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🏆*पत्रकारिता जगत में नई जिम्मेदारी: नीतू विश्वकर्मा को VOM इंटरनेशनल फोरम में महाराष्ट्र राज्य संयोजक नियुक्त किया गया* *पत्रकारों के हितों, मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के विकास के लिए निभाएंगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी*


 




ठाणे/महाराष्ट्र: दिनेश मीरचंदानी

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य, सामाजिक सक्रियता, संगठनात्मक योगदान तथा पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर प्रयासों को देखते हुए नीतू विश्वकर्मा को Voice of Media (VOM) International Forum में महाराष्ट्र राज्य संयोजक के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।

VOM इंटरनेशनल फोरम की ओर से जारी नियुक्तिपत्र के अनुसार यह नियुक्ति 9 अगस्त 2026 को की गई है। नियुक्तिपत्र में नीतू विश्वकर्मा के पत्रकारिता क्षेत्र में किए गए कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा पत्रकारों के हित में किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण माना गया है।

🔥 पत्रकारों की आवाज को मजबूत करने की जिम्मेदारी

नियुक्तिपत्र में उल्लेख किया गया है कि संगठन के उद्देश्यों, नीतियों और पत्रकारिता से जुड़े उपक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए नीतू विश्वकर्मा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा है।

नई जिम्मेदारी के तहत वे महाराष्ट्र में पत्रकारों को संगठित करने, पत्रकारों की समस्याओं एवं प्रश्नों को प्रभावी मंच तक पहुंचाने, पत्रकारिता क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक पहल करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने में योगदान देंगी।

यह जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने और मीडिया जगत के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का महत्वपूर्ण दायित्व भी है।

📰 मीडिया जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

आज के दौर में पत्रकारों के सामने कार्यस्थल की चुनौतियां, पत्रकारिता की स्वतंत्रता, डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका, पत्रकारों की सुरक्षा, आर्थिक एवं व्यावसायिक समस्याएं और विश्वसनीय पत्रकारिता को बनाए रखने जैसी अनेक चुनौतियां हैं।

ऐसे समय में महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में राज्य संयोजक की जिम्मेदारी संगठन और पत्रकार समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

🎉 नीतू विश्वकर्मा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

Shaurya Times परिवार की ओर से नीतू विश्वकर्मा को इस महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई।

हमें विश्वास है कि वे अपनी पत्रकारिता के अनुभव, निर्भीक सोच, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय कार्यशैली के माध्यम से महाराष्ट्र के पत्रकार समुदाय की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाएंगी तथा VOM इंटरनेशनल फोरम के उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगी।

नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं—यह पद पत्रकारिता के प्रति आपकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करे। 🇮🇳📰

📌 नियुक्ति की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी संगठन:

Voice of Media (VOM) International Forum

नियुक्त व्यक्ति: नीतू विश्वकर्मा

पद : महाराष्ट्र राज्य संयोजक

नियुक्ति दिनांक

9 अगस्त 2026

क्षेत्र महाराष्ट्र नियुक्तिपत्र



















उल्हासनगर मनपा में एसीबी के हत्थे चढ़े अधिकारियों को प्रभारी पदों से हटाने की मांग, 15 अगस्त से ठाणे कलेक्टर कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे शैलेश तिवारी।


 



ठाणे/उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर महानगरपालिका में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अब भी प्रभारी पदों पर बनाए रखने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय कल्याण भाटी के अध्यक्ष शैलेश तिवारी ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से प्रभारी पदभार वापस नहीं लिया गया, तो 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस) से ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

शैलेश तिवारी ने जारी प्रेस बयान में कहा कि एसीबी द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार पदों पर बनाए रखना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि इससे जनता का सरकारी तंत्र पर विश्वास भी कमजोर होता है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में आरोपित अधिकारियों को प्रभारी पदों पर बनाए रखना पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन की भावना के विपरीत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों के प्रभारी पद नहीं हटाए गए हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासन का रवैया नरम है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर प्रशासनिक निर्णय नहीं लिए गए, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।

शैलेश तिवारी ने मांग की कि एसीबी की कार्रवाई में पकड़े गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से प्रभारी पद वापस लिए जाएं तथा उनके विरुद्ध सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए, ताकि सरकारी व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रह सके।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने के लिए स्वतंत्रता दिवस से आमरण अनशन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और जनहित के उद्देश्य से किया जाएगा।

शैलेश तिवारी ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 अगस्त से पहले उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अनशन के दौरान यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जनता के हित, सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी व्यवस्था में जनता का भरोसा बना रहे।

नोट: यह समाचार शैलेश तिवारी द्वारा जारी बयान और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




















राष्ट्र कल्याण पार्टी का ठाणे कलेक्टर कार्यालय पर धरना, ACB मामलों के आरोपित अधिकारियों को हटाने की मांग पर प्रशासन सक्रिय।


 



ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर महानगरपालिका में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर बनाए रखने के विरोध में राष्ट्र कल्याण पार्टी एवं छावा संगठन द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। सोमवार, 21 जुलाई को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसमें संबंधित अधिकारियों को तत्काल महत्वपूर्ण पदों से हटाने की मांग दोहराई गई।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्र कल्याण पार्टी के अध्यक्ष शैलेश तिवारी तथा छावा संगठन के निखिल गोळे ने किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को ACB ने रिश्वतखोरी अथवा भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़ा है, उन्हें संवेदनशील और प्रभावशाली विभागों का प्रभार देना प्रशासनिक पारदर्शिता एवं सुशासन की भावना के विपरीत है।

आंदोलनकारियों ने बताया कि इससे पहले 8 जुलाई को उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त कार्यालय के बाहर भी इसी मांग को लेकर धरना दिया गया था। उस समय मनपा प्रशासन ने लिखित रूप से जवाब दिया था कि गणेश शिंपी, जो मूलतः लघुलेखक (वर्ग-3) के पद पर हैं और वर्तमान में उपआयुक्त (प्रभाग समिति-2), कर निर्धारक एवं संकलक तथा चुनाव विभाग के प्रमुख का दायित्व संभाल रहे हैं, उन्हें फिलहाल हटाना संभव नहीं है क्योंकि वे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हैं, जो अक्टूबर तक जारी रहेगी।

हालांकि आंदोलनकारियों ने इस जवाब को असंतोषजनक बताते हुए आरोप लगाया कि केवल चुनावी प्रक्रिया का हवाला देकर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर बनाए रखना उचित नहीं है।

धरने के दौरान जिन अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का उल्लेख किया गया, उनमें अजीत गोवारी (वरिष्ठ लिपिक), संजय पवार (कनिष्ठ अभियंता, नगररचना विभाग), अनिल खतुराणी (वरिष्ठ लिपिक, कर विभाग), अंकुश कदम (लिपिक, भंडार विभाग), राजा बुलानी (विधि विभाग प्रमुख), छाया डगळे (लिपिक, विधि विभाग), भानु परमार (लिपिक, कर विभाग), संजय पवार (लिपिक), बलराम गिधवा (लिपिक), जगदीश परमार (लिपिक) सहित वे अन्य कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें आंदोलनकारियों के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा पकड़ा जा चुका है, लेकिन वे अब भी विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि ऐसे कुल 23 कर्मचारी अभी भी प्रभावशाली पदों पर बने हुए हैं।

धरना प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ठाणे जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। आंदोलनकारियों के अनुसार जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, ठाणे उपजिला चुनाव अधिकारी की ओर से भी आंदोलनकारियों को पत्र सौंपा गया। पत्र में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के लिए जिन सहायक अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है, उनके संबंध में प्राप्त शिकायतों पर विचार किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे कि यदि किसी अधिकारी को हटाया जाता है तो संबंधित पद रिक्त न रहें और चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित होती रहे।

धरना समाप्त होने के बाद शैलेश तिवारी ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ठोस कार्रवाई नहीं करता और ACB मामलों में पकड़े गए अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से नहीं हटाया जाता, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर बनाए रखना जनता के विश्वास और प्रशासनिक निष्पक्षता दोनों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

फिलहाल आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि जिलाधिकारी एवं चुनाव प्रशासन द्वारा लिए गए संज्ञान के बाद उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन इस पूरे मामले में शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
























ठाणे शहर दैनिक पत्रकार संघ चुनाव 2026–2028: दिलीप शिंदे बने अध्यक्ष, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन।


 

ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

ठाणे शहर दैनिक पत्रकार संघ के द्विवार्षिक चुनाव (2026–2028) का परिणाम रविवार, 19 जुलाई 2026 को घोषित किया गया। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्यों ने भाग लेकर नई कार्यकारिणी का चयन किया।

घोषित परिणामों के अनुसार दिलीप शिंदे को संघ का अध्यक्ष चुना गया। वहीं दीपक शेलार कार्याध्यक्ष, निलेश मंडलिक उपाध्यक्ष तथा राजेश शेटकर कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। महासचिव पद के लिए राजीव डाके और प्रसाद सकट का चयन किया गया।

नई कार्यकारिणी में निकेश शार्दुल, अमर राजभर, सचिन देशमाने, गजानन हरिमकर, प्रफुल्ल गांगुर्डे और नितीन दूधसागर को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया है। वहीं सारिका साळुंखे महिला कार्यकारिणी सदस्य निर्वाचित हुई हैं।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पत्रकारिता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन में सभी सदस्यों को साथ लेकर चलने और पत्रकारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प भी व्यक्त किया।

नवनिर्वाचित पदाधिकारी

अध्यक्ष: दिलीप शिंदे

कार्याध्यक्ष: दीपक शेलार

उपाध्यक्ष: निलेश मंडलिक

कोषाध्यक्ष: राजेश शेटकर

महासचिव: राजीव डाके

महासचिव: प्रसाद सकट

कार्यकारिणी सदस्य: निकेश शार्दुल, अमर राजभर, सचिन देशमाने, गजानन हरिमकर, प्रफुल्ल गांगुर्डे, नितीन दूधसागर

महिला कार्यकारिणी सदस्य: सारिका साळुंखे

















'आरोपित अधिकारियों को तुरंत हटाओ'— राष्ट्र कल्याण पार्टी का अल्टीमेटम, 21 जुलाई को ठाणे में प्रदर्शन।


ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर महानगरपालिका (यूएमसी) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़े गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अब भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपे जाने के विरोध में राष्ट्र कल्याण पार्टी ने आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश तिवारी ने घोषणा की है कि यदि ऐसे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदभार से नहीं हटाया गया तो 21 जुलाई को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

शैलेश तिवारी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 8 जुलाई को उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त कार्यालय के बाहर आयुक्त कक्ष के सामने राष्ट्र कल्याण पार्टी एवं छावा संगठन के निखिल गोळे के नेतृत्व में धरना आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन को भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े गए अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाने की मांग वाला ज्ञापन भी सौंपा गया था।

आंदोलन के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने लिखित उत्तर देते हुए बताया कि गणेश शिंपी, जो मूल रूप से लघुलेखक (वर्ग-3) के पद पर हैं और वर्तमान में उप-आयुक्त (प्रभाग समिति क्रमांक-2), कर निर्धारक एवं संकलक तथा चुनाव विभाग प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं, उनके संदर्भ में एसआईआर (Summary Inquiry Report) प्रक्रिया जारी है। प्रशासन के अनुसार यह प्रक्रिया अक्टूबर तक चलेगी, इसलिए उसके पूर्ण होने तक उनके खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई संभव नहीं है।

राष्ट्र कल्याण पार्टी ने प्रशासन के इस जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि जांच लंबित होने का हवाला देकर भ्रष्टाचार के आरोपित अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर बनाए रखना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

तिवारी ने बताया कि गणेश शिंपी के अलावा अजीत गोवारी (वरिष्ठ लिपिक), संजय पवार (कनिष्ठ अभियंता, नगररचना विभाग), अनिल खतुराणी (वरिष्ठ लिपिक, कर विभाग), अंकुश कदम (लिपिक, भंडार विभाग), राजा बुलानी (लिपिक एवं विधि विभाग प्रमुख), छाया डगळे (लिपिक, विधि विभाग), भानु परमार (लिपिक, कर विभाग) सहित अन्य कर्मचारियों को भी, जो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा कार्रवाई का सामना कर चुके हैं, महत्वपूर्ण पदभार दिया गया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय पवार, बलराम गिधवा, जगदीश परमार सहित कुल 23 अधिकारी एवं कर्मचारी, जिन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़ा गया था, अब भी विभिन्न विभागों में प्रभावशाली जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

शैलेश तिवारी ने कहा कि यदि इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से महत्वपूर्ण पदभार वापस नहीं लिया गया तो 21 जुलाई को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

राष्ट्र कल्याण पार्टी ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का सामना कर रहे अधिकारियों को जांच पूरी होने तक किसी भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक अथवा वित्तीय जिम्मेदारी से दूर रखा जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता का विश्वास कायम रह सके।

















TDCC बैंक चुनाव में भाजपा विधायक किशन कथोरे का जलवा बरकरार, सहकार पैनल ने प्रचंड जीत के साथ लहराया परचम।


ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

ठाणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (TDCC Bank) के चुनाव में भाजपा विधायक किशन कथोरे के नेतृत्व वाले सहकार पैनल ने शानदार जीत हासिल कर एक बार फिर अपने मजबूत जनाधार और प्रभाव का परिचय दिया है। चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सहकारी क्षेत्र में विधायक किशन कथोरे की पकड़ पहले की तरह मजबूत बनी हुई है।

सहकार पैनल की इस बड़ी जीत के साथ बैंक की राजनीति में उसका वर्चस्व और अधिक मजबूत हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह परिणाम विधायक किशन कथोरे की संगठनात्मक क्षमता, कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत तालमेल और सहकारी क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका का प्रतिफल है।

परिणाम घोषित होते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया। कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं, ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच जीत का जश्न मनाया गया और विजयी उम्मीदवारों का भव्य स्वागत किया गया। समर्थकों ने इसे सहकार, विकास और मजबूत नेतृत्व की जीत बताया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, TDCC बैंक चुनाव के नतीजे केवल बैंक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर आने वाले समय में ठाणे जिले की राजनीतिक और सहकारी गतिविधियों पर भी दिखाई दे सकता है। इस जीत को विधायक किशन कथोरे के बढ़ते प्रभाव और मजबूत जनसमर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

जीत के बाद विधायक किशन कथोरे ने सभी विजयी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सहकार क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक सदस्य के विश्वास और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नई टीम किसानों, खाताधारकों और सहकारी संस्थाओं के हितों की रक्षा करते हुए बैंक को और अधिक मजबूत, आधुनिक तथा पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

उन्होंने भरोसा जताया कि बैंक की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ करने, आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खाताधारकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई टीम प्रभावी कदम उठाएगी।

सहकार पैनल की इस ऐतिहासिक जीत को ठाणे जिले की सहकारी राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा विधायक किशन कथोरे के निरंतर बढ़ते प्रभाव और मजबूत नेतृत्व का प्रमाण माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर विरोधियों को स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया है।














पूर्व मुंबई ज़ोनल NCB अधिकारी समीर वानखेड़े को बड़ी सफलता, अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क के आरोपियों को अदालत ने दोषी माना।


ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

मुंबई और ठाणे से जुड़े अंडरवर्ल्ड तथा अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई में ठाणे की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए दाऊद इब्राहिम के कथित करीबी सहयोगी परवेज नसरुल्लाह खान उर्फ “चिंकू पठान” समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है। यह मामला वर्ष 2021 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा उजागर किए गए बहुचर्चित सिंथेटिक ड्रग्स रैकेट से जुड़ा है, जिसने देशभर की जांच एजेंसियों को चौंका दिया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के तार सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल और हवाला चैनलों से भी जुड़े हुए थे। मामले में डोंगरी निवासी कथित ड्रग कारोबारी मोहम्मद आरिफ भुजवाला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था, जिस पर बड़े स्तर पर सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण और सप्लाई का आरोप है।

समीर वानखेड़े की अगुवाई में शुरू हुई थी हाई-प्रोफाइल जांच

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच जनवरी 2021 में उस समय शुरू हुई थी, जब तत्कालीन NCB जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के नेतृत्व में कई स्थानों पर देर रात छापेमारी की गई थी। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई में मिले सुरागों ने जांच एजेंसियों को अंडरवर्ल्ड से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचा दिया।

अदालत ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत पांच आरोपियों को दोषी माना, जबकि पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। विशेष लोक अभियोजक इरानी ने अदालत में अंतिम दलीलें पेश करते हुए पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और बरामद सबूतों को विस्तार से रखा।

कैसे खुला ड्रग्स फैक्ट्री का राज?

जांच के दौरान NCB अधिकारियों ने नवी मुंबई के घनसोली इलाके में चिंकू पठान को मेफेड्रोन (MD) और हेरोइन की व्यावसायिक मात्रा के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।

सूत्रों के मुताबिक, चिंकू पठान ने अधिकारियों को डोंगरी स्थित एक फ्लैट में चल रही गुप्त सिंथेटिक ड्रग्स लैब की जानकारी दी, जहां मोहम्मद आरिफ भुजवाला के संचालन का आरोप था। इसके बाद NCB ने वहां छापा मारा।

बताया जाता है कि छापेमारी के दौरान भुजवाला इमारत की स्कैफोल्डिंग के सहारे नीचे उतरकर फरार हो गया था। हालांकि बाद में उसे रायगढ़ जिले के माणगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

NCB की कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों और अन्य संदिग्ध सामग्री को जब्त किया। बरामदगी में शामिल हैं:

मेफेड्रोन (MD)

मेथामफेटामाइन

एफेड्रिन

हेरोइन

12 किलो से अधिक सिंथेटिक नशीले पदार्थ

ऑटोमैटिक हथियार

हवाला नेटवर्क से जुड़े कोडेड दस्तावेज

2.18 करोड़ रुपये से अधिक नकद रकम

अंडरवर्ल्ड-ड्रग्स-हवाला गठजोड़ पर बड़ा संकेत

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए अंडरवर्ल्ड, हवाला नेटवर्क और अवैध हथियारों के गठजोड़ की भी परतें खुली हैं। अदालत का यह फैसला महाराष्ट्र में सक्रिय संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है।















ठाणे(नेवाली): दिनेश मीरचंदानी

ठाणे जिले के नेवाली क्षेत्र से एक 19 वर्षीय युवक, धनंजय मिश्रा, पिछले छे दिनों से लापता है। स्थानीय डवल पाडा पाइपलाइन रोड निवासी यह युवक 16 अप्रैल 2025, बुधवार को दोपहर 12:30 बजे के करीब अपने घर से निकला था और तब से वापस नहीं लौटा। परिवार और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है, जबकि पुलिस की निष्क्रियता से आक्रोश भी फैल रहा है।

धनंजय ने लापता होने से पहले पीले रंग की टी-शर्ट और काले रंग की हाफ पैंट पहन रखी थी। परिवार का कहना है कि वह बिना किसी जानकारी के अचानक घर से निकला और अब तक उसका कोई अता-पता नहीं है।

पुलिस पर गंभीर आरोप

परिजनों ने हिल लाइन पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट तुरंत दर्ज कराई थी, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। ना तो इलाके में खोजबीन की गई और ना ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं।

मनीष मिश्रा, जो धनंजय का पिता हैं, ने कहा – "हमें खुद इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पुलिस सिर्फ फॉर्मेलिटी पूरी कर रही है। अगर ये किसी वीआईपी का बच्चा होता, तो अब तक पूरा शहर छान मारा गया होता।"

स्थानीयों में रोष, सोशल मीडिया पर चल रहा है #JusticeForDhananjay

स्थानीय समाजसेवियों और युवाओं ने सोशल मीडिया पर #JusticeForDhananjay अभियान शुरू कर दिया है। लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि मामले को प्राथमिकता दी जाए और धनंजय को जल्द से जल्द ढूंढ निकाला जाए।

अपील: क्या आपने इस युवक को कहीं देखा है?

यदि किसी को भी धनंजय मिश्रा जैसा युवक कहीं दिखाई देता है, तो तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:

हिल लाइन पुलिस स्टेशन: 0251-2520102

पिता (मनीष मिश्रा): 84848 38497











गणतंत्र दिवस: ठाणे में "उत्कृष्ट अधिकारी" का ऐतिहासिक सम्मान, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया गौरव।


ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

26 जनवरी 2025 गणतंत्र दिवस के अवसर पर ठाणे जिले में आयोजित भव्य समारोह ने एक ऐतिहासिक पल को चिह्नित किया, जब एक अधिकारी को "उत्कृष्ट अधिकारी" के प्रतिष्ठित खिताब से नवाजा गया। यह सम्मान उपमुख्यमंत्री और ठाणे जिला पालक मंत्री एकनाथ शिंदे के शुभ हस्तों से प्रदान किया गया। उन्होंने अधिकारी को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं, ईमानदारी, और समाज के प्रति अमूल्य योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस समारोह ने राज्य प्रशासन और जनता के बीच एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया। हजारों की संख्या में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, और आम नागरिक इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अपने संबोधन में कहा, "यह सम्मान केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि उन सभी समर्पित अधिकारियों का है, जो अपने कार्य से समाज को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे अधिकारी न केवल सरकार का नाम रोशन करते हैं, बल्कि नागरिकों के विश्वास को भी मजबूत करते हैं।"

समारोह के दौरान भारतीय संस्कृति और देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें राष्ट्रध्वज फहराने के साथ ही देशभक्ति गीतों और नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति ने पूरे माहौल को गर्व और उल्लास से भर दिया। इस अवसर पर अधिकारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "यह सम्मान मेरे जीवन का एक गौरवशाली क्षण है और मुझे मेरे कर्तव्यों को और भी अधिक समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रेरित करेगा।"

समाज और प्रशासन में प्रेरणा का संचार:

यह समारोह न केवल उस अधिकारी के लिए बल्कि अन्य सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। यह संदेश स्पष्ट है कि ईमानदारी, मेहनत, और समर्पण को न केवल पहचाना जाता है बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से सराहा भी जाता है।

उत्कृष्ट कार्यों का उत्सव:

गणतंत्र दिवस के इस भव्य आयोजन ने सरकारी अधिकारियों की भूमिका और उनकी सेवाओं को उजागर करते हुए एक नई दिशा दी है। यह दिन ठाणे के प्रशासन और नागरिकों के लिए न केवल एक गौरवशाली क्षण बना, बल्कि एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी साबित हुआ।









गूगल पे के जरिए रिश्वतखोरी! ठाणे के खाद्य निरीक्षक की हरकतें उजागर।


ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ठाणे कार्यालय में भ्रष्टाचार के गंभीर मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। खाद्य निरीक्षक श्री वी. एच. चव्हाण पर रिश्वतखोरी और अवैध संपत्ति बनाने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। इस मामले को उजागर करते हुए पेशेवर कंसल्टेंट अमर भाटिया ने मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, एफडीए आयुक्त और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से शिकायत की है।

आरोप: रिश्वत मांगने के लिए दलालों का सहारा

शिकायतकर्ता अमर भाटिया का दावा है कि श्री वी. एच. चव्हाण आवेदकों को खाद्य लाइसेंस जारी करने में अनावश्यक अड़चनें डालते हैं और उनकी समस्याओं को सुलझाने के नाम पर रिश्वत मांगते हैं। आरोप है कि चव्हाण ने रिश्वत लेने के लिए एक संगठित नेटवर्क बना रखा है, जिसमें उनके दलाल ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म जैसे गूगल पे के जरिए रिश्वत लेते हैं।

सुनियोजित रिश्वत तंत्र का खुलासा

अमर भाटिया ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया है कि उन्होंने "सिटी बार एंड रेस्टोरेंट" के लिए खाद्य लाइसेंस का आवेदन किया था। लेकिन श्री वी. एच. चव्हाण ने आवेदन को लेकर अनावश्यक सवाल खड़े किए और ₹10,000 की रिश्वत की मांग की। मजबूरी में, यह राशि उनके कथित दलाल श्री कुणाल परेश शाह को 23 दिसंबर 2024 को गूगल पे के माध्यम से ट्रांसफर की गई। शिकायत के मुताबिक, रिश्वत की राशि मिलने के बाद ही लाइसेंस (संदर्भ संख्या: 20241126106704705) जारी किया गया।

भ्रष्टाचार के जरिए अवैध संपत्ति का आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि श्री वी. एच. चव्हाण ने रिश्वत के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की है। उनके परिवार और दोस्तों के नाम पर बेनामी संपत्तियां होने की भी संभावना जताई गई है।

प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल

इस घटना ने न केवल एफडीए कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के दावों पर भी गंभीर चर्चा छेड़ दी है। शिकायतकर्ता ने महाराष्ट्र सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से इस मामले की गहन जांच और दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद

यह मामला सामने आने के बाद से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। जनता उम्मीद कर रही है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और दोषी अधिकारियों को कड़ी सजा देकर एक मिसाल पेश करेगी।

क्या कहता है यह मामला?

ठाणे एफडीए कार्यालय के इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भ्रष्टाचार के ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कब होगी। आम जनता की लाइसेंस प्रक्रिया को सुगम बनाने का दावा करने वाले विभाग में इस तरह की घटनाएं सरकार की साख पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।

क्या होगी सरकार की प्रतिक्रिया?

अब देखना यह होगा कि महाराष्ट्र सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या कदम उठाते हैं।









लाल-लोई उत्सव का भव्य आयोजन: ठाणे घोडबंदर सिंधी एसोसिएशन ने मनाया सांस्कृतिक एकता का जश्न।


 





ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

ठाणे घोडबंदर सिंधी एसोसिएशन ने रविवार, 12 जनवरी 2025 को लाल-लोई सिंधी त्योहार का शानदार और भव्य आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर ने ठाणे में सिंधी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर दिया। 200 से अधिक लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक अभूतपूर्व सफलता का प्रतीक बना दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में परिवहन मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति:

कार्यक्रम की शान बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र के माननीय परिवहन मंत्री श्री प्रताप सरनाइक जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में सिंधी समुदाय की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं के संरक्षण के लिए एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना की। श्री सरनाइक ने कहा, "सिंधी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखना एक प्रेरणादायक कार्य है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है।"

सांस्कृतिक कार्यक्रम और परंपराओं की झलक:

इस भव्य आयोजन में पारंपरिक रस्मों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनूठा संगम देखा गया। उत्सव में विविध मनोरंजक गतिविधियों और पारंपरिक रिवाजों ने सभी उपस्थित लोगों को सम्मोहित कर दिया। मेहमानों ने सिंधी व्यंजनों का स्वाद चखा, संगीत की लय पर झूमे और आपसी सौहार्द का भरपूर आनंद लिया।

समिति के समर्पित सदस्यों का योगदान:

इस आयोजन की सफलता का श्रेय समिति के समर्पित सदस्यों को जाता है, जिन्होंने अपने अथक प्रयासों से इस कार्यक्रम को संभव बनाया। प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:

सचिन पंजाबी, संस्थापक और अध्यक्ष

डॉ. सुनील निचलानी, महासचिव

राज सहजवानी, उपाध्यक्ष

मनोज खत्री, कोषाध्यक्ष

करन छटिजा, गिरीश आहूजा, हीना दुसेजा, अमित जेठानी

समुदाय का आभार और भविष्य की दिशा:

ठाणे घोडबंदर सिंधी एसोसिएशन ने सभी उपस्थित लोगों, स्वयंसेवकों और समर्थकों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। इस आयोजन ने न केवल सिंधी समुदाय की गौरवशाली विरासत का सम्मान किया बल्कि एकता और सांस्कृतिक गर्व की भावना को भी प्रबल किया। एसोसिएशन ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों से समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाएगा।

लाल-लोई उत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सिंधी समुदाय अपनी परंपराओं और संस्कृति को जीवित रखने के लिए एकजुट है और इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए तत्पर है।











ठाणे पुलिस ने रचा इतिहास: 75% मामलों में सफलता, सीपी अशुतोष डुम्बरे की अगुवाई में अपराध नियंत्रण में बड़ा कदम।


 

ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

ठाणे पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब समर्पण और नेतृत्व मजबूत हो, तो असंभव कुछ नहीं। पुलिस आयुक्त अशुतोष डुम्बरे के नेतृत्व में ठाणे पुलिस विभाग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रिकॉर्ड तोड़ सफलता दर्ज की है। विभाग ने दर्ज अपराध मामलों में 75% की शानदार समाधान दर हासिल की है, जो पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन गई है।

सीपी डुम्बरे ने इस सफलता को अपनी टीम की अथक मेहनत और आधुनिक तकनीक के कुशल उपयोग का नतीजा बताया है। ठाणे पुलिस ने अपराध नियंत्रण और जांच में कई नई और प्रभावशाली रणनीतियां अपनाई हैं, जिनमें डिजिटल निगरानी, डेटा एनालिटिक्स, और सामुदायिक पुलिसिंग प्रमुख हैं।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल ठाणे में कानून-व्यवस्था को नई मजबूती दी है, बल्कि अपराधियों के मन में खौफ भी पैदा किया है। सीपी डुम्बरे ने अपनी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, और भविष्य में ठाणे पुलिस और भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग हमेशा तत्पर रहेगा।

यह सफलता न केवल ठाणे पुलिस के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र पुलिस बल के लिए एक प्रेरणा है। ठाणे पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून के शिकंजे से बच पाना अब असंभव है।










उल्हासनगर में फर्जी वसूली मामले की गूंज: भू-माफियाओं की साजिश उजागर, क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी, दोषियों पर होगी कार्रवाई।


 





ठाणे/उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी 

उल्हासनगर में भू-माफियाओं की ओर से दर्ज कराए गए 1 करोड़ रुपये की फर्जी वसूली के मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। बिना किसी सबूत के प्रहार जनशक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल और राष्ट्र कल्याण पार्टी के अध्यक्ष शैलेश तिवारी के खिलाफ दर्ज वसूली का मामला फर्जी साबित होने की ओर बढ़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पिछले महीने की 28 तारीख को हिललाइन पुलिस स्टेशन में आरोप लगाया गया था कि स्वप्निल पाटिल और शैलेश तिवारी ने 1 करोड़ रुपये की वसूली की मांग की और 5 लाख रुपये प्राप्त किए। इस आरोप के समर्थन में कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। पाटिल ने पहले ही पुलिस विभाग को सूचित किया था कि भू-माफिया उनकी छवि खराब करने के लिए ऐसे फर्जी मामले दर्ज करवा सकते हैं।

पाटिल ने आरोप लगाया कि यह मामला उल्हासनगर के नगर नियोजक ललित खोब्रागड़े द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए गढ़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह साजिश भ्रष्टाचार को उजागर करने वालों को दबाने की कोशिश है।

आमरण अनशन और बड़ा समर्थन

आज, 3 जनवरी 2025, को इस फर्जी मामले के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पाटिल और उनके समर्थकों ने ठाणे के पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू किया। इस आंदोलन को ठाणे जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों का जबरदस्त समर्थन मिला। राज्य के पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व विधायक ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने भी आंदोलन की गंभीरता को समझते हुए पुलिस आयुक्त से मुलाकात की।

पुलिस आयुक्त का बड़ा कदम

पुलिस आयुक्त ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने का फैसला किया। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इस साजिश में शामिल दोषियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जनता की एकजुटता और न्याय की उम्मीद

इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल भू-माफियाओं की साजिश को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि जब समाज के लोग और कार्यकर्ता एकजुट होते हैं, तो फर्जी मामलों का सच सामने आता है। इस जीत को प्रहार जनशक्ति पार्टी और अन्य सामाजिक संगठनों ने जनता की जीत करार दिया है।

भ्रष्टाचार और फर्जी मामलों के खिलाफ बड़ा संदेश

यह घटना एक बड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार और फर्जी मामलों के खिलाफ लड़ाई में सच्चाई की जीत सुनिश्चित की जा सकती है। उल्हासनगर के लोग अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।








ठाणे में झूठे एफआईआर पर मचा हड़कंप: सामाजिक कार्यकर्ता करेंगे अनशन, एसआईटी जांच की मांग।


 



ठाणे/उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी 

ठाणे में एक झूठे एफआईआर के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले प्रमुख व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनके और उनके सहयोगी श्री शैलेश तिवारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर नंबर 902/2024 पूरी तरह से झूठा है और इसे उन्हें बदनाम करने के लिए रचा गया है। इस मामले में उन्होंने 3 जनवरी 2025 से ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।

क्या है मामला?

28 दिसंबर 2024 को ठाणे के हिल लाइन पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता राजेश जेमनानी ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर पर जाकर 25 लाख रुपये की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह फिरौती सामाजिक कार्यकर्ता और उनके सहयोगी के नाम पर मांगी गई। एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 308(3), 308(5), 308(4), 351(2), 352, और 3(5) के तहत दर्ज की गई है।

संदिग्ध परिस्थितियां और आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मामले को "पूर्व नियोजित साजिश" करार देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए:

1. पूर्व चेतावनी पर सवाल: शिकायतकर्ता ने घटना से 5 दिन पहले ही समाचार पत्रों और पुलिस को फिरौती की आशंका व्यक्त की थी। ऐसे में जब अज्ञात व्यक्ति 5 लाख रुपये लेने आया, तो उसे रंगे हाथों क्यों नहीं पकड़ा गया?

2. सीसीटीवी की अनदेखी: पुलिस ने घटना के बाद तुरंत इलाके की सीसीटीवी फुटेज को क्यों नहीं जब्त किया?

3. पुलिस की मिलीभगत: सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस और भू-माफिया के बीच मिलीभगत के कारण यह झूठा मामला दर्ज किया गया।

भ्रष्टाचार की ओर इशारा

सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने 5 लाख रुपये नकद में अज्ञात व्यक्ति को दिए, जो बेहद संदिग्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि कहां से आई और इसका स्रोत क्या है?

उच्चस्तरीय जांच की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता ने झूठे एफआईआर की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) के गठन की मांग की है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की अपील की कि:

अज्ञात व्यक्ति की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाए।

नकद लेन-देन के स्रोत की जांच हो।

शिकायतकर्ता और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।

अनशन की चेतावनी

सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि अगर 3 जनवरी 2025 तक निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई, तो वे ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर सभी सामाजिक संगठनों और जनता से समर्थन की अपील की है।

सामाजिक संगठनों का समर्थन बढ़ा

इस घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में आवाज बुलंद की है। ठाणे और आसपास के क्षेत्र में इस मामले ने जनांदोलन का रूप ले लिया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई

यह मामला सिर्फ झूठे एफआईआर तक सीमित नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस साजिश के पीछे ठाणे में करोड़ों के टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) और डीआरसी (डेवलपमेंट राइट सर्टिफिकेट) घोटाले को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव

ठाणे के नागरिक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वालों को झूठे मामलों में फंसाकर चुप कराया जाएगा।










कल्याण कांड: 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या, CM फडणवीस का सख्त रुख, चार महीने में सजा का आश्वासन।


(फाइल फोटो)

ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

कल्याण में 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या के जघन्य अपराध ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। यह दिल दहला देने वाली घटना 23 दिसंबर को हुई थी, जब मासूम बच्ची अपनी मां से पैसे लेकर घर से कुछ खाने के लिए निकली थी और फिर कभी वापस नहीं लौटी।

पुलिस ने इस मामले में विशाल गवळी नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद से ही पूरे राज्य में रोष व्याप्त है और लोग दोषी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री का सख्त रुख:

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर गंभीर संज्ञान लिया है और स्वयं हस्तक्षेप करते हुए ज्येष्ठ वकील उज्वल निकम को इस मामले की पैरवी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को चार महीने के भीतर सजा दिलाई जाएगी।

पीड़ित परिवार को न्याय का आश्वासन:

पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और न्याय की मांग की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और आरोपी को सजा दिलाई जाएगी।

ठाणे पुलिस आयुक्त का आदेश:

ठाणे पुलिस आयुक्त ने इस मामले में 30 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।

जनता में रोष:
इस घटना ने पूरे राज्य में लोगों को हिलाकर रख दिया है। लोग इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने की मांग कर रहे हैं और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।















ठाणे में हत्या के आरोपी की अदालत में शर्मनाक हरकत: न्यायाधीश पर चप्पल फेंकी, नया केस दर्ज।


(फाइल फोटो)

ठाणे/कल्याण: दिनेश मीरचंदानी 

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सत्र अदालत में सुनवाई के दौरान हुई एक चौंकाने वाली घटना ने न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को हत्या के एक गंभीर मामले की सुनवाई के दौरान, 22 वर्षीय आरोपी किरण संतोष भरम ने अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए सत्र न्यायाधीश आर.जी. वाघमारे पर चप्पल फेंक दी। हालांकि, यह चप्पल न्यायाधीश तक नहीं पहुंची और मेज के सामने लकड़ी के फ्रेम से टकराकर न्यायपीठ लिपिक के पास जा गिरी।

अदालत में बढ़ता असंतोष: आरोपी ने दी अदालत बदलने की मांग

घटना के समय आरोपी ने न्यायाधीश से अनुरोध किया था कि उसके मामले को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित किया जाए। न्यायाधीश ने उसे अपने वकील के माध्यम से उचित आवेदन करने का निर्देश दिया। लेकिन जब आरोपी का वकील सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुआ, तो अदालत ने आरोपी को किसी अन्य वकील का नाम सुझाने के लिए कहा और नई सुनवाई की तारीख निर्धारित कर दी।

इस दौरान आरोपी ने अदालत के निर्देशों की अनदेखी करते हुए गुस्से में अपनी चप्पल निकालकर न्यायाधीश की ओर फेंक दी। इस अप्रत्याशित घटना से अदालत में मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।

कानून के खिलाफ अपराध पर कानून का वार

इस शर्मनाक हरकत के बाद महात्मा फुले पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 132 (लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और धारा 125 (दूसरों के जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

न्यायपालिका की गरिमा पर हमला

अदालतें न्याय का मंदिर मानी जाती हैं, और ऐसे मामलों में न्यायपालिका पर हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे तंत्र पर हमला माना जाता है। ठाणे की यह घटना न केवल आरोपी के कानूनी संकट को गहरा सकती है, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया में अनुशासन और गरिमा को बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

पुलिस ने शुरू की कड़ी जांच

पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। वहीं, इस घटना ने कानून के जानकारों और आम जनता के बीच अदालतों की सुरक्षा और गरिमा के मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है।

न्याय व्यवस्था पर सवाल या आरोपी की हताशा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आरोपी द्वारा ऐसी हरकत उसके हताशा भरे मनोविज्ञान को दर्शाती है। हालांकि, यह घटना भारतीय न्याय प्रणाली में अनुशासन बनाए रखने और अदालतों में उचित व्यवहार के महत्व को फिर से स्थापित करने का एक गंभीर संदेश देती है।

यह घटना न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान और विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करती है। ऐसे में न्यायपालिका और प्रशासन के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो जाता है कि अदालतों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









ठाणे क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन स्क्वाड ने सशस्त्र लूटपाट करने वाले गिरोह को दबोचा, ₹22 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद।





ठाणे: दिनेश मीरचंदानी
17 दिसंबर 2024.

ठाणे सिटी क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन स्क्वाड ने एक सनसनीखेज सशस्त्र लूटपाट के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक सात सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार कर ₹21.97 लाख की लूटी गई नकदी और अपराध में प्रयुक्त हथियारों व वाहनों को बरामद किया। यह कार्रवाई 05 दिसंबर 2024 की रात नासिक-मुंबई हाईवे पर ठाणे वेस्ट के कैडबरी जंक्शन पर हुई लूटपाट के मामले में की गई।

घटना का पूरा विवरण:

05 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे, शिकायतकर्ता श्रीमती सुनीता सिल्वराज पिल्लई (45 वर्ष), निवासी उल्हासनगर 4, मुंबई जा रही थीं। उनकी कार को मुंबई लेन पर कैडबरी जंक्शन के पास पीछा कर सशस्त्र आरोपियों ने जबरन रोक लिया। अपराधियों ने कार चालक को धमकाया और शिकायतकर्ता की कार का बायां दरवाजा जबरन खोल दिया।

श्रीमती पिल्लई के विरोध के बावजूद, आरोपियों ने उनकी सीट पर रखे दो बैग छीन लिए, जिनमें 50,000 सऊदी रियाल (भारतीय मुद्रा में लगभग ₹11.29 लाख) और ₹1 लाख की भारतीय नकदी थी। लूट की कुल रकम ₹12.29 लाख थी। घटना के बाद आरोपियों ने तेजी से फरार होकर पुलिस को चुनौती दी।

राबोड़ी पुलिस स्टेशन में इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 310(2), 309(6), 3(5), 49, शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 3, 25 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)135 के तहत मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपी:

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। ये हैं:

1. मोहित हेमंत हिंदुजा (उम्र 19), निवासी उल्हासनगर 3, ठाणे

2. वरुण नरेश होतवानी (उम्र 20), निवासी उल्हासनगर 3, ठाणे

3. रोहन सतीश रेडकर उर्फ बाबू (उम्र 19), निवासी उल्हासनगर 3, ठाणे

4. स्वप्निल दिलीप ससाने उर्फ बाबूराव (उम्र 22), बेरोजगार, निवासी उल्हासनगर 1, ठाणे

5. अनवर सुबानी शेख, निवासी उल्हासनगर 1, ठाणे

6. नीता विष्णु मंजुआ उर्फ भक्ती (उम्र 40), निवासी कल्याण वेस्ट, ठाणे

7. एक नाबालिग आरोपी

बरामद सामान:

पुलिस ने लूट की कुल ₹21,97,611 की संपत्ति बरामद की, जिसमें नकदी, अपराध में प्रयुक्त वाहन (मारुति अर्टिगा कार, होंडा शाइन बाइक, सुजुकी एक्सेस मोटरसाइकिल), एक देशी पिस्तौल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन शामिल हैं।

पुलिस कार्रवाई:

सभी आरोपियों को 19 दिसंबर 2024 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील तारमाले के नेतृत्व में की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन:

यह शानदार ऑपरेशन माननीय पुलिस आयुक्त श्री अशुतोष धुंबरे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री पंजाबराव उगले, उप पुलिस आयुक्त श्री अमर सिंह जाधव, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) एवं प्रभारी अधिकारी एंटी-एक्सटॉर्शन स्क्वाड श्री शेखर बगड़े और श्री राजकुमार डोंगरे के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।

जांच टीम की उपलब्धि:

इस चुनौतीपूर्ण मामले में पुलिस निरीक्षक नरेंद्र पवार, सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील तारमाले, श्रीकृष्ण गोरे, भूषण कपदनीस, पुलिस उप निरीक्षक विजय कुमार राठौड़, सुबोध तावड़े, संजय बाबर, संदीप भोसले, हेड कांस्टेबल दीपक गडगे, आशीष ठाकुर, संजय राठौड़, सचिन शिंदे, योगीराज कानडे, अभिजीत गायकवाड़, महिला हेड कांस्टेबल शीतल पावसकर, पुलिस नाईक रविंद्र हसे, अरविंद शेजवाले, तानाजी पाटिल, संतोष वाइकर, महिला नाईक मयूरी भोसले और कांस्टेबल भगवान हिवरे की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सार:

पुलिस की तेजी और सटीक कार्रवाई ने ठाणे में बढ़ते अपराध पर कड़ी चोट की है। ठाणे सिटी क्राइम ब्रांच का यह ऑपरेशन न केवल एक सफल पुलिसिंग का उदाहरण है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।











भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन: प्रहार जनशक्ति पार्टी ठाणे जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल की अगुवाई में तीन प्रमुख विभागों पर कार्रवाई की तैयारी।


(फाइल इमेज)

ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

प्रहार जनशक्ति पार्टी के ठाणे जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल व राष्ट्र कल्याण पार्टी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा है। विभिन्न सरकारी विभागों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ तीन प्रमुख आंदोलनों की घोषणा की गई है, जिसमें संबंधित विभागों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

घोषित आंदोलन इस प्रकार हैं:

1. नगररचना विभाग के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन:

16 दिसंबर 2024 को उमा नगररचना विभाग के खिलाफ निदेशक कार्यालय, पुणे में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और शहर की योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं।

2. दिव्यांग कल्याणकारी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन:

दिव्यांगों के कल्याण के लिए बने सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने के बाद पार्टी ने पुणे स्थित दिव्यांग कल्याणकारी विभाग के कार्यालय पर जोरदार आंदोलन की योजना बनाई है। पार्टी का कहना है कि विभाग के अधिकारियों द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं में भारी अनियमितता की गई है।

3. पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्रवाई की मांग:

पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) में भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस उपेक्षा के खिलाफ पार्टी ने महासंचालक भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, वरली कार्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

प्रहार पार्टी व राष्ट्रकल्याण पार्टी की कड़ी चेतावनी:

प्रहार जनशक्ति पार्टी के ठाणे जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल व राष्ट्र कल्याण पार्टी के शैलेश तिवारी जी ने साफ शब्दों में कहा, “हम इन विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। हमारी ओर से तमाम दस्तावेजी सबूत पेश किए जा चुके हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में पार्टी को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।”

एडवोकेट स्वप्निल पाटिल ने यह भी कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक भ्रष्ट अधिकारियों और विभागों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। प्रहार जनशक्ति पार्टी ने जनता से भी अपील की है कि वे इन आंदोलनों में शामिल होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें।








ठाणे में भव्य शिव प्रताप दिवस समारोह: IRS अधिकारी समीर वानखेड़े ने छत्रपति शिवाजी महाराज को दी श्रद्धांजलि, नशा मुक्त भारत का लिया संकल्प।


 



ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक विजय के प्रतीक शिव प्रताप दिवस के अवसर पर ठाणे में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर IRS अधिकारी समीर वानखेड़े ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया और छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।

समारोह में समीर वानखेड़े ने शिवाजी महाराज की वीरता, नेतृत्व और दूरदर्शिता को आज की पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक आदर्श बताते हुए कहा, “शिवाजी महाराज की तरह हमें भी साहस और दृढ़ संकल्प के साथ समाज को नशामुक्त बनाने के लिए कार्य करना होगा। यह उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

नशा मुक्त भारत का संकल्प:

IRS अधिकारी वानखेड़े ने युवाओं को नशे से दूर रखने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए समाज में नशा उन्मूलन अभियान को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की तरह चुनौतियों का सामना करते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए सक्रिय प्रयास जरूरी हैं।

राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता:

समारोह में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और युवा संगठनों ने भी शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा और सामाजिक सुधार के लिए काम करने का संकल्प लिया।

समारोह का समापन "जय भवानी, जय शिवाजी" के जोशीले नारों और देशभक्ति के वातावरण के बीच हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम और समाज सुधार का संदेश गूंज उठा।









ठाणे में बीजेपी विधायक संजय केलकर ने जीत के बाद सिंधी समुदाय को दिया धन्यवाद, वरिष्ठ नागरिकों से की विशेष मुलाकात।





ठाणे: दिनेश मीरचंदानी 

ठाणे विधानसभा क्षेत्र से विजयी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक श्री संजय केलकर ने चुनाव जीतने के बाद पहली बार समुदाय से जुड़ने के लिए वरिष्ठ नागरिक श्रीमती वीना भाटिया जी के निवास स्थान पर विशेष भेंट की। इस दौरान उन्होंने सिंधी समुदाय का भाजपा को दिए गए निरंतर और सशक्त समर्थन के लिए हार्दिक आभार प्रकट किया।

श्री केलकर ने इस अवसर पर कहा, "सिंधी समुदाय ने हमेशा भाजपा के विचारों और सिद्धांतों पर विश्वास जताया है। यह समर्थन और भरोसा हमारे लिए बहुत अहम है। मैं व्यक्तिगत रूप से आप सभी का धन्यवाद करता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करूंगा।"

इस महत्वपूर्ण मुलाकात में सिंधी समुदाय के प्रमुख गणमान्य व्यक्ति, जिनमें श्री सचिन पंजाबी, श्री अनिल भाटिया, श्री खुबचंद सेजवानी और श्री गंगाराम अमेसर शामिल थे, उपस्थित रहे। सभी ने विधायक के साथ पार्टी और समुदाय के बेहतर समन्वय और विकास के लिए चर्चा की।

श्रीमती वीना भाटिया ने विधायक श्री केलकर को आशीर्वाद देते हुए सिंधी समुदाय की ओर से समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक का माहौल बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रहा।

श्री केलकर की यह पहल भाजपा और सिंधी समुदाय के गहरे और मजबूत संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करती है। यह न केवल ठाणे में भाजपा की विजय का जश्न है, बल्कि समुदाय के साथ परस्पर विश्वास और सहयोग का प्रतीक भी है।

भाजपा की यह जीत और विधायक श्री केलकर की इस अनूठी पहल ने पार्टी और समुदाय के संबंधों को एक नई दिशा दी है।