ठाणे: दिनेश मीरचंदानीमुंबई और ठाणे से जुड़े अंडरवर्ल्ड तथा अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई में ठाणे की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए दाऊद इब्राहिम के कथित करीबी सहयोगी परवेज नसरुल्लाह खान उर्फ “चिंकू पठान” समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है। यह मामला वर्ष 2021 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा उजागर किए गए बहुचर्चित सिंथेटिक ड्रग्स रैकेट से जुड़ा है, जिसने देशभर की जांच एजेंसियों को चौंका दिया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के तार सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल और हवाला चैनलों से भी जुड़े हुए थे। मामले में डोंगरी निवासी कथित ड्रग कारोबारी मोहम्मद आरिफ भुजवाला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था, जिस पर बड़े स्तर पर सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण और सप्लाई का आरोप है।
समीर वानखेड़े की अगुवाई में शुरू हुई थी हाई-प्रोफाइल जांच
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच जनवरी 2021 में उस समय शुरू हुई थी, जब तत्कालीन NCB जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के नेतृत्व में कई स्थानों पर देर रात छापेमारी की गई थी। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई में मिले सुरागों ने जांच एजेंसियों को अंडरवर्ल्ड से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचा दिया।
अदालत ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत पांच आरोपियों को दोषी माना, जबकि पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। विशेष लोक अभियोजक इरानी ने अदालत में अंतिम दलीलें पेश करते हुए पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और बरामद सबूतों को विस्तार से रखा।
कैसे खुला ड्रग्स फैक्ट्री का राज?
जांच के दौरान NCB अधिकारियों ने नवी मुंबई के घनसोली इलाके में चिंकू पठान को मेफेड्रोन (MD) और हेरोइन की व्यावसायिक मात्रा के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
सूत्रों के मुताबिक, चिंकू पठान ने अधिकारियों को डोंगरी स्थित एक फ्लैट में चल रही गुप्त सिंथेटिक ड्रग्स लैब की जानकारी दी, जहां मोहम्मद आरिफ भुजवाला के संचालन का आरोप था। इसके बाद NCB ने वहां छापा मारा।
बताया जाता है कि छापेमारी के दौरान भुजवाला इमारत की स्कैफोल्डिंग के सहारे नीचे उतरकर फरार हो गया था। हालांकि बाद में उसे रायगढ़ जिले के माणगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
NCB की कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों और अन्य संदिग्ध सामग्री को जब्त किया। बरामदगी में शामिल हैं:
मेफेड्रोन (MD)
मेथामफेटामाइन
एफेड्रिन
हेरोइन
12 किलो से अधिक सिंथेटिक नशीले पदार्थ
ऑटोमैटिक हथियार
हवाला नेटवर्क से जुड़े कोडेड दस्तावेज
2.18 करोड़ रुपये से अधिक नकद रकम
अंडरवर्ल्ड-ड्रग्स-हवाला गठजोड़ पर बड़ा संकेत
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए अंडरवर्ल्ड, हवाला नेटवर्क और अवैध हथियारों के गठजोड़ की भी परतें खुली हैं। अदालत का यह फैसला महाराष्ट्र में सक्रिय संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है।