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15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों को मंजूरी मिलने पर विधायक किसन कथोरे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया। इस फैसले से लाखों यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।


 


बदलापुर: दिनेश मीरचंदानी

बदलापुर से मुंबई के बीच प्रतिदिन नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत देने वाला निर्णय सामने आया है। वर्षों से चली आ रही 15 डिब्बों वाली उपनगरीय (लोकल) ट्रेनों की मांग को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर भाजपा विधायक किसन कथोरे ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए इसे बदलापुर सहित पूरे ठाणे जिले के रेल यात्रियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

विधायक किसन कथोरे ने कहा कि बदलापुर महाराष्ट्र के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है। बढ़ती आबादी और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के कारण लंबे समय से 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब इस मांग को स्वीकृति मिलने से यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी, ट्रेनों की यात्री क्षमता बढ़ेगी और दैनिक सफर अधिक सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक बनेगा।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल एक रेल सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलापुर, अंबरनाथ, उल्हासनगर, कल्याण और आसपास के क्षेत्रों से मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

विधायक कथोरे ने इस महत्वपूर्ण मांग को मंजूरी देने के लिए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस का बदलापुर क्षेत्र के सभी यात्रियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से महाराष्ट्र की रेल व्यवस्था लगातार आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बन रही है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी बदलापुर और ठाणे जिले की रेल अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए इसी प्रकार सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेल नेटवर्क के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं और यात्रियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है, जिसका लाभ आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र को मिलेगा।

इस अवसर पर भाजपा कोंकण विभाग आईटी सेल के संयोजक एवं ठाणे जिला ग्रामीण के उपाध्यक्ष श्री मिलिंद धारवाडकर ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बदलापुर के नागरिकों, विशेषकर प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों ने वर्षों तक धैर्य और संयम के साथ इस मांग के पूरा होने का इंतजार किया। उनका यह धैर्य और संघर्ष सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों की शुरुआत से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि भीड़ का दबाव भी कम होगा और दैनिक यात्रा पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तथा सुरक्षित बनेगी। यह निर्णय बदलापुर क्षेत्र के समग्र विकास और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


















पंढरपुर वारी में शामिल हुए भाजपा विधायक किसन कथोरे, विठ्ठल चरणों में टेका माथा; समाज के सुख-समृद्धि की प्रार्थना।


 




पंढरपुर: दिनेश मीरचंदानी

आषाढ़ी वारी के पावन अवसर पर विधायक किसन कथोरे ने पंढरपुर पहुंचकर भगवान विठ्ठल के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक शीश नवाया तथा वारकरी संप्रदाय के साथ वारी में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने वारी की अनुशासनप्रिय परंपरा, सादगी, सेवा भावना और भक्ति के अद्वितीय स्वरूप का निकट से अनुभव किया। विधायक कथोरे ने कहा कि पंढरपुर की वारी केवल पैदल यात्रा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा, समर्पण, समानता और मानवता का दिव्य महापर्व है, जो समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि टाल-मृदंग की मधुर ध्वनि, "ज्ञानोबा-तुकाराम" के अखंड नामस्मरण और लाखों वारकरियों की अटूट श्रद्धा पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देती है। इस आध्यात्मिक यात्रा का प्रत्येक कदम समाजसेवा, जनकल्याण और जनता के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है तथा जीवन को नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

विधायक कथोरे ने कहा कि पंढरपुर की वारी महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का सबसे जीवंत स्वरूप है। यहां जाति, धर्म, वर्ग और आर्थिक स्थिति का कोई भेदभाव नहीं होता, बल्कि सभी श्रद्धालु एक समान भाव से भगवान विठ्ठल की भक्ति में लीन होकर प्रेम, सेवा और समानता का संदेश देते हैं। यही वारी की सबसे बड़ी विशेषता है, जिसने सदियों से समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया है।

उन्होंने वारकरी संप्रदाय की अनुशासित जीवनशैली, संत परंपरा और सेवा संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और अन्य संतों द्वारा दिखाया गया मार्ग आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। वारी हमें सिखाती है कि सेवा ही सच्ची भक्ति है और मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।

भगवान विठ्ठल के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए विधायक किसन कथोरे ने प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर सभी को समाजसेवा की शक्ति प्रदान करें तथा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सद्भाव बना रहे।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने वारकरी परंपरा के पावन उद्घोष—

॥ पुंडलिक वरदे हरि विठ्ठल ॥
॥ श्री ज्ञानदेव तुकाराम ॥

—के साथ भगवान विठ्ठल से समस्त मानव समाज के कल्याण की प्रार्थना की।























उल्हासनगर में अवैध गुटखे का काला कारोबार जारी, FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के रडार पर संदिग्ध नेटवर्क।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र में प्रतिबंध के बावजूद उल्हासनगर शहर में अवैध गुटखे का कारोबार कथित रूप से आज भी धड़ल्ले से जारी है। शहर के विभिन्न इलाकों में चोरी-छिपे गुटखा और सुगंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री होने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रतिबंधित उत्पाद आसानी से उपलब्ध होने से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और इससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्यभर में अवैध गुटखा कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में उल्हासनगर के कुछ संदिग्ध कारोबारी भी विभाग की निगरानी में बताए जा रहे हैं। विभाग द्वारा ऐसे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है, जो प्रतिबंधित गुटखे के भंडारण, परिवहन और वितरण में कथित रूप से शामिल हो सकते हैं।

जानकारों का कहना है कि अवैध गुटखे का कारोबार संगठित तरीके से संचालित किया जाता है, जिसमें सप्लाई चेन, गोदाम और वितरण नेटवर्क का उपयोग किया जाता है। ऐसे मामलों में केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जाती, बल्कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि अवैध गुटखे के निर्माण, भंडारण और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, शहर के प्रमुख बाजारों, गोदामों और संदिग्ध ठिकानों पर नियमित छापेमारी कर इस अवैध कारोबार पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जाए।

हालांकि, इस संबंध में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से उल्हासनगर के किसी विशेष कारोबारी के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई या नाम की पुष्टि नहीं की गई है। यदि विभाग द्वारा अभियान चलाया जाता है, तो इससे अवैध गुटखा कारोबार पर बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।यदि यह खबर प्रकाशन के लिए है, तो इसे उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज़ों या पुष्टि किए गए तथ्यों के अनुसार और अधिक सटीक बनाया जा सकता है।

Direct Email Contacts:

Food Complaints: jc-foodhq@gov.inDrug

Complaints: jchq.fda-mah@nic.in or Hqfdadesk13@gmail

comVigilance: pavigilancefda@gmail.com

Mumbai FDA Office Contact Numbers: 022-26590548 or 022-2612265

Maharashtra State FDA, call the toll-free helpdesk number at 1800 222 365.

















उल्हासनगर के चारो श्मशान घाटों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग, धर्मादाय आयुक्त और मनपा से कार्रवाई की अपील।


 







उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर शहर के विभिन्न श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के नाम पर कथित अवैध वसूली, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रहार जनशक्ति पक्ष के पदाधिकारी शरद दिनकर पोलके ने धर्मादाय आयुक्त, ठाणे विभाग तथा उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शहर के चार पंजीकृत श्मशान घाट ट्रस्टों द्वारा अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शोकाकुल परिवारों से कथित रूप से अनुचित एवं अवैध तरीके से राशि वसूली जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा हुआ है।

इन चार ट्रस्टों पर उठे सवाल

शिकायत पत्र के अनुसार धर्मादाय आयुक्त कार्यालय में पंजीकृत निम्नलिखित ट्रस्ट वर्तमान में शहर के विभिन्न श्मशान घाटों का संचालन कर रहे हैं—

प्रबंधक श्मशान घाट ट्रस्ट (उल्हासनगर-1)

श्मशान घाट स्वर्गधाम आश्रम (उल्हासनगर-3)

प्रबंधक मुक्तिधाम सामाजिक संस्था (उल्हासनगर-4)

प्रबंधक स्वर्गद्वार श्मशान घाट ट्रस्ट (उल्हासनगर-5)

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन सभी ट्रस्टों के संचालन और वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मुफ्त लकड़ी उपलब्ध होने के बावजूद परिजनों से वसूली का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि उल्हासनगर महानगरपालिका अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक लकड़ी नि:शुल्क उपलब्ध कराती है तथा इसकी विधिवत रसीद भी संबंधित श्मशान घाटों के माध्यम से मृतकों के परिजनों को दी जाती है।

इसके बावजूद आरोप है कि श्मशान घाट संचालित करने वाले ट्रस्ट अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिवारों से रसीद बुक के माध्यम से 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये अथवा उससे अधिक राशि की मांग करते हैं। शिकायतकर्ता ने इसे अवैध वसूली करार देते हुए सवाल उठाया है कि जब आवश्यक सामग्री पहले से ही महानगरपालिका द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है, तब अतिरिक्त राशि किस आधार पर ली जा रही है।

उन्होंने मांग की है कि ट्रस्टों द्वारा वसूली गई राशि का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि यह धन किस उद्देश्य और किस मद में खर्च किया गया।

ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल

शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित ट्रस्टों द्वारा धर्मादाय विभाग में प्रस्तुत की गई ऑडिट रिपोर्ट अधूरी और अस्पष्ट है।

शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि ऑडिट रिपोर्ट निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थी तो धर्मादाय विभाग ने उसे स्वीकार कैसे किया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि अधूरी अथवा त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले ट्रस्टों के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई।

उन्होंने मांग की है कि सभी ट्रस्टों की ऑडिट रिपोर्ट, आय-व्यय का पूरा विवरण तथा वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं ताकि नागरिकों के समक्ष पूरी पारदर्शिता बनी रहे।

महानगरपालिका और ट्रस्टों के अनुबंध पर भी उठे सवाल

शिकायत में महानगरपालिका और संबंधित ट्रस्टों के बीच हुए अनुबंध को लेकर भी कई गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि अब तक यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि इन ट्रस्टों को श्मशान घाट संचालन का अधिकार किन शर्तों पर दिया गया, अनुबंध की अवधि कितनी है, वित्तीय जिम्मेदारियां क्या हैं तथा महानगरपालिका द्वारा इनकी निगरानी किस प्रकार की जाती है।

आरोप लगाया गया है कि धर्मादाय आयुक्त कार्यालय ने भी इस संबंध में महानगरपालिका से कोई स्पष्ट जानकारी या स्पष्टीकरण प्राप्त करने का प्रयास नहीं किया।

तीन से चार महीने से केवल जांच का आश्वासन

शिकायतकर्ता ने बताया कि पिछले तीन से चार महीनों से संबंधित विभागों द्वारा केवल जांच का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद उन्हें जांच की प्रगति अथवा विभागीय कार्रवाई की कोई लिखित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।

दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन

प्रहार जनशक्ति पक्ष के पदाधिकारी शरद दिनकर पोलके ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तथा जांच की लिखित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद यदि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था या अन्य स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और विभागों की होगी।

इन अधिकारियों को भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि

शिकायत पत्र की प्रतिलिपि प्रहार जनशक्ति पक्ष के ठाणे जिलाध्यक्ष स्वप्निल पाटिल, उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी भेजी गई है।

अब यह पूरा मामला धर्मादाय आयुक्त कार्यालय और उल्हासनगर महानगरपालिका की आगामी कार्रवाई पर केंद्रित हो गया है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो इससे श्मशान घाटों के संचालन, वित्तीय पारदर्शिता और नागरिकों से लिए जाने वाले शुल्क को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार रहेगा।


















शिवसेना वैद्यकीय सहायता कक्ष में नई जिम्मेदारी: मीना (ताई) सोंडे को कल्याण जिला कक्ष प्रमुख नियुक्त, गरीब मरीजों को मिलेगा उपचार और आर्थिक सहायता का लाभ।


 


उल्हासनगर/कल्याण: दिनेश मीरचंदानी

गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बालासाहेब ठाकरे शिवसेना वैद्यकीय सहायता कक्ष ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के निर्देश एवं मंगेश नरसिंह चिवटे के मार्गदर्शन में श्रीमती मीना (ताई) सोंडे को कल्याण जिला कक्ष प्रमुख (उल्हासनगर एवं अंबरनाथ) पद पर छह माह के लिए नियुक्त किया गया है।

जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, मीना (ताई) सोंडे को शिवसेना वैद्यकीय सहायता कक्ष के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और चिकित्सा सहायता सुविधाओं का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस नियुक्ति के तहत वे धर्मार्थ अस्पतालों में उपलब्ध 10 प्रतिशत आरक्षित कोटा के माध्यम से मरीजों को उपचार दिलाने, निजी अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों की निःशुल्क अथवा रियायती दरों पर सर्जरी कराने में सहायता करेंगी। साथ ही महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में पात्र मरीजों को निःशुल्क इलाज एवं शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी देंगी।

नियुक्ति पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि गंभीर एवं महंगी सर्जरी की आवश्यकता वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सहायता दिलाने के लिए प्रधानमंत्री चिकित्सा सहायता निधि, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि, श्री सिद्धिविनायक ट्रस्ट, टाटा ट्रस्ट सहित विभिन्न सहायता निधियों एवं ट्रस्टों के माध्यम से आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके लिए बालासाहेब भवन स्थित केंद्रीय कार्यालय से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पत्र पर संस्थापक एवं अध्यक्ष मंगेश नरसिंह चिवटे तथा कार्यालय प्रमुख रामहरी भीमराव राजन के हस्ताक्षर हैं। नियुक्ति पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति के बाद अधिकृत पदाधिकारियों को अपने लेटरहेड के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत किया जाएगा।

इस नियुक्ति से कल्याण, उल्हासनगर और अंबरनाथ क्षेत्र के गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य योजनाओं, चिकित्सा सहायता और आर्थिक सहयोग तक पहुंच आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है।





















लोकतंत्र संवाद से मजबूत होता है, मौन से नहीं: सोनम वांगचुक के अनशन पर डॉ. सागर प्रकाश घाडगे ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील।


नई दिल्ली | दिनेश मीरचंदानी

देश के प्रख्यात समाजसेवी, शिक्षाविद् एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सोनम वांगचुक के जारी अनशन को लेकर लोकशाही रक्षक फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सागर प्रकाश घाडगे ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल संवेदनशील एवं सकारात्मक हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस विषय को केवल एक आंदोलन के रूप में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, उत्तरदायी शासन और नागरिकों के विश्वास से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।

डॉ. घाडगे ने कहा कि देश ने फिल्म '3 इडियट्स' के लोकप्रिय किरदार 'रैंचो' के माध्यम से सोनम वांगचुक के व्यक्तित्व, विचारों और शिक्षा सुधार के प्रति उनके समर्पण को सराहा तथा उन्हें प्रेरणा का स्रोत माना। आज वही व्यक्तित्व शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी पारिस्थितिकी और राष्ट्रीय हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहा है। ऐसे में उनके अनशन की उपेक्षा करना किसी भी सशक्त लोकतंत्र के लिए उचित नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति सत्ता के प्रदर्शन में नहीं, बल्कि संवाद, संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारस्परिक विश्वास में निहित होती है। मतभेद किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन जब संवाद के रास्ते बंद हो जाएं और किसी जागरूक नागरिक को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए अनशन जैसा कठोर कदम उठाना पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय बन जाता है।

डॉ. घाडगे ने कहा कि लोकतांत्रिक शासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नागरिकों की आवाज को सम्मानपूर्वक सुनना और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशना है। सरकार और समाज—दोनों का दायित्व है कि वे संवेदनशीलता, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनविश्वास को और मजबूत करें।

उन्होंने भारत सरकार से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह किया कि वह तत्काल पहल करते हुए सोनम वांगचुक के साथ सम्मानजनक, सकारात्मक और सार्थक संवाद स्थापित करे तथा उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए ऐसा सर्वमान्य समाधान निकाले, जिससे उनका अनशन सम्मानपूर्वक समाप्त हो और लोकतंत्र के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।

डॉ. घाडगे ने कहा कि एक सशक्त भारत केवल आर्थिक विकास से नहीं बनता, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व, लोकतांत्रिक परंपराओं के सम्मान, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और प्रत्येक जागरूक नागरिक के विश्वास पर खड़ा होता है। इसी विश्वास की रक्षा करना लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति और सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर डॉ. घाडगे ने देश में छात्र आंदोलनों की घटती सक्रियता पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत में आज भी श्रमिक संगठनों की आवाज विभिन्न मंचों पर सुनाई देती है, किंतु एक समय सामाजिक परिवर्तन और लोकतांत्रिक जागरण का नेतृत्व करने वाले छात्र संगठन आज अपेक्षित रूप से सक्रिय दिखाई नहीं देते। यह स्थिति लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के महत्वपूर्ण प्रश्नों से स्वयं को दूर कर लेते हैं, तब लोकतांत्रिक जवाबदेही भी कमजोर होने लगती है। एक जागरूक छात्र समाज ही एक जवाबदेह शासन की सबसे मजबूत नींव होता है। इसलिए युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय, जागरूक, शांतिपूर्ण और संविधानसम्मत भागीदारी लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

अपने संदेश के अंत में डॉ. घाडगे ने देश के विद्यार्थियों और युवाओं से भावनात्मक आह्वान करते हुए कहा:

"विद्यार्थियों, जागिए। प्रश्न पूछिए, संवाद कीजिए, संविधान के मूल्यों को आत्मसात कीजिए और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाइए। लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों और सक्रिय विद्यार्थियों से जीवंत रहता है। आज का जागरूक छात्र ही कल के सशक्त, उत्तरदायी और संवेदनशील भारत का निर्माता होगा।"

उन्होंने अंत में देशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद, संवेदनशीलता और नागरिक सहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण सरकार और नागरिकों की समान भागीदारी से ही संभव है, और यही भारत के लोकतांत्रिक भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।

















महाराष्ट्राच्या सशक्त प्रशासनाचे दोन प्रेरणादायी चेहरे; IRS समीर वानखेडे आणि IAS तुकाराम मुंढे यांच्या कार्याचा गौरव।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्राच्या प्रशासकीय व्यवस्थेत प्रामाणिकपणा, धाडसी निर्णयक्षमता आणि जनहिताला सर्वोच्च प्राधान्य देणाऱ्या अधिकाऱ्यांमध्ये IRS अधिकारी समीर वानखेडे आणि IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे यांची नावे विशेष आदराने घेतली जातात. आपल्या कर्तव्यनिष्ठ, निर्भीड आणि परिणामकारक कार्यपद्धतीमुळे या दोन्ही अधिकाऱ्यांनी राज्यातील प्रशासनाला वेगळी ओळख निर्माण करून दिली आहे.

IRS अधिकारी समीर वानखेडे यांनी अमली पदार्थांच्या अवैध तस्करीविरोधात कायद्याची कठोर अंमलबजावणी करत अनेक मोठ्या कारवायांद्वारे समाजहिताचे रक्षण करण्याचा प्रयत्न केला. कायद्यापुढे कोणताही व्यक्ती मोठा नसल्याचा संदेश देत त्यांनी आपल्या कार्यशैलीमुळे देशभरात वेगळी ओळख निर्माण केली.

दुसरीकडे, IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे, सध्या महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (FDA) विभागात कार्यरत असून, अन्नभेसळ, बनावट औषधे आणि सार्वजनिक आरोग्याशी संबंधित नियमांची कठोर अंमलबजावणी करण्यासाठी ओळखले जातात. नागरिकांना सुरक्षित व दर्जेदार अन्न आणि औषधे उपलब्ध व्हावीत, यासाठी त्यांनी अनेक ठोस निर्णय घेतले असून राज्यभरात प्रभावी मोहिमा राबवल्या आहेत.

प्रशासनातील पारदर्शकता, निष्पक्ष निर्णयप्रक्रिया आणि जनहितासाठीची अविरत बांधिलकी हीच राज्याच्या प्रगतीची खरी ताकद असल्याचे या दोन्ही अधिकाऱ्यांच्या कार्यातून अधोरेखित होते. त्यांच्या धाडसी आणि लोकाभिमुख निर्णयांमुळे शासनाविषयीचा जनतेचा विश्वास अधिक दृढ होत असल्याचे मत विविध स्तरांतून व्यक्त केले जात आहे.

"कर्तव्य प्रथम, जनहित सर्वोच्च" या मूल्यांचा अंगीकार करून कार्य करणारे अधिकारी हेच सक्षम, सुरक्षित आणि प्रगत महाराष्ट्राच्या उभारणीचे भक्कम आधारस्तंभ असल्याचे नागरिकांमध्ये बोलले जात आहे.