उल्हासनगर शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। उल्हासनगर-2 क्षेत्र में सड़क के बीचों-बीच और शहर के डेवलपमेंट प्लान (DP) के विपरीत बनाई गई ‘स्पेक्ट्रम रेसिडेंसी’ नामक इमारत को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले द्वारा 9.3.2026 प्रभाग समिति-2 को ध्वस्तीकरण करने का आदेश दिया गया है, जिसके बाद अब इस इमारत के खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह इमारत निर्धारित डेवलपमेंट प्लान के नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाई गई है और इसका कुछ हिस्सा सड़क के क्षेत्र में भी आ रहा है। ऐसे में इसे शहर के नियोजन नियमों के खिलाफ माना गया है। प्रशासनिक जांच के बाद महानगरपालिका ने इसे अवैध निर्माण घोषित करते हुए तोड़ने का आदेश जारी कर दिया है।
बताया जा रहा है कि समाजसेवक प्रकाश केसवानी तथा अन्य जागरूक नागरिकों ने इस मामले को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों में लगातार शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा जांच की गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आने के बाद आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई का फैसला लिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी उल्हासनगर-5 में स्थित ‘झलक रेसिडेंसी’ नामक इमारत के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। उस इमारत का निर्माण भी डेवलपमेंट प्लान के विपरीत और सड़क की सीमा में किया गया था, जिसके चलते उसे तोड़ने का आदेश दिया गया था। अब स्पेक्ट्रम रेसिडेंसी पर भी उसी प्रकार की कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि उल्हासनगर शहर में अभी भी कई ऐसी इमारतें मौजूद हैं जो डेवलपमेंट प्लान और नगर नियोजन नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाई गई हैं। महानगरपालिका प्रशासन इन इमारतों की जांच कर रहा है और आने वाले समय में ऐसी अन्य अवैध इमारतों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि डेवलपमेंट प्लान के खिलाफ किए गए इन निर्माण कार्यों में कुछ डेवलपर्स, लाइसेंसधारी आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स तथा उल्हासनगर महानगरपालिका के कुछ कर्मचारी भी कथित रूप से शामिल हो सकते हैं। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण कार्यों पर कार्रवाई होती रही, तो शहर में अवैध निर्माण पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और शहर का नियोजित विकास संभव हो सकेगा।



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