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन श्री कालाराम मंदिर सत्याग्रह दिवस के उपलक्ष्य में 2 मार्च 2025 को हुतात्मा अनंत कन्हेरे गोल्फ क्लब ग्राउंड, नासिक में आयोजित किया जाएगा।

यह सम्मेलन सामाजिक समरसता, समानता और बौद्ध धम्म के मूल सिद्धांतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में देशभर से धम्म अनुयायी, बौद्ध भिक्षु, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

श्री कालाराम मंदिर सत्याग्रह भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना रही है, जिसने समाज में समानता और अधिकारों की लड़ाई को एक नई दिशा दी थी। यह सम्मेलन उस ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा।

आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन ऐतिहासिक महत्व रखता है और इसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। समीर वानखड़े (IRS) का यह आमंत्रण इस सम्मेलन की भव्यता को और भी बढ़ाएगा।









अनजान महिला को "स्मार्ट" कहना अश्लीलता: मुंबई कोर्ट का कड़ा फैसला।


(फाइल इमेज)

मुंबई: दिनेश मीरचंदानी 

महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े मामलों में मुंबई की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी अनजान महिला को रात में व्हाट्सऐप पर "आप पतली हैं, बहुत स्मार्ट और गोरी दिखती हैं, मैं पसंद करता हूँ" जैसे संदेश भेजना अश्लीलता की श्रेणी में आता है और इसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा।

कोर्ट का कड़ा रुख

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (दिंडोशी) डी. जी. ढोबले ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अश्लीलता का मूल्यांकन समकालीन सामुदायिक मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए। न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसकी सजा को बरकरार रखा।

क्या है मामला?

मामला एक पूर्व महिला पार्षद से जुड़ा है, जिन्हें एक व्यक्ति ने रात 11 बजे से 12.30 बजे के बीच लगातार व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक संदेश और तस्वीरें भेजीं। आरोपी ने अपने संदेशों में महिला की शारीरिक बनावट की तारीफ की थी, जिसे अदालत ने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य माना।

न्यायालय का फैसला क्यों अहम?

अदालत ने कहा, "समाज में स्वीकृत मर्यादाओं और नैतिकता के अनुसार किसी महिला को इस तरह के संदेश भेजना न केवल अनुचित है बल्कि अश्लीलता की परिभाषा में आता है।"

कोर्ट का यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों पर अभद्र व्यवहार पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस फैसले से यह संदेश स्पष्ट होता है कि ऑनलाइन स्पेस में भी मर्यादाओं का पालन जरूरी है और महिलाओं को मानसिक रूप से परेशान करने वाले कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लीलता पर सख्त होगी कार्रवाई

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन लोगों के लिए एक चेतावनी है, जो सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर महिलाओं को असहज महसूस कराते हैं।

इस फैसले के बाद अब यह देखना होगा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए कानून को और सख्त किया जाता है या नहीं।










भायंदर में बोल-बच्चन गिरोह का पर्दाफाश: बुजुर्ग महिला से ₹80,000 के गहनों की ठगी, दो आरोपी अहमदाबाद से गिरफ्तार।


 

मिरा-भायंदर: दिनेश मीरचंदानी 

मिरा-भायंदर-वसई विरार पुलिस ने बोल-बच्चन गिरोह के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इन अपराधियों ने भायंदर रेलवे स्टेशन के पास एक 60 वर्षीय महिला को चकमा देकर ₹80,000 मूल्य के सोने के गहनों की ठगी की थी।

गुजरात से दबोचे गए आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भानाभाई धनाजी मारवाड़ी (45) और गोपी भाई राजूभाई मारवाड़ी (23) के रूप में हुई है। पुलिस की टीम ने अहमदाबाद, गुजरात में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह पहले भी कई लोगों को अपने झांसे में लेकर ठगी कर चुका है।

कैसे देते थे वारदात को अंजाम?

यह गिरोह बोल-बच्चन तकनीक का इस्तेमाल करता था, जिसमें आरोपी आम नागरिकों को अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसाकर बहला लेते थे और फिर उनकी कीमती वस्तुएं लेकर फरार हो जाते थे। पीड़ित महिला के साथ भी ऐसा ही हुआ, जब आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर ₹80,000 के आभूषण हड़प लिए।

कानूनी शिकंजा और जांच जारी

नवघर पुलिस स्टेशन, भायंदर (पूर्व) ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है, और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

क्या है बोल-बच्चन गिरोह?

बोल-बच्चन गिरोह देशभर में ठगी की वारदातों के लिए कुख्यात है। ये अपराधी मासूम लोगों को बहलाने और उन्हें गुमराह करने में माहिर होते हैं। इस गिरोह के सदस्य लोगों से दोस्ती कर विश्वास जीतते हैं और फिर मौका मिलते ही उन्हें लूटकर फरार हो जाते हैं।

पुलिस की अपील: रहें सतर्क!

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लोगों की बातों में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दें। यदि कोई व्यक्ति किसी अजनबी से बातचीत के दौरान असहज महसूस करता है या ठगी का शिकार होता है, तो जल्द से जल्द पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

यह मामला दिखाता है कि ठगी करने वाले अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!









उल्हासनगर के डांस बारों में बांग्लादेशी युवतियों का खेल, पुलिस द्वारा जांच कब होगी..?


(फाइल इमेज)

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी 

शहर में अवैध डांस बारों की बढ़ती संख्या और उनमें कथित रूप से अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी युवतियों के नृत्य करने की खबरों ने स्थानीय जनता में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कई डांस बार बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं, जहां संदिग्ध पहचान वाली युवतियों को नचाया जा रहा है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस ने इन युवतियों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य वैध दस्तावेजों की जांच की है या नहीं?

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में सख्ती दिखानी चाहिए और सभी डांस बारों की गहन जांच करनी चाहिए। बताया जा रहा है कि कुछ डांस बारों में अवैध गतिविधियों का संचालन भी हो रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अगर इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर मसला बन सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि कोई भी अवैध प्रवासी बिना उचित दस्तावेजों के शहर में न रह सके।

अब देखना यह होगा कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या अवैध डांस बारों पर नकेल कसने के लिए ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।








फराह खान पर हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, हिंदुस्तानी भाऊ ने दर्ज कराई शिकायत।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी 

हिंदुस्तानी भाऊ ने फराह खान के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत, हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगाया आरोप

मुंबई में बढ़ा विवाद, पुलिस जांच में जुटी

मुंबई: मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक फराह खान एक नए विवाद में घिर गई हैं। सोशल मीडिया की चर्चित हस्ती और पूर्व रियलिटी शो प्रतिभागी हिंदुस्तानी भाऊ (विकास फाटक) ने फराह खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फराह खान की कुछ टिप्पणियों से हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं जिससे समाज में नाराजगी का माहौल बन रहा है।  

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तानी भाऊ ने मुंबई के संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें फराह खान पर हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। भाऊ का कहना है कि फराह खान के बयान धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध हैं और इसे लेकर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।  

सोशल मीडिया पर बवाल

यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर ArrestFarahKhan ट्रेंड करने लगा। हिंदुस्तानी भाऊ के समर्थक बड़ी संख्या में फराह खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई धार्मिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।  

फराह खान की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस विवाद पर अब तक फराह खान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। अगर आरोप साबित होते हैं, तो फराह खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव हो सकती है।  

क्या होगा आगे?

इस पूरे मामले ने बॉलीवुड और सोशल मीडिया में नया विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस जल्द ही फराह खान को नोटिस भेज सकती है और उनसे इस विषय पर स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। अब देखना होगा कि यह मामला कितना गंभीर मोड़ लेता है और फराह खान इस पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।