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आबकारी विभाग में तनाव का माहौल? कल्याण कार्यालय के द्वितीय निरीक्षक को हार्ट अटैक, ICU में इलाज जारी। महिला कर्मचारी के बाद अब निरीक्षक की तबीयत बिगड़ने से अधीक्षक की कथित कार्यशैली पर सवाल उठे।


कल्याण: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र राज्य आबकारी विभाग के ठाणे-2 (कल्याण) कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित मानसिक दबाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, कार्यालय में कार्यरत एक द्वितीय निरीक्षक को अचानक दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तत्काल गोरेगांव के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ICU में उपचार जारी बताया जा रहा है। उनकी स्थिति गंभीर होने की जानकारी सामने आई है।

इस घटना के बाद विभाग के भीतर काम के दबाव और कथित तनावपूर्ण कार्य वातावरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या लगातार बढ़ता काम का बोझ और कथित मानसिक दबाव कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है?

⚠️ पहले महिला कर्मचारी, अब द्वितीय निरीक्षक

कल्याण आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ कर्मचारियों द्वारा अतिरिक्त कार्यभार, कथित मानसिक दबाव, अनुचित व्यवहार, छुट्टी से जुड़े मामलों और अवकाश के दिनों में भी काम करने के लिए बुलाए जाने जैसी शिकायतें किए जाने की जानकारी है।

इसी बीच, पहले एक महिला कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण की जांच चल रही है। अब द्वितीय निरीक्षक को दिल का दौरा पड़ने की घटना ने विभागीय कामकाज और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

हालांकि, इन स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं और कार्यालय में कथित तनाव के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

🔥 कर्मचारियों में कथित डर और दबाव का माहौल?

विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारी और कर्मचारी काम के दौरान मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कर्मचारी अपनी शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों के सामने खुलकर रखने से हिचकिचाते हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभाग में कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था मौजूद है? यदि किसी कर्मचारी को वरिष्ठ अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत हो, तो क्या वह बिना किसी डर के अपनी बात रख सकता है?

🔎 विभागीय जांच जारी

मिली जानकारी के अनुसार, पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी अधीक्षक प्रवीण तांबे को सौंपी गई है। जांच के तहत 31 अगस्त को कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रारंभिक बयान दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के अगले चरण में 8 सितंबर को विस्तृत बयान दर्ज किए जाने की संभावना है।

जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद है

- कर्मचारियों पर कथित अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति;

- कार्यालय के वातावरण और मानसिक दबाव से जुड़ी शिकायतें;

- छुट्टियों से संबंधित शिकायतें;

- अवकाश के दिनों में काम करने के कथित दबाव की जांच;

- अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ व्यवहार संबंधी आरोप;

- महिला कर्मचारी और द्वितीय निरीक्षक की स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं का कार्यालयीन परिस्थितियों से कोई संबंध है या नहीं।

⚖️ अब वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर नजर

इस पूरे प्रकरण में अब महाराष्ट्र राज्य आबकारी विभाग के आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख और विभागीय उपआयुक्त की भूमिका पर भी नजरें टिकी हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच केवल विभागीय प्रक्रिया तक सीमित रहेगी या आरोपों की गंभीरता को देखते हुए ठोस प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी?

साथ ही यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान कर्मचारियों को बिना किसी दबाव या भय के अपनी बात रखने का अवसर मिलता है या नहीं।

🚨 जांच से सामने आएगी असली तस्वीर?

एक के बाद एक कर्मचारियों की तबीयत से जुड़ी गंभीर घटनाओं के सामने आने के बाद कल्याण आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं को सीधे कार्यालयीन तनाव से जोड़ना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।

इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और विस्तृत जांच जरूरी मानी जा रही है, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित दबाव साबित होता है तो उचित कार्रवाई की जा सके।

संबंधित अधीक्षक उत्तम राजाराम शिंदे और विभागीय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना अपेक्षित है।

अब निगाहें 8 सितंबर को होने वाली अगली जांच प्रक्रिया और दर्ज किए जाने वाले बयानों पर हैं। जांच का निष्कर्ष क्या निकलता है और वरिष्ठ प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।



















कल्याण-उल्हासनगर क्षेत्र के चर्चित बिल्डर जयराम नेहलानी के कथित अपहरण से सनसनी, पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच तेज।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

कल्याण-उल्हासनगर क्षेत्र के चर्चित बिल्डर एवं एस्टेट एजेंट जयराम नेहलानी के कथित अपहरण की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे गोलमैदान परिसर से कुछ अज्ञात लोगों द्वारा जयराम नेहलानी को कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले जाने की घटना सामने आई है। हालांकि, मामले की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलते ही उल्हासनगर पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े संभावित सुरागों की जांच की जा रही है तथा कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किए गए सफेद और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहनों की भी तलाश एवं ट्रेसिंग की जा रही है।

🔎 कई सवालों के बीच जांच जारी

घटना के पीछे क्या कारण है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस विभिन्न संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मामला किसी व्यक्तिगत या व्यावसायिक विवाद से जुड़ा है अथवा इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जयराम नेहलानी की सुरक्षित तलाश और घटना में शामिल लोगों की पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है। संभावित मार्गों, संदिग्ध वाहनों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

🚔 वरिष्ठ अधिकारी मामले पर रख रहे नजर

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सचिन गोरे, एसीपी शंकर अवताड़े और सीनियर पीआई सुभाष आहवाड जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों और संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

📹 CCTV व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल

इस घटना ने उल्हासनगर, अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र की CCTV निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर CCTV कैमरे लगे होने के बावजूद कथित रूप से इस्तेमाल किए गए वाहन और उसके रूट की पहचान में कितना समय लगा तथा तकनीकी जांच में क्या सामने आया, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

क्या वाहन की नंबर प्लेट बदली गई थी, क्या आरोपियों ने CCTV से बचने के लिए कोई रणनीति अपनाई थी या फिर वाहन की पहचान में कोई तकनीकी अड़चन सामने आई—इन सभी पहलुओं की जांच किए जाने की संभावना है।

⚠️ पुलिस पुष्टि का इंतजार

फिलहाल मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं, लेकिन बिना आधिकारिक पुलिस पुष्टि के किसी व्यक्ति, गिरोह या संगठन को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। जयराम नेहलानी की स्थिति, घटना की वास्तविक परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों के संबंध में आधिकारिक जानकारी जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।

दिनदहाड़े सामने आई इस कथित घटना ने शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच के अगले अपडेट और आधिकारिक बयान पर है।


















6 करोड़ के गार्डन टेंडर के बाद छोटे टेंडरों पर उठे सवाल, उल्हासनगर मनपा की टेंडर प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर महानगरपालिका के PWD विभाग की ओर से कुछ दिन पहले शहर में एक बड़े गार्डन के विकास कार्य के लिए करीब 6 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। बताया जा रहा है कि यह महत्वपूर्ण टेंडर शहर की एक नामी कंपनी को मिला। इसके बाद महानगरपालिका की ओर से विभिन्न छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए भी कई टेंडर जारी किए गए।

इसी टेंडर प्रक्रिया को लेकर अब उल्हासनगर की जनता के बीच सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि जब संबंधित कंपनी को करीब 6 करोड़ रुपये के बड़े टेंडर में पात्र किया गया, तो बाद में जारी किए गए छोटे टेंडरों में उसे अपात्र कर टेन्डर को साठ गाँठ कर के किसी पसंदीदा कंपनी को फायदा पहुंचाया जा रहा है? आखिर छोटे टेंडरों की पात्रता और प्रक्रिया के पीछे क्या नियम और मापदंड अपनाए गए थे?

🔎 टेंडर प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग

नागरिकों का सवाल है कि क्या सभी टेंडरों में समान और पारदर्शी नियम लागू किए गए हैं? यदि किसी कंपनी को बड़े प्रोजेक्ट में काम करने का अवसर दिया गया है, तो छोटे टेंडरों में उसकी भागीदारी को लेकर अलग नियम क्यों लागू किए गए? इस पूरे मामले में टेंडर की शर्तों, पात्रता मानदंड और प्रक्रिया की निष्पक्षता को स्पष्ट किए जाने की मांग की जा रही है।

जनता के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं इन छोटे टेंडरों की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार तो नहीं हुआ है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक मानी जा रही है।

📢 आयुक्त मनीषा आव्हाले से जनता का सीधा सवाल

उल्हासनगर की जनता अब महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले से मांग कर रही है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच के दौरान संबंधित टेंडरों की शर्तों, कंपनियों की पात्रता, प्राप्त निविदाओं, तकनीकी एवं वित्तीय प्रक्रिया तथा टेंडर मंजूर करने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए।

नागरिकों का कहना है कि महानगरपालिका के करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से जुड़े टेंडरों में किसी भी प्रकार का संदेह या सवाल नहीं रहना चाहिए। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब देखना होगा कि 6 करोड़ रुपये के गार्डन टेंडर और उसके बाद जारी किए गए छोटे टेंडरों को लेकर उठ रहे सवालों पर मनपा प्रशासन क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाते हैं।



















मनसे का भव्य ‘गुणगौरव समारोह’ कल, मेधावी छात्रों का होगा सम्मान; समीर वानखेड़े, अमित ठाकरे और बाला नांदगांवकर रहेंगे प्रमुख अतिथि।


 

मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

विद्यार्थियों की मेहनत, प्रतिभा और शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मान देने तथा युवा पीढ़ी का उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से भव्य ‘गुणगौरव समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह में क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।

‘जिद का सम्मान, युवा ऊर्जा की सराहना’ की संकल्पना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की मेहनत को पहचान देना और उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। समारोह को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

समारोह में कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

रविवार, 30 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे आयोजित होने वाले इस समारोह में कई प्रमुख नेताओं एवं गणमान्य व्यक्तियों की विशेष उपस्थिति रहेगी।

कार्यक्रम में समीर वानखेड़े (आईआरएस), अमित ठाकरे, अध्यक्ष—महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना, तथा बाला नांदगांवकर, नेता—महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।

प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी में मेधावी विद्यार्थियों का गुणगौरव किया जाएगा तथा उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

घाटकोपर पश्चिम मनसे विभाग की पहल

इस कार्यक्रम का आयोजन गणेश चुक्कल, विभाग अध्यक्ष—महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, घाटकोपर पश्चिम द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देना और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना समाज में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, नागरिकों और शुभचिंतकों से भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहने की अपील की गई है। आयोजकों का उद्देश्य है कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान मिलने के साथ-साथ अन्य युवाओं को भी शिक्षा और मेहनत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले।

📍 कार्यक्रम का स्थान

ले. जगजीतसिंह अरोड़ा क्रीड़ांगन, कैलाश कॉम्प्लेक्स, 90 फीट रोड, बृहन्मुंबई महानगरपालिका स्कूल के पास, विक्रोली (पश्चिम), मुंबई।

📅 दिनांक: रविवार, 30 अगस्त 2026

🕕 समय: शाम 6 बजे

📞 संपर्क: 9930914444

मनसे के इस गुणगौरव समारोह को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।




















ठाणे आबकारी विभाग में शिकायतों पर जांच शुरू कल्याण डिवीजन में कथित कार्यस्थल दबाव और व्यवहार संबंधी शिकायतों की जांच होगी। 31 अगस्त को अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।


ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र राज्य आबकारी विभाग के ठाणे-2 (कल्याण डिवीजन) में कार्यरत कुछ कर्मचारियों की ओर से की गई शिकायतों के बाद विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। शिकायतों में अधीक्षक उत्तम राजाराम शिंदे के कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर विभिन्न गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ स्तर पर जांच के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर शिकायतों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता तथा परिस्थितियों का तथ्यात्मक सत्यापन किया जाएगा।

🔴 कर्मचारियों की शिकायतों में क्या आरोप हैं?

प्राप्त शिकायतों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने कथित रूप से आरोप लगाया है कि कार्यालय में काम के दौरान उन पर अत्यधिक दबाव बनाया जाता था। शिकायतों में महिला कर्मचारियों को कथित मानसिक तनाव, अभद्र या अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल, कार्यालय समय के बाद भी काम करने के लिए दबाव तथा छुट्टियों के दिनों में कार्यालय बुलाए जाने जैसे आरोपों का उल्लेख होने की जानकारी है।

इसके अलावा, कुछ कर्मचारियों द्वारा अवकाश आवेदन से संबंधित समस्याओं की शिकायत किए जाने की भी बात सामने आई है।

हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी तथ्यात्मकता है।

❤️ महिला कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने का भी उल्लेख

शिकायतों में एक महिला कर्मचारी की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर घटना का भी उल्लेख किए जाने की जानकारी है। आरोपों के मुताबिक, कथित मानसिक तनाव के बीच उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में उपचार कराना पड़ा।

कुछ शिकायतों में हार्ट अटैक और ICU में उपचार का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी स्वास्थ्य संबंधी घटना का कार्यस्थल के कथित तनाव से सीधा संबंध है या नहीं, यह केवल चिकित्सकीय दस्तावेजों और सक्षम जांच के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है।

इसलिए इस घटना को फिलहाल आरोप/शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।

🔎 प्रवीण तांबे को जांच की जिम्मेदारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी विभाग के अधीक्षक प्रवीण तांबे को जांच की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच के दौरान मुख्य रूप से निम्न बिंदुओं की पड़ताल की जा सकती है—

- संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज करना।

- शिकायतों में लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक जांच करना।

- कार्यालय में काम के समय और कर्मचारियों पर डाले गए कार्यभार से संबंधित जानकारी का परीक्षण।

- अवकाश आवेदन एवं कार्यालय उपस्थिति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच।

- संबंधित स्वास्थ्य घटना से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन।

- शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों का पक्ष दर्ज करना।

- जांच के निष्कर्षों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपना।

📅 31 अगस्त को दर्ज होंगे कर्मचारियों के बयान

जानकारी के अनुसार, कल्याण डिवीजन में कार्यरत निरीक्षक, उपनिरीक्षक, लिपिक तथा अन्य कर्मचारियों को 31 अगस्त को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाए जाने की बात सामने आई है।

यदि सभी संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाते हैं, तो इससे जांच अधिकारियों को घटनाक्रम और कार्यालयीन परिस्थितियों को अलग-अलग पक्षों से समझने में मदद मिल सकती है।

⚖️ जांच रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर होगी साफ

फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू विभागीय जांच है। शिकायतों में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं और किसी कर्मचारी के साथ नियमों के विपरीत व्यवहार किया गया या नहीं—इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो जांच रिपोर्ट उसी के अनुरूप निष्कर्ष देगी।

⚠️ महत्वपूर्ण कानूनी नोट

यह रिपोर्ट उपलब्ध शिकायतों और जांच से संबंधित प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। इसमें उल्लेखित किसी भी आरोप को न्यायिक या विभागीय रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित अधिकारी या विभाग का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए। किसी कर्मचारी की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी आधिकारिक चिकित्सकीय दस्तावेजों के बिना अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच प्राधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर ही माना जाएगा।



















ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता की पहल, मुंबई के पवई में 29 अगस्त को विशेष सेमिनार। IRS अधिकारी समीर वानखेड़े युवाओं से करेंगे संवाद, देंगे नशामुक्त समाज का संदेश।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से जागरूक करने और समाज में नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, पवई चांदिवली शाखा और CSC – चंद्रभान शर्मा कॉलेज, पवई के संयुक्त आयोजन में एक विशेष ड्रग जागरूकता सेमिनार आयोजित किया जा रहा है।

यह विशेष कार्यक्रम शनिवार, 29 अगस्त 2026 को गोपाल शर्मा ऑडिटोरियम, पवई, मुंबई में आयोजित होगा। कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।

समीर वानखेड़े होंगे मुख्य वक्ता

सेमिनार में श्री समीर वानखेड़े, IRS, अतिरिक्त निदेशक, DGTS, चेन्नई, मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले सामाजिक एवं व्यक्तिगत नुकसान, युवाओं पर इसके प्रभाव तथा नशे से दूर रहने के महत्व को लेकर जागरूकता पैदा की जाएगी।

आयोजकों के अनुसार, यह केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं को स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

‘आज जागरूक रहें, कल सुरक्षित रहें’

सेमिनार की मुख्य थीम “आज जागरूक रहें, कल सुरक्षित रहें” रखी गई है। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से जुड़े तथ्यों को समझने, नशीले पदार्थों से स्पष्ट रूप से दूरी बनाए रखने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया जाएगा।

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट है—

“आपका आज का चुनाव ही आपके कल को आकार देता है।”

भारत विकास परिषद और CSC की इस पहल का उद्देश्य युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में यह संदेश मजबूत करना है कि नशे को ना कहना और जीवन को चुनना ही सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य की दिशा है।

आयोजन की प्रमुख जानकारी

📅 दिन: शनिवार, 29 अगस्त 2026

⏰ समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक

📍 स्थान: गोपाल शर्मा ऑडिटोरियम, पवई, मुंबई

🎤 मुख्य वक्ता: श्री समीर वानखेड़े, IRS

🏛️ आयोजक: भारत विकास परिषद, पवई चांदिवली शाखा एवं CSC – चंद्रभान शर्मा कॉलेज

नारा:

“नशे को कहें ना, जीवन को चुनें।”

“आइए, मिलकर बेहतर कल चुनें।”


















ठाणे में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक, त्योहारों से पहले पुलिस ने नागरिकों को किया सतर्क; ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने कहा—बिना पुष्टि सोशल मीडिया पर कोई संदेश साझा न करें।


 

ठाणे: दिनेश मीरचंदानी

आगामी त्योहारों और उत्सवों के मद्देनजर ठाणे पुलिस आयुक्तालय की ओर से सोमवार को सिद्धि हॉल, ठाणे में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। दोपहर 4 बजे से शाम 6 बजे तक चली इस बैठक में ठाणे पुलिस आयुक्तालय के परिमंडल 1 से 5 तक के शांति समिति सदस्यों के साथ प्रतिष्ठित नागरिक, वकील, डॉक्टर तथा विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु और मौलाना बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में शांति समिति और पुलिस मित्र के कुल 135 सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में प्रा. सुमित्र कांबले, एड. हेमंत म्हात्रे, डॉ. विवेक भोसले, श्री शरफुद्दीन कर्ते, श्री विश्वनाथ टिवलकर, एड. तृप्ती पाटील, श्री विकास निकम और श्री अनिल तिवारी सहित कई सदस्यों ने अपने विचार और सुझाव रखे।

त्योहारों के दौरान शांति और व्यवस्था पर जोर

बैठक में पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, सह-पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण और अपर पुलिस आयुक्त संजय जाधव ने आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर मार्गदर्शन दिया।

पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने कहा कि शांति समिति के सदस्य आम नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। आगामी त्योहारों के दौरान सड़क व्यवस्था और बिजली आपूर्ति से संबंधित किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने की आवश्यकता है।

उन्होंने विशेष रूप से युवा वर्ग के साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दिया और शांति समिति के सदस्यों से युवाओं के संपर्क में रहने की अपील की।

न्यायालय के निर्देशों और ध्वनि नियमों का पालन जरूरी

पुलिस आयुक्त ने कहा कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान संबंधित मंडलों तथा नागरिकों को न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। ध्वनि का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और सीमाओं के भीतर किया जाना चाहिए।

गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों से गणेश प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।

सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर पुलिस की अपील

बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उसके दुरुपयोग को लेकर भी नागरिकों को सावधान किया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले कुछ संदेशों को गलत तरीके से मॉर्फ या एडिट कर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के उद्देश्य से फैलाया जा सकता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी व्हॉट्सऐप या सोशल मीडिया संदेश को सत्यापित किए बिना आगे फॉरवर्ड न करें। किसी घटना से संबंधित जानकारी की पुष्टि आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोतों से करने के बाद ही उसे साझा किया जाए।

साइबर धोखाधड़ी से बचने की भी सलाह

मोबाइल फोन के इस्तेमाल के दौरान व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। नागरिकों से कहा गया कि वे अपना पासवर्ड, व्यक्तिगत जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। लापरवाही के कारण आर्थिक धोखाधड़ी का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

सभी समुदायों से सहयोग की अपील

आगामी गणेश उत्सव, ईद-ए-मिलाद, नारली पूर्णिमा, रक्षाबंधन, गोपाळकाला और नवरात्रि सहित विभिन्न त्योहारों को धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की गई।

पुलिस प्रशासन ने सभी समुदायों के प्रमुख नागरिकों से सहयोग करने और त्योहारों के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, सह-पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण, अपर पुलिस आयुक्त संजय जाधव, सह-पुलिस आयुक्त अशोक दुधे, पुलिस उपायुक्त बाळासाहेब पाटील, पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम और पुलिस उपायुक्त पंकज शिरसाठ सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का संचालन पुलिस निरीक्षक (प्रशासन) सुधाकर यादव ने किया, जबकि बैठक की प्रस्तावना पुलिस उपायुक्त डॉ. धीरज कुमार बच्चु, विशेष शाखा ने रखी। आभार प्रदर्शन के बाद बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।