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मुंबई को ड्रग्स मुक्त बनाने की मांग तेज, RPI (रामदास आठवले गुट) की CM फडणवीस से अपील — समीर वानखेड़े को नारकोटिक्स विभाग में तैनात करें।


 


मुंबई: दिनेश मिरचंदानी

मुंबई में हाल ही में सामने आए गोरेगांव नेस्को ड्रग्स मामले के बाद शहर में ड्रग्स के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच RPI (रामदास आठवले गुट) और मुंबई की आम जनता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हाथ जोड़कर अपील की है कि IRS अधिकारी समीर वानखेड़े को मुंबई के नारकोटिक्स विभाग में तत्काल तैनात किया जाए, ताकि ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

यह मांग ऐसे समय में उठी है जब नेस्को ड्रग्स मामले ने युवाओं में फैलते नशे के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन पर कड़े कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।

मुंबई और महाराष्ट्र को ड्रग्स मुक्त बनाने की मांग

RPI (रामदास आठवले गुट) के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुंबई में ड्रग्स का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है।

गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हुए हाई-प्रोफाइल ड्रग्स मामले ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है। संगठन ने कहा कि यदि अभी सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति और चिंताजनक हो सकती है।

संगठन की ओर से जारी अपील में कहा गया:

> "हम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि IRS अधिकारी समीर वानखेड़े को मुंबई के नारकोटिक्स विभाग में तैनात किया जाए, ताकि ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके और मुंबई को ड्रग्स मुक्त बनाया जा सके।"

समीर वानखेड़े की कार्यशैली पर भरोसा

RPI नेताओं और मुंबई की जनता का मानना है कि समीर वानखेड़े ने पहले भी ड्रग्स और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर अपनी मजबूत छवि बनाई है।

उनकी कार्यशैली को लेकर लोगों में भरोसा है कि यदि उन्हें मुंबई में नारकोटिक्स विभाग में जिम्मेदारी दी जाती है, तो ड्रग्स माफिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क को रोकने के लिए अनुभवी और सख्त अधिकारियों की जरूरत है।

नेस्को जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग

गोरेगांव के नेस्को सेंटर में सामने आए ड्रग्स मामले ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया था। इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है।

RPI (रामदास आठवले गुट) और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने निम्न मांगें रखीं:

मुंबई को ड्रग्स मुक्त बनाया जाए

युवाओं को ड्रग्स के जाल से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए

बड़े इवेंट्स और कॉन्सर्ट्स पर सख्त निगरानी रखी जाए

ड्रग्स सप्लाई चेन पर कड़ी कार्रवाई की जाए

गोरेगांव नेस्को जैसी घटना दोबारा न हो

सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग

RPI (रामदास आठवले गुट) और मुंबई की जनता ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ड्रग्स का नेटवर्क और फैल सकता है, जो युवाओं के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।

मुंबई की जनता का साफ संदेश है —

> "मुंबई को ड्रग्स मुक्त बनाना जरूरी है और इसके लिए समीर वानखेड़े जैसे सख्त अधिकारी की तैनाती बेहद आवश्यक है।"

बढ़ता जनदबाव, सरकार के फैसले पर नजर

गोरेगांव नेस्को ड्रग्स मामले के बाद लगातार सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और नागरिकों की ओर से सख्त कार्रवाई की मांग तेज होती जा रही है।

अब सभी की नजर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अगले कदम पर टिकी हुई है कि क्या सरकार इस मांग पर निर्णय लेकर मुंबई को ड्रग्स मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाती है या नहीं।






















मुंबई नेस्को ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा: उल्हासनगर के आयुष साहित्य आरोपी का नाम आया सामने, मुंबई पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं।


मुंबई/उल्हासनगर: दिनेश मिरचंदानी

मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित हाई-प्रोफाइल म्यूज़िक कॉन्सर्ट में सामने आए ड्रग्स ओवरडोज़ मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान उल्हासनगर निवासी आयुष साहित्य का नाम आरोपी के रूप में सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयुष साहित्य फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए मुंबई पुलिस ने कई विशेष टीमें गठित कर दी हैं।

यह मामला पहले ही दो युवाओं की मौत के कारण सुर्खियों में था, और अब नए नाम सामने आने से जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।

क्या है पूरा मामला

11 अप्रैल को मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में एक हाई-प्रोफाइल म्यूज़िक कॉन्सर्ट आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया था। कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर ड्रग्स का सेवन किया गया, जिसके बाद दो मैनेजमेंट छात्रों की संदिग्ध ड्रग ओवरडोज़ से मौत हो गई। 

इसके अलावा एक अन्य युवक की तबीयत भी बिगड़ गई थी, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।

जांच में सामने आया नया नाम

पुलिस जांच के दौरान ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इसी क्रम में अब उल्हासनगर निवासी आयुष साहित्य का नाम भी सामने आया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयुष साहित्य की भूमिका ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी होने की आशंका है। जांच एजेंसियों को शक है कि कॉन्सर्ट में ड्रग्स उपलब्ध कराने या सप्लाई चेन में उसकी सक्रिय भूमिका हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक उसकी भूमिका को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापेमारी

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उल्हासनगर, मुंबई और आसपास के कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस आयुष साहित्य के मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संपर्कों की भी गहन जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अब तक कितनी हुई गिरफ्तारी

नेस्को ड्रग्स मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़े पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां इस मामले को संगठित ड्रग्स नेटवर्क से जोड़कर भी देख रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस का आधिकारिक बयान

पुलिस अधिकारियों ने मामले को लेकर कहा है कि,

"जांच के दौरान सामने आने वाले हर व्यक्ति की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।"

हाई-प्रोफाइल पार्टियों पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर हाई-प्रोफाइल पार्टियों और म्यूज़िक कॉन्सर्ट में ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगे टिकट, निजी टेबल और वीआईपी पास वाले ऐसे आयोजनों में ड्रग्स का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, जो युवाओं के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।

मुंबई पुलिस अब इस मामले में आयोजकों, सप्लाई चेन और शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

⚠️ जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।














डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर नशा मुक्त भारत का संकल्प: सांसद उज्ज्वल निकम और IRS अधिकारी समीर वानखेड़े ने युवाओं को किया प्रेरित।


 

मुंबई: दिनेश मिरचंदानी

भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती के अवसर पर नशा मुक्त भारत के संकल्प को लेकर एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय सांसद उज्ज्वल निकम तथा आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने अभिभावकों और युवाओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने जीवन में शिक्षा, अनुशासन, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता को सबसे अधिक महत्व दिया। आज की युवा पीढ़ी को इन मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है, विशेष रूप से उस समय जब समाज में नशे की प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

माननीय सांसद उज्ज्वल निकम ने अपने संबोधन में कहा कि बाबासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनकी जयंती मनाने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को जीवन में उतारने से होगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन दें और युवाओं से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

वहीं आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, शिक्षा और आत्मसम्मान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है, और यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो देश मजबूत और विकसित बनेगा।

इस अवसर पर पंचशील के महत्वपूर्ण सिद्धांत को भी विशेष रूप से याद किया गया:

“सुरामेरय मज्ज पमादट्ठाना वेरमणि सिक्खापदं समाधियामि”

अर्थात — मैं नशा और मादक पदार्थों से दूर रहने का संकल्प लेता हूं, क्योंकि यह लापरवाही और पतन का कारण बनते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अभिभावकों और युवाओं ने सामूहिक रूप से “नशा मुक्त भारत” का संकल्प लिया। “Say NO to Nasha… Say YES to Life, Discipline & Self-Respect” का संदेश पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसे सभी ने उत्साहपूर्वक समर्थन दिया।

इस प्रेरणादायी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए चंद्रशेखर कांबले को विशेष धन्यवाद एवं सराहना दी गई। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाने का संकल्प लेने का दिन है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और आत्मसम्मान के मार्ग पर चलें, तो यही बाबासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और एक मजबूत, जागरूक और नशा मुक्त भारत का निर्माण संभव होगा। 🇮🇳✨














मुंबई के गोरेगांव ड्रग्स पार्टी मामला: उल्हासनगर का आयुष साठ्ये फरार, मुंबई पुलिस की तलाश तेज — दो MBA छात्रों की मौत के बाद बड़ा खुलासा।


मुंबई: दिनेश मिरचंदानी

मुंबई के गोरेगांव स्थित टेक्नो म्यूज़िक कॉन्सर्ट में हुए ड्रग्स ओवरडोज़ मामले में जांच तेज हो गई है। इस सनसनीखेज मामले में अब उल्हासनगर का नाम भी सामने आया है। मुंबई पुलिस उल्हासनगर निवासी आयुष साठ्ये की तलाश कर रही है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

दो MBA छात्रों की मौत से मचा हड़कंप

कुछ दिन पहले गोरेगांव में आयोजित टेक्नो म्यूज़िक कॉन्सर्ट के दौरान कथित तौर पर ड्रग्स का अधिक सेवन करने से MBA के दो छात्रों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य छात्रों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी।

कल्याण से आनंद पटेल गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने कल्याण निवासी आनंद पटेल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आनंद पटेल ने पुलिस को अहम जानकारी देते हुए बताया कि उसने ड्रग्स उल्हासनगर के आयुष साठ्ये से खरीदे थे।

आनंद पटेल के इस खुलासे के बाद पुलिस ने आयुष साठ्ये की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आयुष साठ्ये फरार हो गया।

सप्लाई चेन का खुलासा

जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। मामले में गिरफ्तार प्रतीक पांडेय ने पुलिस को बताया कि उसने ड्रग्स आनंद पटेल से खरीदा था। इससे ड्रग्स सप्लाई की एक चेन सामने आई है:

आयुष साठ्ये (उल्हासनगर) → आनंद पटेल (कल्याण) → प्रतीक पांडेय → कॉन्सर्ट में छात्र

इस खुलासे के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

बड़े ड्रग्स रैकेट की आशंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल एक पार्टी तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन मुंबई, ठाणे, कल्याण और उल्हासनगर के अन्य इलाकों से भी जुड़ा हुआ है।

पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं

मुंबई पुलिस की कई टीमें आयुष साठ्ये की तलाश में जुटी हुई हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और मोबाइल लोकेशन व संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

युवाओं में बढ़ते ड्रग्स चलन पर चिंता

इस घटना ने मुंबई और आसपास के इलाकों में युवाओं के बीच बढ़ते ड्रग्स चलन को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस अब ऐसे कॉन्सर्ट और पार्टियों पर भी नजर रख रही है, जहां ड्रग्स के इस्तेमाल की आशंका रहती है।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।














मुंबई ड्रग्स मामला: नेस्को सेंटर कॉन्सर्ट में छात्रों के नशे में होने का खुलासा, कल्याण से दो गिरफ्तार — कल्याण व आसपास के क्षेत्रों में नेटवर्क होने की आशंका।

(फाइल फोटो)

मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

मुंबई के गोरेगांव पूर्व स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट में कथित ड्रग्स ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में अब बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल लगभग 80 प्रतिशत छात्र नशे की हालत में पाए गए, जिससे यह मामला अब सिर्फ ओवरडोज की घटना न रहकर संगठित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल इवेंट के दौरान परिसर में खुलेआम ड्रग्स का इस्तेमाल किया गया। घटना सामने आने के बाद प्रशासन, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

इस पूरे मामले में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं या नहीं और सुरक्षा जांच क्यों नहीं हुई।

दो आरोपी गिरफ्तार, कल्याण कनेक्शन आया सामने

पुलिस ने मामले में आनंद पटेल और प्रतीक पांडे को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि:

दोनों आरोपी आपस में दोस्त हैं

दोनों कल्याण क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं

आनंद पटेल ड्रग्स सप्लाई करता था

प्रतीक पांडे ने कॉन्सर्ट के लिए आनंद पटेल से ड्रग्स खरीदे थे

पूछताछ के दौरान आनंद पटेल ने खुलासा किया कि उसने यह ड्रग्स "आयुष" नाम के व्यक्ति से खरीदे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस को बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की आशंका और मजबूत होती दिखाई दे रही है।

आरोपी पर पहले से 19 आपराधिक मामले

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि:

आनंद पटेल और उसके पिता पर पहले से 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं

पुलिस उनके पुराने संपर्कों और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है

पुराने ड्रग्स सप्लाई चैन और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल शुरू

इस खुलासे के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है तथा आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

कल्याण और आसपास के इलाकों में छापेमारी की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले का ड्रग्स कनेक्शन कल्याण के अलावा आसपास के क्षेत्रों तक फैला हो सकता है।

पुलिस को शक है कि:

स्थानीय पेडलर्स की बड़ी भूमिका हो सकती है

पार्टी में सप्लाई करने के लिए अलग-अलग चैनल इस्तेमाल किए गए

कई अन्य युवाओं और आयोजकों की संलिप्तता सामने आ सकती है

पुलिस ने कल्याण और आसपास के क्षेत्रों में संभावित ड्रग्स पेडलर्स की पहचान शुरू कर दी है और जल्द ही छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं:

हाई-प्रोफाइल नेस्को सेंटर में ड्रग्स कैसे पहुंचे?

कार्यक्रम को अनुमति किसने दी?

एंट्री के दौरान सुरक्षा जांच क्यों नहीं हुई?

आयोजकों की भूमिका क्या थी?

प्रशासन की निगरानी क्यों नहीं थी?

इन सवालों को लेकर अब पुलिस और प्रशासन दोनों पर दबाव बढ़ गया है।

जांच तेज, बड़े खुलासों की संभावना

पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

🚨 मामले की जांच तेज कर दी गई है

🚨 ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं

🚨 कई और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है

🚨 जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना

इस घटना ने मुंबई में युवाओं के बीच बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।














उल्हासनगर-2 जवेरी बाजार में बड़ा खतरा: अवैध गैस सिलेंडरों से चल रहे सोने के कारखाने, प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल।

(फाइल इमेज)

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर-2 के सिरू चौक स्थित प्रसिद्ध जवेरी बाजार की सोनारा गली में सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां बड़ी संख्या में सोने के अवैध कारखाने बिना अनुमति संचालित किए जा रहे हैं, जहां अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा विस्फोट या आगजनी जैसी घटना होने का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सोनारा गली में संचालित कई गोल्ड प्रोसेसिंग और ज्वेलरी निर्माण इकाइयों में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग किया जा रहा है। इन कारखानों में न तो फायर सेफ्टी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही आपातकालीन निकास की कोई सुविधा मौजूद है। ऐसे में यह क्षेत्र किसी भी समय बड़े हादसे का केंद्र बन सकता है। 

⚠️ संकरी गली में चल रहे कारखाने, बचाव कार्य होगा मुश्किल

सोनारा गली अत्यंत संकरी होने के कारण यदि आग या विस्फोट जैसी घटना होती है, तो दमकल विभाग और राहत टीमों को मौके पर पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आसपास घनी आबादी, दुकानों और कारखानों की मौजूदगी से खतरा कई गुना बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के कारखानों में उच्च तापमान, गैस और ज्वलनशील रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यदि गैस सिलेंडर में रिसाव या विस्फोट होता है, तो आग तेजी से फैल सकती है और बड़ा नुकसान हो सकता है।

📄 पहले भी जारी हुए थे नोटिस, लेकिन कार्रवाई शून्य

सूत्रों के मुताबिक, कुछ समय पहले उल्हासनगर महानगरपालिका द्वारा इन अवैध गैस सिलेंडरों और बिना अनुमति चल रहे कारखानों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

नोटिस जारी होने के बाद भी कारखाने पहले की तरह संचालित हो रहे हैं, जिससे महानगरपालिका और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

❓ उठ रहे बड़े सवाल

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं:

• क्या अवैध कारखानों को लेकर किसी प्रकार का लेन-देन हुआ है?

• क्या राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई रोकी गई है?

• नोटिस जारी होने के बावजूद महानगरपालिका कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?

• क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

इन सवालों ने प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

⚡ हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा विस्फोट या आग लगने की घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उल्हासनगर महानगरपालिका और महानगरपालिका के फायर विभाग पर तय की जानी चाहिए।

नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण हजारों लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

📢 प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है:

• अवैध गैस सिलेंडरों की तुरंत जांच की जाए

• बिना अनुमति चल रहे कारखानों को तुरंत सील किया जाए

• फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए

• जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए

• क्षेत्र में नियमित निरीक्षण शुरू किया जाए

⚠️ प्रशासन की चुप्पी बनी चिंता का विषय

फिलहाल इस गंभीर मुद्दे पर उल्हासनगर महानगरपालिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

उल्हासनगर-2 के जवेरी बाजार की सोनारा गली में बढ़ता यह खतरा अब प्रशासन की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। नागरिकों की मांग है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले प्रशासन जागे और ठोस कार्रवाई करे।














उल्हासनगर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर शिवसेना नगरसेविका डॉ. मिन्ना सोंडे (प्रभाग 19) के मार्गदर्शन में महा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

महामानव, बोधिसत्व, विश्वरत्न परम पूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उल्हासनगर में एक भव्य महा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिवसेना के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

यह महा स्वास्थ्य जांच शिविर रविवार, 13 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम का आयोजन काली माता मंदिर, कुल्ला कैंप, उल्हासनगर-4 में किया गया है, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों के पहुंचने की उम्मीद है।

आयोजकों के अनुसार, इस शिविर में विभिन्न प्रकार की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें सामान्य स्वास्थ्य जांच से लेकर गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

शिविर में उपलब्ध निःशुल्क सुविधाएं

- जनरल हेल्थ जांच

- आंखों की जांच

- स्त्री रोग जांच

- एंजियोप्लास्टी संबंधी मार्गदर्शन

- हड्डियों से संबंधित जांच

- निःशुल्क दवाइयां वितरण

- ECG जांच

- मधुमेह (डायबिटीज) जांच

- एंजियोग्राफी संबंधी मार्गदर्शन

- बाल रोग जांच

- कैंसर संबंधी निःशुल्क मार्गदर्शन

- निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन सुविधा

इस शिविर का आयोजन नगरसेविका डॉ. मिन्ना सोंडे (प्रभाग क्रमांक 19) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने परिवार के साथ स्वास्थ्य जांच करवाएं।

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर को सामाजिक सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों के लिए यह शिविर विशेष रूप से लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।

आयोजकों ने बताया कि शिविर में अनुभवी डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी और जरूरतमंद मरीजों को आगे के इलाज के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस महा स्वास्थ्य जांच शिविर का लाभ उठाने की अपील की गई है।