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समीर वानखेड़े को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत — Cordelia Cruise केस में बड़ी खबर।


न्यू दिल्ली: दिनेश मिरचंदानी

पूर्व NCB अधिकारी Sameer Wankhede को Supreme Court of India से Cordelia Cruise ड्रग्स मामले में अंतरिम राहत मिल गई है।

क्या हुआ अदालत में

सुप्रीम कोर्ट ने वानखेड़े के खिलाफ विभागीय जांच पर रोक लगा दी है (अंतरिम राहत)

कोर्ट ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों को नोटिस जारी किया

मामले की अगली सुनवाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया

वानखेड़े ने दलील दी कि उनके खिलाफ जांच एक ही आरोपों पर बार-बार की जा रही है

मामला क्या है

यह मामला 2021 Cordelia Cruise ड्रग्स केस से जुड़ा है

इसी केस में Aryan Khan, बेटे Shah Rukh Khan को गिरफ्तार किया गया था

बाद में SIT ने आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी

वानखेड़े पर आरोप लगा कि 25 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने की साजिश हुई थी

इस मामले में CBI और विभागीय जांच चल रही है 

सुप्रीम कोर्ट का संकेत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि:

पहले यह तय करना जरूरी है कि एक ही आरोप पर दो-दो जांच हो सकती है या नहीं

इसलिए फिलहाल वानखेड़े को अंतरिम राहत दी गई

इसका मतलब

👉 वानखेड़े को फिलहाल बड़ी राहत

👉 जांच पूरी तरह बंद नहीं — लेकिन कार्रवाई रुकी

👉 अगली सुनवाई में फैसला तय करेगा कि जांच जारी रहेगी या नहीं













उल्हासनगर TDR घोटाला: महाराष्ट्र राज्य में हड़कंप, मुख्य सचिव की बैठक में कड़े फैसले — खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक।


 



उल्हासनगर: दिनेश मिरचंदानी

उल्हासनगर में उजागर हुए बहुचर्चित TDR (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) घोटाले ने महाराष्ट्र के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यापक जांच के आदेश दिए गए और कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए TDR से जुड़े सभी खरीद-बिक्री लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत ऑडिट जांच कराने, संबंधित दस्तावेजों की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट संकेत दिए गए हैं।

सरकार ने इस पूरे मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए साफ किया है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने शहर में अब तक हुए सभी TDR लेनदेन की गहन जांच शुरू कर दी है, जिससे पूरे घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है।

📌 सरकार के सख्त फैसले

TDR खरीद-बिक्री पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध

पूरे मामले की व्यापक ऑडिट जांच के आदेश

दोषी अधिकारियों व संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई

सभी दस्तावेजों और लेनदेन की विस्तृत जांच

💻 डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

मुंबई महानगरपालिका की तर्ज पर अब उल्हासनगर में भी TDR से जुड़ी संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक की जाएगी। नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि अगले 10 दिनों के भीतर सभी रिकॉर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया: दबाव और साजिश के आरोप

प्रहार जनशक्ति पार्टी के ठाणे जिलाध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटील ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस घोटाले को उजागर करने के दौरान उन पर भारी दबाव बनाया गया और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा,
"सरकार द्वारा जांच के आदेश देना सच्चाई की जीत की शुरुआत है। जब तक इस घोटाले के हर दोषी पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।"

📊 🔍 जांच में सामने आए प्रारंभिक संकेत

• TDR नंबर 14 —  गौरव राजेश गेमनानी के नाम दर्ज

• TDR नंबर 17 —  राजेश जवाहरलाल गेमनानी के नाम दर्ज

• TDR नंबर 18 —  सुरेश गुरलदास थदानी के नाम दर्ज

⚠️ प्रमुख निष्कर्ष:

• कई जगहों पर अनियमितताओं के ठोस संकेत मिले हैं
• करोड़ों रुपये के संभावित घोटाले की आशंका जताई जा रही है
• परियोजनाओं में नियमों की अनदेखी और निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन सामने आया है

🔍 आगे क्या?

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस घोटाले से जुड़े नए नाम और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर तेज हलचल के बीच यह मामला राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

👉 निष्कर्ष

उल्हासनगर का TDR घोटाला सिर्फ वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में इस मामले का प्रभाव व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर देखने को मिल सकता है।























आर्यन खान ड्रग्स केस: ₹25 करोड़ रिश्वत आरोपों पर समीर वानखेड़े का बड़ा बयान, बॉम्बे हाईकोर्ट में दी सफाई।


मुंबई: दिनेश मिरचंदानी

मुंबई में चर्चित आर्यन खान ड्रग्स केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के गंभीर आरोपों पर पहली बार खुलकर जवाब दिया है।

समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान से उनके बेटे आर्यन खान को बचाने के लिए किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग नहीं की थी। उन्होंने इन आरोपों को “पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत” बताया है।

🔍 मामले की पृष्ठभूमि:

यह मामला अक्टूबर 2021 में सामने आया था, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मुंबई के पास एक क्रूज जहाज पर कथित ड्रग्स पार्टी की सूचना के आधार पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान आर्यन खान सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।

यह मामला कुछ ही घंटों में राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया और लंबे समय तक मीडिया, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का केंद्र बना रहा।

💰 ₹25 करोड़ डील का आरोप:

बाद में इस केस में बड़ा मोड़ तब आया, जब आरोप लगाया गया कि आर्यन खान को राहत देने के बदले करीब ₹25 करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी।

इसी आधार पर मई 2023 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने समीर वानखेड़े और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोपों में मामला दर्ज किया था।

⚖️ अदालत में वानखेड़े का पक्ष:

अब इस मामले में नई कानूनी हलचल के बीच, वानखेड़े की ओर से अदालत में पेश दलीलों में कहा गया है कि:

जांच एजेंसी के पास रिश्वत मांगने या लेने का कोई ठोस सबूत नहीं है

पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई थी

उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत आधार पर प्रेरित हैं

📌 मामले की वर्तमान स्थिति:

इस बयान के बाद एक बार फिर यह हाई-प्रोफाइल केस चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजरें बॉम्बे हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। 

👉 यह मामला न सिर्फ कानून और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में आरोप और सच्चाई के बीच की दूरी कितनी जटिल हो सकती है।














अवैध बांग्लादेशी कारीगरों का मुद्दा गरमाया: उल्हासनगर के सराफा बाजारों में काम करने का आरोप, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल..!


ल्हासनगर:  दिनेश मिरचंदानी

उल्हासनगर-2 के प्रसिद्ध सिरू चौक स्थित सोनार गली और जवेरी बाजार में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी कारीगरों के काम करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन बाजारों में बड़ी संख्या में बाहरी कारीगर सक्रिय हैं, जिनकी वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, इन कारीगरों की पहचान और दस्तावेजों की जांच को लेकर अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह सुरक्षा और रोजगार दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

इस बीच, उल्हासनगर की कई सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवक इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही भाजपा के पूर्व सांसद Kirit Somaiya को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं।

सामाजिक संगठनों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि अवैध रूप से रह रहे कारीगर पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।














शिव कुमार मिश्रा की पहल से सजी बच्चों की होली, बांटी गई सामग्री और मिठास।


 



उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी 

रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जरूरतमंद बच्चों के बीच खुशियां बांटने की सराहनीय पहल की गई। कैम्प क्रमांक 3 स्थित दशहरा मैदान के सामने, इंदिरा गांधी गार्डन के समीप स्थित उल्हास जनपथ कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां बच्चों को होली सामग्री वितरित की गई।

इस सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी शिव कुमार मिश्रा की ओर से किया गया। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद बच्चों को पिचकारी, रंग, फुगे (गुब्बारे), मिठाइयां और नए कपड़े वितरित किए गए। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और त्योहारों की असली भावना को मजबूत करते हैं।

शिव कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां बांटना ही सच्ची होली है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के सामाजिक कार्यों से समाज के कमजोर वर्गों को संबल मिलता है और त्योहार की खुशियां हर घर तक पहुंचती हैं।

इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्योहार तभी सार्थक होते हैं, जब उनकी खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।





















लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी 7 मार्च तक पुलिस कस्टडी में।


 



मुंबई: दिनेश मीरचंदानी 

बोरीवली हॉलिडे रिमांड कोर्ट का आदेश, दो अलग-अलग एफआईआर मामलों में तेज हुई जांच

मुंबई: कुख्यात गैंगस्टर Lawrence Bishnoi से कथित रूप से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मुंबई में दर्ज दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई सामने आई है।

Borivali पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर क्रमांक 356/2026 तथा Vile Parle पुलिस स्टेशन में दर्ज संबंधित प्रकरण के आरोपियों को बोरीवली स्थित हॉलिडे रिमांड कोर्ट में पेश किया गया। मामले की संवेदनशीलता और आरोपों की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सभी आरोपियों को 7 मार्च 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।

दो मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों एफआईआर में दर्ज तथ्यों और आरोपों की समानताओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों से गैंग की गतिविधियों, संभावित फंडिंग स्रोतों, संपर्क सूत्रों और अन्य सहयोगियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।

जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या आरोपियों का किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क से सीधा संबंध है और क्या इन मामलों के पीछे किसी बड़े गिरोह की सुनियोजित रणनीति काम कर रही थी।

अदालत में बचाव पक्ष की प्रभावी पैरवी

आरोपियों की ओर से अधिवक्ता Pankaj Kumar Mishra, अधिवक्ता Ashish Rai तथा अधिवक्ता Prachi Pandey ने अदालत में विस्तृत पैरवी की।

बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपियों के संवैधानिक अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और जांच प्रक्रिया निष्पक्ष तथा कानून सम्मत ढंग से संचालित की जाए।

संवेदनशील मामला, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ आगे की कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे इस पूरे नेटवर्क और कथित संलिप्तता के पहलुओं पर और स्पष्टता आने की संभावना है।

सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं, जो न केवल इन दो एफआईआर मामलों बल्कि व्यापक आपराधिक नेटवर्क की परतें भी खोल सकते हैं।

फिलहाल, अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है तथा 7 मार्च तक की रिमांड अवधि को निर्णायक माना जा रहा है।




















बैंक ऑफ बड़ौदा उल्हासनगर सेक्टर-3 शाखा में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व आयुर्वेदिक उपचार शिविर आयोजित।


 






उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी 

उल्हासनगर सेक्टर-3 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा द्वारा सोमवार, 23 फरवरी 2026 को एक व्यापक संपूर्ण स्वास्थ्य जांच एवं आयुर्वेदिक उपचार शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में ग्राहकों, बैंक कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

इस शिविर का आयोजन Unicare Health Center के सहयोग से किया गया, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने विभिन्न जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान कीं।

उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं

शिविर में लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण जांच और परामर्श सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिनमें शामिल हैं:

मधुमेह (शुगर) जांच

रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जांच

नाड़ी परीक्षण (आयुर्वेदिक पद्धति)

विशेषज्ञ डॉक्टर परामर्श

व्यक्तिगत आहार (डाइट) सलाह

योग एवं जीवनशैली मार्गदर्शन

आंखों की जांच

BMI (बॉडी मास इंडेक्स) मापन

रियायती दर पर विशेष पैथोलॉजी जांच

शिविर में इच्छुक लोगों के लिए पूर्ण शरीर जांच और रक्त परीक्षण रियायती दरों पर उपलब्ध कराया गया। जांच पैकेज में निम्न परीक्षण शामिल थे:

CBC एवं ESR

किडनी फंक्शन टेस्ट (RFT)

लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल)

लिवर फंक्शन टेस्ट

आयरन की कमी की जांच

थायरॉयड प्रोफाइल

डायबिटीज स्क्रीनिंग

विटामिन D3 एवं विटामिन B12 परीक्षण

स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और नियमित जांच के महत्व को समझाना था। विशेषज्ञों ने बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होती है।

शाखा प्रबंधक रवि शामनानी तथा महेश चावला सहित बैंक स्टाफ ने शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय नागरिकों ने बैंक की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए इसे जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

इस प्रकार, बैंक ऑफ बड़ौदा की यह पहल न केवल बैंकिंग सेवाओं तक सीमित रही, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

यह शिविर महेश चावला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। महेश चावला का जन्मदिन 26 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा।