सियासत
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर सेक्टर-3 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा द्वारा सोमवार, 23 फरवरी 2026 को एक व्यापक संपूर्ण स्वास्थ्य जांच एवं आयुर्वेदिक उपचार शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में ग्राहकों, बैंक कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
इस शिविर का आयोजन Unicare Health Center के सहयोग से किया गया, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने विभिन्न जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान कीं।
उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं
शिविर में लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण जांच और परामर्श सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिनमें शामिल हैं:
मधुमेह (शुगर) जांच
रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जांच
नाड़ी परीक्षण (आयुर्वेदिक पद्धति)
विशेषज्ञ डॉक्टर परामर्श
व्यक्तिगत आहार (डाइट) सलाह
योग एवं जीवनशैली मार्गदर्शन
आंखों की जांच
BMI (बॉडी मास इंडेक्स) मापन
रियायती दर पर विशेष पैथोलॉजी जांच
शिविर में इच्छुक लोगों के लिए पूर्ण शरीर जांच और रक्त परीक्षण रियायती दरों पर उपलब्ध कराया गया। जांच पैकेज में निम्न परीक्षण शामिल थे:
CBC एवं ESR
किडनी फंक्शन टेस्ट (RFT)
लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल)
लिवर फंक्शन टेस्ट
आयरन की कमी की जांच
थायरॉयड प्रोफाइल
डायबिटीज स्क्रीनिंग
विटामिन D3 एवं विटामिन B12 परीक्षण
स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा
शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और नियमित जांच के महत्व को समझाना था। विशेषज्ञों ने बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होती है।
शाखा प्रबंधक रवि शामनानी तथा महेश चावला सहित बैंक स्टाफ ने शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय नागरिकों ने बैंक की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए इसे जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
इस प्रकार, बैंक ऑफ बड़ौदा की यह पहल न केवल बैंकिंग सेवाओं तक सीमित रही, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
यह शिविर महेश चावला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। महेश चावला का जन्मदिन 26 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
महाराष्ट्र सहित पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि प्रतिष्ठित श्रमिक नेता एवं दूरदर्शी सामाजिक सुधारक डॉ. सागर प्रकाश घाडगे को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की तीन प्रमुख रिकॉर्ड संस्थाओं द्वारा सम्मान हेतु आधिकारिक रूप से नामांकित किया गया है।
उन्हें निम्नलिखित प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा “प्रतिष्ठित श्रमिक नेता एवं दूरदर्शी सामाजिक सुधारक” श्रेणी में नामांकन प्राप्त हुआ है—
United Nations Book of World Records (UNBWR)
Asian Book of World Records
Bharat Book of World Records
यह नामांकन उनके बहुआयामी सामाजिक योगदान, सशक्त नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक स्वीकार है।
36 वर्ष की आयु में असाधारण उपलब्धि
सिर्फ 36 वर्ष की आयु में डॉ. घाडगे ने भारत के विभिन्न राज्यों में 40 से अधिक प्रमुख ट्रेड यूनियनों का सफल नेतृत्व एवं समन्वय किया है। ये सभी यूनियनें भारत सरकार के ट्रेड यूनियन अधिनियम के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत हैं।
उनके नेतृत्व में श्रमिक अधिकारों को सुदृढ़ करने, कामगारों को कानूनी एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने तथा पारदर्शी और नैतिक प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं। श्रमिक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर उन्होंने संवाद, संगठन और संघर्ष के माध्यम से श्रम क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका
ट्रेड यूनियन गतिविधियों के अतिरिक्त, डॉ. घाडगे ने पशु कल्याण, सामाजिक न्याय और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय भागीदारी निभाई है।
उन्होंने नशा-मुक्ति अभियान, अपराध विरोधी जनजागरण और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ जनजागरूकता को मजबूत करने के लिए विभिन्न सामाजिक मंचों के माध्यम से आवाज उठाई है। उनका कार्य ईमानदारी-आधारित नेतृत्व, संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता के सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करता है।
राष्ट्रीय विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता
यह प्रतिष्ठित नामांकन डॉ. घाडगे की प्रगतिशील सोच, सामाजिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय विकास के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रमाण है। श्रमिक वर्ग के उत्थान के साथ-साथ समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के लिए उनके प्रयास उन्हें एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करते हैं।
आभार व्यक्त किया
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर डॉ. सागर प्रकाश घाडगे ने अपने सहयोगियों, समर्थकों और शुभचिंतकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी श्रमिक साथियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का है, जिन्होंने उनके साथ मिलकर संघर्ष और सेवा की राह पर कदम बढ़ाया।
डॉ. सागर प्रकाश घाडगे का यह नामांकन न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है, जो यह दर्शाता है कि समर्पण, नैतिक नेतृत्व और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित की जा सकती है।
नांदेड: दिनेश मीरचंदानी
‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहेब के 350वें शहीदी समागम के भव्य आयोजन को लेकर नांदेड में तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। आगामी 24 और 25 जनवरी 2026 को नांदेड में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक शहीदी समागम की पृष्ठभूमि में नांदेड के सिंधी समाज की एक अहम और मार्गदर्शक बैठक सम्पन्न हुई।
इस बैठक में मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष के कार्यकारी अधिकारी डॉ. जगदीश सकवान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ समाज के अनेक प्रतिष्ठित और सक्रिय पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए, जिनमें श्री सतीश मुलचंद नेहलानी, श्री प्रकाश नेहलानी, श्री रेवाचंद नाथानी, श्री नंदू धनवानी, श्री मुकेश रंगनानी, श्री हरीश लालवानी, श्री गणेश बिडवई, सौ. सिमरन प्रेमचंदानी, काव्या प्रेमचंदानी, सौ. सोनी आलमचंदानी, श्रीमती लालवानी मैडम सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि इस शहीदी समागम में देशभर से सिंधी समाज सहित विभिन्न समुदायों के श्रद्धालु और प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेने वाले हैं। इसी उद्देश्य से नांदेड जिले के प्रमुख सिंधी समाजबांधवों की यह बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा, व्यवस्थाएं, आवास, यातायात, अनुशासन और समाज की सक्रिय सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहेब के अद्वितीय त्याग, धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हेतु दिए गए सर्वोच्च बलिदान और मानवता के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, अधिक से अधिक संख्या में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जनजागरण, आपसी समन्वय और संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर सभी समाजघटकों से एकजुट होकर इस ऐतिहासिक शहीदी समागम को भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक बनाने की अपील की गई, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक गुरु तेग बहादुर साहेब के बलिदान, साहस और धर्मरक्षा की प्रेरणा पहुँच सके।
उल्लेखनीय है कि इस शहीदी समागम में सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, सिंधी, मोहयाल, वाल्मीकी, उदासीन एवं भगत नामदेव (वारकरी) संप्रदाय सहित विभिन्न समाज और समुदाय बड़े पैमाने पर शामिल होने जा रहे हैं, जिससे यह आयोजन सामाजिक एकता, धार्मिक सौहार्द और ऐतिहासिक चेतना का एक भव्य प्रतीक बनने जा रहा है।
नई दिल्ली: दिनेश मीरचंदानी
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें वानखेड़े के खिलाफ प्रस्तावित अनुशासनात्मक जांच (डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी) पर रोक लगाई गई थी।
सोमवार को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल CAT के आदेश में किसी भी तरह के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने ट्रिब्यूनल को निर्देश दिया कि वह समीर वानखेड़े द्वारा दायर याचिका का निपटारा 14 जनवरी तक या उसके बाद 10 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर करे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2021 के चर्चित आर्यन खान ड्रग्स केस से जुड़ा हुआ है। समीर वानखेड़े पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2022 में, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) से हटाए जाने के बावजूद, एजेंसी के एक कानूनी सलाहकार से गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि वानखेड़े को जनवरी 2022 में NCB से हटा दिया गया था।
इन आरोपों के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से उनके खिलाफ चार्ज मेमो जारी किया गया था, जिसे वानखेड़े ने CAT में चुनौती दी थी।
27 अगस्त को CAT ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह वानखेड़े के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाए। इस आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था।
अदालत का रुख
उच्च न्यायालय ने केंद्र की दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि CAT के आदेश को फिलहाल कायम रखा जाएगा। अदालत के इस फैसले को वानखेड़े के लिए एक अहम कानूनी राहत माना जा रहा है।
कौन हैं समीर वानखेड़े?
समीर वानखेड़े पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के मुंबई जोनल डायरेक्टर रह चुके हैं। वे वर्ष 2021 में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद देशभर में चर्चा का विषय बने थे।
इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें CAT पर टिकी हैं, जहां आने वाले दिनों में वानखेड़े के मामले पर अंतिम फैसला आने की संभावना है।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
नववर्ष के पावन अवसर पर सामाजिक दायित्व और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उल्हास जनपथ के संपादक शिवकुमार मिश्रा द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से सैकड़ों गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचाव हेतु कंबल वितरित कर राहत पहुंचाई गई।
कैंप क्रमांक 3, दशहरा मैदान, इंदिरा गांधी गार्डन के सामने स्थित उल्हास जनपथ कार्यालय में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों ने लाभ उठाया। इसके अतिरिक्त, समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक सहायता पहुंचाने की भावना के तहत रात्रि के समय फुटपाथों, रेलवे स्टेशन परिसरों तथा मंदिरों के बाहर खुले आसमान के नीचे जीवनयापन कर रहे गरीब एवं बेसहारा लोगों तक स्वयं पहुंचकर कंबल वितरित किए गए, जिससे वे कड़ाके की सर्दी से सुरक्षित रह सकें।
इस मानवीय पहल को लेकर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं लाभार्थियों ने शिवकुमार मिश्रा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की है। नववर्ष की शुरुआत सेवा, करुणा और सामाजिक समर्पण के इस संदेश के साथ समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आई है।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
अंबरनाथ मेडिकल कॉलेज को शुरू हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इस कॉलेज को ग्रामीण हॉस्पिटल बदलापूर, छाया हॉस्पिटल अंबरनाथ, सेंट्रल हॉस्पिटल उल्हासनगर-3 और गवर्नमेंट मैटरनिटी होम उल्हासनगर-4 का प्रशासनिक चार्ज अंबरनाथ मेडिकल कॉलेज के डीन को दिया गया है।
लेकिन इसके बावजूद गरीब मरीजों को आवश्यक उपचार और सर्जरी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
सर्जरी बंद — मरीजों को किया जा रहा है जबरन ट्रांसफर
पिछले तीन महीनों से सेंट्रल हॉस्पिटल उल्हासनगर-3 में जनरल सर्जरी पूरी तरह बंद है।
यह आरोप लगाया गया है कि मेडिकल कॉलेज के डीन द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों को भेजने से लगातार इंकार किया जा रहा है, जिसके कारण गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
डीन की निष्क्रियता पर उठ रहे गंभीर प्रश्न
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दायित्व है कि:
स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को संबद्ध सरकारी अस्पतालों में भेजा जाए
छोटी-बड़ी सभी सर्जरी वहीं पर की जाएं
गरीब मरीजों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले
लेकिन इन अस्पतालों में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर भेजे जा रहे हैं, और न ही सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके चलते मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है।
समाजसेवक हिरो राजाई की चेतावनी
समाजसेवक हिरो राजाई ने कहा है कि यदि अंबरनाथ मेडिकल कॉलेज की ओर से तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं किए गए, तथा बदलापूर, अंबरनाथ, उल्हासनगर-3 और 4 के सरकारी अस्पतालों में सभी सर्जरी शुरू नहीं की गईं,
तो वे सेंट्रल हॉस्पिटल के गेट पर भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे।
> “गरीब मरीजों का इलाज रुकना बहुत बड़ा अपराध है। सरकारी सुविधाएँ जनता के लिए हैं, न कि फाइलों में बंद रखने के लिए।”
— हिरो राजाई, समाजसेवक
जनता की मांग
✔ तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती
✔ सभी प्रकार की सर्जरी तत्काल शुरू
✔ गरीब मरीजों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ
आज माननीय प्रशासन अधिकारी, शिक्षण विभाग एवं उल्हासनगर महानगरपालिका को महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (मनसे विद्यार्थीसैनिक) की ओर से एक महत्वपूर्ण निवेदन सौंपा गया। निवेदन में मांग की गई कि 6 दिसंबर, जो कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है, उस दिन उल्हासनगर शहर के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाए।
ज्ञात हो कि 6 दिसंबर को पूरे देशभर में सामाजिक न्याय, समानता, बंधुता और संविधानिक मूल्यों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। विभिन्न सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों तथा शैक्षणिक संस्थाओं में अभिवादन कार्यक्रम, श्रद्धांजलि सभा और जनजागरण गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
इसी दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग चैत्यभूमि, दादर जाकर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ऐसे में कई विद्यार्थियों को अपने परिवार के साथ वहाँ उपस्थित होना पड़ता है, जिसके चलते उनके लिए विद्यालय में उपस्थित होना संभव नहीं हो पाता।
इसी महत्वपूर्ण संदर्भ को ध्यान में रखते हुए मनसे विद्यार्थी सेना की ओर से उल्हासनगर शहर के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को 6 दिसंबर को अवकाश प्रदान करने की मांग प्रशासन के समक्ष औपचारिक रूप से रखी गई है।
मनसे विद्यार्थी सेना ने प्रशासन से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की है।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
सामाजिक सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. सागर प्रकाश घाडगे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित “यूथ आइकॉन सोशल वर्कर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान SEDB और इको विज़न सोशल फ़ाउंडेशन के संयुक्त आयोजन में प्रदान किया गया, जिसमें देशभर से सामाजिक क्षेत्र के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सम्मान का गौरवपूर्ण क्षण
इस भव्य समारोह में यह पुरस्कार महाराष्ट्र राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG)
श्री कृष्ण प्रकाश (I.P.S.) के करकमलों से प्रदान किया गया।
समारोह में तालियों की गड़गड़ाहट और सम्मान की भावना से वातावरण गूंज उठा।
डॉ. घाडगे का प्रेरक वक्तव्य
सम्मान प्राप्त करते हुए डॉ. घाडगे ने कहा—
“यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी वंचित और दिव्यांग साथियों का है जिनके अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए हम संघर्षरत हैं। यह सम्मान मेरे सामाजिक मिशन को और अधिक शक्ति और संकल्प प्रदान करता है।”
विशेष आभार व्यक्त
इस अवसर पर डॉ. घाडगे ने विशेष आभार व्यक्त किया—
ज़मीर धाले – संस्थापक, SEDB
जाहिरअहमद बशीऱ मुझावर – संस्थापक, इको विज़न सोशल फ़ाउंडेशन
रोहित शिंदे – उपाध्यक्ष
अभियान जारी — समावेशी समाज का संकल्प
डॉ. सागर प्रकाश घाडगे लंबे समय से दिव्यांगजन अधिकार आंदोलन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
उनका लक्ष्य एक समावेशी, संवेदनशील और समान अवसरों वाले सामाजिक ढांचे का निर्माण है।
✨ नए उत्साह और ऊर्जा के साथ समाजहित के कार्य जारी रहेंगे। ✨
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज के 350वें शहीदी गुरुपर्व के पावन अवसर पर, देश और विदेश में भव्य स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
महाराष्ट्र में इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में इन समारोहों को आधिकारिक मंजूरी प्रदान की है।
इन आयोजनों की तैयारी और समन्वय के लिए गठित विशेष समिति में, श्री पवन सिंधीजी को सह-अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।
इस अवसर पर पवन सिंधीजी ने कहा —
“मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे ‘गुरु के पवित्र चरणों की सेवा’ का यह अमूल्य अवसर प्राप्त हुआ है। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का जीवन त्याग, धर्म, और मानवता के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएँ आज भी समाज के प्रत्येक वर्ग को एकता, सद्भावना और भाईचारे* का संदेश देती हैं।”
सरकार के अनुसार, यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक होगा बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और मानवता के मूल्यों को भी सशक्त करेगा।
राज्य के सभी जिलों में विशेष श्रद्धांजलि सभाएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एवं जनजागरण अभियान आयोजित किए जाएंगे।
👉 इन कार्यक्रमों का उद्देश्य है —
गुरु तेग बहादुर साहिब जी के अद्वितीय बलिदान** को जन-जन तक पहुँचाना
धर्म, न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा** के उनके संदेश का प्रसार करना
युवा पीढ़ी को प्रेरित करना** कि वे *त्याग, सेवा और साहस* के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ
यह ऐतिहासिक आयोजन महाराष्ट्र सरकार, सिख समाज और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव का रूप लेगा।
वर्धा: दिनेश मीरचंदानी
एक तरफ रिश्तों में स्वार्थ और दूरी बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ हिंगणघाट का यह भावुक प्रसंग मानवता और भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया है। एक युवा को उसका छोटा भाई जीवनदान देता है, और महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री सहायता निधि उसकी महंगी सर्जरी का पूरा खर्च उठाकर सामाजिक उत्तरदायित्व का आदर्श प्रस्तुत करती है।
यह कहानी है 25 वर्षीय करण गजानन ठाकरे की, जो हिंगणघाट (जिला वर्धा) का निवासी है और हाल ही में उसे गंभीर लिवर फेलियर का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना लीवर ट्रांसप्लांट के उसकी जान बचाना असंभव है। इलाज की अनुमानित लागत करीब 30 लाख रुपये थी, जो ठाकरे परिवार की आर्थिक स्थिति के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं थी।
परिवार में संकट, पर भाई ने दिखाई इंसानियत की ऊंचाई
करण के पिता का देहांत पहले ही हो चुका था, मां बीमार रहती हैं और दोनों बहनों की हाल ही में शादी हुई है। परिवार लगभग असहाय था। इसी बीच उसका छोटा भाई चैतन्य ठाकरे सामने आया — और बिना कोई हिचक, उसने अपना लीवर देने का निर्णय लिया। मेडिकल जांचों के बाद जब बहनों का डोनेशन असंभव पाया गया, तब चैतन्य ने हर जोखिम को स्वीकारते हुए भाई के लिए लीवर डोनेट किया।
मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मादाय मदत कक्ष ने संभाली आर्थिक ज़िम्मेदारी
पैसों की तंगी सबसे बड़ी बाधा थी। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थिति को गंभीरता से लिया और मुख्यमंत्री सहायता निधि से संपर्क किया। धर्मादाय मदत कक्ष के रामेश्वर नाइक ने मामला मुख्यमंत्री तक पहुँचाया। इस मानवीय पहल को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत निर्देश दिया कि करण ठाकरे के संपूर्ण इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
कुल खर्च: ₹30 लाख
परिजनों द्वारा योगदान: ₹5 लाख
मुख्यमंत्री सहायता निधि से सहायता: ₹2 लाख
धर्मादाय मदत कक्ष से शेष ₹23 लाख प्रदान किए गए
यह राशि पुणे स्थित सह्याद्री अस्पताल में की गई जटिल लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए दी गई, जो पूरी तरह सफल रही।
डॉक्टरों की सफलता, सरकार की संवेदना और भाई का बलिदान – बना जीवन रक्षक त्रिकोण
सर्जरी कई घंटे चली, लेकिन डॉक्टरों ने इसे पूरी तरह सफल घोषित किया। करण के शरीर में चैतन्य का लीवर प्रत्यारोपित किया गया और कुछ हफ्तों की निगरानी के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से बाहर निकलते वक्त जब करण ने दोनों हाथ ऊपर उठाकर विजय की मुद्रा में मुस्कराया, तो वह मुस्कान सिर्फ उसके चेहरे की नहीं, बल्कि पूरे परिवार, डॉक्टरों, प्रशासन और सरकार की संयुक्त संवेदना और प्रयास की जीत थी।
सामाजिक संदेश: राजनीति से परे मानवता की मिसाल
यह घटना सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं, बल्कि उस सामाजिक ताने-बाने की मिसाल है जहाँ भाई का त्याग, सरकार की तत्परता, और स्वास्थ्य सेवा तंत्र की कुशलता मिलकर किसी की जान बचा सकते हैं। मुख्यमंत्री सहायता निधि ने साबित किया कि यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों के लिए जीवन रेखा है।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
मुंबई में 15 सितंबर 2025 के दिन सह्याद्री अतिथिगृह, मंत्रीमंडल सभागृह, मुंबई में राज्य आरोग्य हमी सोसायटी की नियामक परिषद की एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने की। बैठक में महात्मा फुले जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी नीतिगत विषयों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक का उद्देश्य राज्य में जनस्वास्थ्य योजनाओं के समन्वय, क्रियान्वयन, बजट वितरण तथा सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करना रहा। जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु कई अहम प्रस्तावों और सुझावों पर विचार किया गया।
इस बैठक में आयुष्मान भारत मिशन महाराष्ट्र समिति के अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश शेटे को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने योजनाओं की प्रगति पर प्रस्तुति दी और आवश्यक सुझाव साझा किए।
बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख मंत्रीगण:
मंत्री श्री छगन भुजबळ
मंत्री श्री संजय शिरसाठ
मंत्री श्री प्रकाश आबिटकर (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से)
मंत्री श्रीमती अदिती तटकरे (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से)
बैठक में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख अधिकारी:
माननीय मंत्री (चिकित्सा शिक्षा)
माननीय मंत्री (सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण)
माननीय राज्य मंत्री (चिकित्सा शिक्षा)
माननीय राज्य मंत्री (सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण)
माननीय मुख्य सचिव
सचिव-1 एवं सचिव-2 (सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग)
सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि द्रव्य विभाग
आयुक्त, स्वास्थ्य सेवा एवं अभियान संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य आरोग्य हमी सोसायटी
नियामक परिषद के सदस्य
संचालक, स्वास्थ्य सेवा संचालनालय
संचालक, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संचालनालय
साथ ही अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं तकनीकी विशेषज्ञ
चर्चा के प्रमुख विषय:
जन आरोग्य योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन हेतु नीति सुधार
बजटीय प्रावधानों की समीक्षा व आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता
योजना लाभार्थियों तक सुगम और त्वरित पहुँच सुनिश्चित करने हेतु रणनीति
सरकारी और निजी अस्पतालों के समन्वय को लेकर मार्गदर्शक सिद्धांतों की रूपरेखा
अस्पतालों व आरोग्य केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने हेतु सुझाव
मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने बैठक में कहा कि “राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। इन योजनाओं का समुचित व पारदर्शी क्रियान्वयन हमारी प्राथमिकता है।”
यह बैठक राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में नीतिगत परिवर्तन और व्यवस्थित सुधारों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी महीनों में इन चर्चाओं के आधार पर कई व्यावहारिक निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही हैं।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
गणपति विसर्जन के पावन अवसर पर लाल साई होजियरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश बजाज के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य व्यक्तियों, राजनीतिक नेताओं एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गणपति के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश बजाज ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं पारंपरिक सम्मान के साथ उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में शहर की जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति ने इसे एक विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे प्रमुख व्यक्तित्वों में उल्हासनगर भाजपा के आमदार कुमार ऐलानी, उल्हासनगर भाजपा अध्यक्ष राजेश वध्रया,भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी, भाजपा नेता महेश सुखरमानी, जमनु पुरस्वानी, लाल पंजाबी, राजू जग्यासी एवं अमित वाधवा शामिल रहे।
वहीं, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के नेता नरेश ठारवानी ने अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचकर गणपति दर्शन किए और कार्यक्रम की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
इसके अलावा, शहर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी सामूहिक रूप से दर्शन किए। इनमें लाल साई होजियरी एसोसिएशन, होल गारमेंट्स एसोसिएशन, यूएसडब्ल्यूए एसोसिएशन, फटाका व्यापारी एसोसिएशन तथा अमन टॉकीज रोड के व्यापारी संघ के सदस्य प्रमुख थे।
अंत में, समाज सेवक रमेश बजाज ने आए हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों, नेताओं, व्यापारियों एवं संगठनों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के स्नेह और सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उन्हें उम्मीद है कि भगवान गणपति सभी पर अपनी कृपा बनाए रखेंगे।
नई दिल्ली: दिनेश मीरचंदानी
भारतीय प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई ज़ोन के प्रमुख रहे समीर वानखेड़े को शीघ्र ही आयुक्त (Commissioner) पद पर नियुक्त किया जा सकता है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में प्रक्रिया अंतिम चरण में है और औपचारिक आदेश किसी भी समय जारी हो सकता है।
हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को बरकरार रखते हुए वानखेड़े की पदोन्नति का रास्ता साफ कर दिया था। अदालत के इस निर्णय के बाद उनके लिए उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारी की संभावना और प्रबल हो गई है।
समीर वानखेड़े का नाम देशभर में उस समय चर्चा में आया था जब उन्होंने एनसीबी में रहते हुए कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की थी। उनकी पहचान एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में रही है। यही कारण है कि उनकी संभावित नियुक्ति को राजस्व विभाग में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि वानखेड़े की नई भूमिका न केवल विभागीय कार्यप्रणाली को सशक्त बनाएगी, बल्कि उनके लंबे अनुभव और दृढ़ता का भी सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
👉 समीर वानखेड़े की आयुक्त पद पर नियुक्ति को लेकर अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के औपचारिक आदेश पर टिकी हैं।
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