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🏆*पत्रकारिता जगत में नई जिम्मेदारी: नीतू विश्वकर्मा को VOM इंटरनेशनल फोरम में महाराष्ट्र राज्य संयोजक नियुक्त किया गया* *पत्रकारों के हितों, मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के विकास के लिए निभाएंगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी*


 




ठाणे/महाराष्ट्र: दिनेश मीरचंदानी

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य, सामाजिक सक्रियता, संगठनात्मक योगदान तथा पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर प्रयासों को देखते हुए नीतू विश्वकर्मा को Voice of Media (VOM) International Forum में महाराष्ट्र राज्य संयोजक के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।

VOM इंटरनेशनल फोरम की ओर से जारी नियुक्तिपत्र के अनुसार यह नियुक्ति 9 अगस्त 2026 को की गई है। नियुक्तिपत्र में नीतू विश्वकर्मा के पत्रकारिता क्षेत्र में किए गए कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा पत्रकारों के हित में किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण माना गया है।

🔥 पत्रकारों की आवाज को मजबूत करने की जिम्मेदारी

नियुक्तिपत्र में उल्लेख किया गया है कि संगठन के उद्देश्यों, नीतियों और पत्रकारिता से जुड़े उपक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए नीतू विश्वकर्मा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा है।

नई जिम्मेदारी के तहत वे महाराष्ट्र में पत्रकारों को संगठित करने, पत्रकारों की समस्याओं एवं प्रश्नों को प्रभावी मंच तक पहुंचाने, पत्रकारिता क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक पहल करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने में योगदान देंगी।

यह जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने और मीडिया जगत के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का महत्वपूर्ण दायित्व भी है।

📰 मीडिया जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

आज के दौर में पत्रकारों के सामने कार्यस्थल की चुनौतियां, पत्रकारिता की स्वतंत्रता, डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका, पत्रकारों की सुरक्षा, आर्थिक एवं व्यावसायिक समस्याएं और विश्वसनीय पत्रकारिता को बनाए रखने जैसी अनेक चुनौतियां हैं।

ऐसे समय में महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में राज्य संयोजक की जिम्मेदारी संगठन और पत्रकार समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

🎉 नीतू विश्वकर्मा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

Shaurya Times परिवार की ओर से नीतू विश्वकर्मा को इस महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई।

हमें विश्वास है कि वे अपनी पत्रकारिता के अनुभव, निर्भीक सोच, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय कार्यशैली के माध्यम से महाराष्ट्र के पत्रकार समुदाय की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाएंगी तथा VOM इंटरनेशनल फोरम के उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगी।

नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं—यह पद पत्रकारिता के प्रति आपकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करे। 🇮🇳📰

📌 नियुक्ति की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी संगठन:

Voice of Media (VOM) International Forum

नियुक्त व्यक्ति: नीतू विश्वकर्मा

पद : महाराष्ट्र राज्य संयोजक

नियुक्ति दिनांक

9 अगस्त 2026

क्षेत्र महाराष्ट्र नियुक्तिपत्र



















महाराष्ट्र नगरपालिका विधेयक 2026: लोकप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों की प्रशासन में दखलंदाजी पर अब सख्ती होगी। पति-पत्नी, बच्चों या अन्य रिश्तेदारों द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाना अपराध माना जाएगा। CM देवेंद्र फडणवीस सरकार का बड़ा कदम।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों और औद्योगिक नगरियों के कामकाज में लोकप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

महाराष्ट्र नगर परिषद विधेयक 2026 में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनके तहत लोकप्रतिनिधियों की ओर से उनके पति-पत्नी, बच्चों या अन्य रिश्तेदारों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाना अथवा सरकारी कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप करना अपराध माना जा सकता है।

सरकार का मानना है कि स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत महत्वपूर्ण है, लेकिन उनके नाम पर परिवार के सदस्यों या अन्य रिश्तेदारों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव डालना व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है।

प्रस्तावित प्रावधानों का उद्देश्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रशासन को अनावश्यक राजनीतिक और पारिवारिक दबाव से मुक्त रखना है। इससे अधिकारियों को नियमों के अनुसार स्वतंत्र रूप से काम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लाए जा रहे महाराष्ट्र नगर परिषद विधेयक 2026 में प्रशासनिक कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति लोकप्रतिनिधि के नाम या उनकी ओर से प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है।

इस कदम से स्थानीय निकायों में अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच अधिकारों की स्पष्ट सीमा तय होने की उम्मीद है। साथ ही, सरकारी निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Maharashtra Municipal Council Bill 2026 | Bill No. 251SP















उल्हासनगर में 58 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस ने परिजनों की तलाश शुरू की।


 

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर-3 के मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 58 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा इसे अकस्मात मृत्यु के रूप में दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। मृत महिला की पहचान पुष्पा रमेश पवार (58) के रूप में हुई है। पुलिस ने महिला के परिजनों या परिचितों की जानकारी रखने वाले लोगों से पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की अपील की है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पुष्पा रमेश पवार बैरक नंबर 1132, इमली पाड़ा, फॉरेस्ट लाइन, उल्हासनगर-3, जिला ठाणे की निवासी थीं। बताया गया है कि उनकी तबीयत 26 मार्च 2026 से खराब चल रही थी और वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही थीं।

पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:45 बजे एक महिला उनसे मिलने पहुंची। उस दौरान पुष्पा पवार के शरीर में कोई हलचल दिखाई नहीं दी। इसके बाद आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें मध्यवर्ती अस्पताल, उल्हासनगर-3 ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद करीब रात 8:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महिला का हुलिया

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मृतका की उम्र 58 वर्ष, कद करीब 5 फीट 3 इंच और रंग सांवला था। उनकी कद-काठी मजबूत थी। बाल काले-सफेद तथा दांत साबुत थे। शरीर पर किसी विशेष पहचान चिन्ह या गोदने की जानकारी नहीं मिली है। दोनों पैरों में घुटनों के नीचे पुरानी चोटों के निशान बताए गए हैं। मृत्यु के समय उन्होंने फूलों के डिजाइन वाली काले, भगवा और नीले रंग की कुर्ती पहन रखी थी।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया महिला की मौत किसी शारीरिक बीमारी के कारण होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मामले में आवश्यक पुलिस प्रक्रिया और जांच जारी है।

परिजनों से संपर्क की अपील

मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को पुष्पा रमेश पवार के परिजनों, रिश्तेदारों या परिचितों के बारे में कोई जानकारी हो, तो वह तत्काल पुलिस से संपर्क करे, ताकि मृतका के परिवार तक सूचना पहुंचाई जा सके।

📞 मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन, उल्हासनगर-3:

0251-2706900 / 8108112242


















उल्हासनगर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में स्टाफ की कमी से कामकाज प्रभावित, व्यवस्था पर उठे सवाल।

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित होने की चर्चा सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों और संबंधित कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं होने के कारण कार्यालयीन कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई मामलों में फाइलों और दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यालय में बैठाने की चर्चा

वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यालय में बुलाकर बैठाया गया है और उनसे कार्यालयीन कार्यों से संबंधित जिम्मेदारियां लिए जाने की चर्चा है। इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और इसे नियमों के अनुरूप है या नहीं, इस पर स्पष्टता की मांग की जा रही है। 

हालांकि, सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यालय में बैठाने और उनसे किसी प्रकार का कार्य लिए जाने संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग

उल्हासनगर की जनता ने महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से जुड़े कार्य समय पर पूरे हो सकें।

जनता की मांग है कि शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार स्टाफ की नियुक्ति या उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और यदि नियमों के विपरीत किसी प्रकार की व्यवस्था की गई है तो उसकी भी जांच की जाए।

उल्हासनगर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में एक अलग ही स्थिति सामने आने की चर्चा है। जानकारी के मुताबिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी कार्यालय में काम कर रहे हैं, जबकि स्कूलों में नियुक्त शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय कार्यालयीन कार्यों में लगाए जा रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि शिक्षकों को कार्यालय में काम करने के लिए कोई लिखित आदेश भी जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बिना लिखित आदेश शिक्षकों से कार्यालयीन काम करवाए जाने को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

अब देखना होगा कि उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन और आयुक्त मनीषा आव्हाले इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के लिए क्या निर्णय लिया जाता है।















🚩 शिवसेना संगठन को और मजबूत करने के उद्देश्य से नगरसेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसी शिविर में शामिल होने के लिए उल्हासनगर के शिवसेना नगरसेवक कलानी महल से रवाना हुए।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

शिवसेना संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने तथा जनसेवा को प्रभावी बनाने की दिशा में पार्टी की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है। उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे के आदेश एवं सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में उल्हासनगर महानगरपालिका के नगरसेवकों के लिए रामभाऊ म्हालगी प्रशिक्षण प्रबोधिनी, उत्तन (भाईंदर) में विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।

9 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण शिविर के लिए आज कलानी महल से नगरसेवकों ने प्रस्थान किया। शिविर का उद्घाटन सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के शुभहस्ते किया जाएगा, जबकि 11 अगस्त को शाम 5 बजे होने वाले समापन कार्यक्रम में मंत्री श्री संजय शिरसाट उपस्थित रहेंगे।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान नगरसेवकों को संगठनात्मक कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्था, जनप्रतिनिधि के दायित्व और प्रभावी जनसेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण शिवसेना के नगरसेवकों को भविष्य में बेहतर तरीके से जनता के बीच काम करने और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर शिवसेना नेता कमलेश निकम ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के माध्यम से जनसेवा को और प्रभावी बनाया जा सकता है तथा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है।

यह प्रशिक्षण शिविर विशेष रूप से नगरसेवकों के लिए आयोजित किया गया है और सभी नगरसेवकों की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।

इस आयोजन में आनंद परांजपे, संगठन प्रमुख महाराष्ट्र राज्य, तथा गोपाल लांडगे, जिलाप्रमुख कल्याण सहित संगठन के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

शिवसेना की ओर से संगठनात्मक क्षमता बढ़ाने, जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने और जमीनी स्तर पर जनसेवा को और प्रभावी बनाने की दिशा में इस प्रशिक्षण शिविर को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उल्हासनगर के शिवसेना नेता कमलेश निकम ने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण शिविर के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कार्यसम्राट सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के कुशल नेतृत्व में शिवसेना संगठन को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिवसेना पूरे महाराष्ट्र में नंबर वन पार्टी के रूप में उभरेगी।


















बांद्रा में फिर समीर वानखेडे!14 अगस्त को गेटी-गैलेक्सी के बाहर ‘भव्य नशामुक्ति अभियान’ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

ड्रग्स और नशे के खिलाफ युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार की ओर से 14 अगस्त 2026 को मुंबई के बांद्रा में ‘भव्य नशामुक्ति अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में होने वाले इस अभियान में पूर्व NCB अधिकारी समीर वानखेडे भी शामिल होंगे।

कार्यक्रम का आयोजन 14 अगस्त की सुबह 10:30 बजे बांद्रा स्थित गेटी-गैलेक्सी सिनेमा के बाहर किया जाएगा। अभियान में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की बढ़ती समस्या के प्रति जागरूक करना और उन्हें ड्रग्स से दूर रहने का संदेश देना है।

बांद्रा और समीर वानखेडे का पुराना कनेक्शन

समीर वानखेडे की बांद्रा में मौजूदगी इसलिए भी चर्चा का विषय बन रही है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स मामले के दौरान वानखेडे राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे। उस मामले की जांच और उससे जुड़ी कार्रवाई को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस देखने को मिली थी।

अब कई वर्षों बाद उसी बांद्रा इलाके में ड्रग्स के खिलाफ आयोजित एक बड़े जनजागरूकता अभियान में वानखेडे की मौजूदगी एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।

युवाओं को नशे से दूर रखने पर रहेगा जोर

‘भव्य नशामुक्ति अभियान’ के दौरान विद्यार्थियों और युवाओं को ड्रग्स के स्वास्थ्य, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। अभियान के जरिए युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील किए जाने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी को देखते हुए इसे युवाओं के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

14 अगस्त पर टिकी नजरें

समीर वानखेडे की मौजूदगी के कारण इस कार्यक्रम को लेकर सार्वजनिक और मीडिया स्तर पर भी उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि, कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य नशामुक्ति और जनजागरूकता है और फिलहाल किसी नए विवाद या कार्रवाई की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

ऐसे में 14 अगस्त को बांद्रा के गेटी-गैलेक्सी के बाहर होने वाला यह अभियान युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता के साथ-साथ समीर वानखेडे की मौजूदगी के कारण भी चर्चा में रहने की संभावना है।















उल्हासनगर की सियासत में AKK की तिकड़ी का बढ़ता दबदबा, अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह की जोड़ी की शहरभर में चर्चा।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर की स्थानीय राजनीति में इन दिनों AKK की तिकड़ी—अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। महानगरपालिका की सत्ता और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में इस तिकड़ी की बढ़ती सक्रियता को लेकर शहर में तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं।

स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह के बीच बढ़ता राजनीतिक तालमेल उल्हासनगर की राजनीति में एक नए समीकरण की ओर इशारा कर रहा है। यही वजह है कि इन तीनों नेताओं की गतिविधियों और उनके बीच दिखाई देने वाली नजदीकियों पर राजनीतिक जानकारों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी नजर बनी हुई है।

महानगरपालिका की सत्ता में प्रभाव को लेकर चर्चा

उल्हासनगर महानगरपालिका की सत्ता से जुड़े विभिन्न राजनीतिक फैसलों और गतिविधियों के बीच AKK की तिकड़ी के प्रभाव को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। शहर की स्थानीय राजनीति में यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आने वाले समय में यह राजनीतिक समीकरण महानगरपालिका की सत्ता और संगठनात्मक स्तर पर किस तरह की भूमिका निभाता है।

डॉ. श्रीकांत शिंदे के करीबी माने जाने की चर्चा

राजनीतिक हलकों में अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह को शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के करीबी नेताओं में भी माना जाता है। इसी राजनीतिक नजदीकी के चलते उल्हासनगर में AKK की तिकड़ी को लेकर चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

हालांकि, इस तिकड़ी की राजनीतिक भूमिका और भविष्य की रणनीति को लेकर अभी कई बातें राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित हैं। आने वाले दिनों में इनके बीच तालमेल और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों का असर उल्हासनगर की राजनीति पर कितना पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

फिलहाल, AKK की तिकड़ी उल्हासनगर की राजनीति में चर्चा का नया केंद्र बन गई है और शहर के राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तक इनके नाम और राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चाएं जारी हैं।