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उल्हासनगर-2 के राशन वितरण कार्यालय क्रमांक 40-एफ (उप) में कथित अनियमितताओं के आरोप, गरीब लाभार्थियों को पूरा राशन न मिलने की शिकायत; राशन दुकानदारों और RO-ARO अधिकारियों की भूमिका पर सवाल।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर-2 के राशन वितरण कार्यालय क्रमांक 40-एफ (उप) में अंतर्गत आने वाली विभिन्न राशन दुकानों में राशन वितरण को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि राशन दुकानदारों को उनके अंतर्गत दर्ज राशन कार्डों की संख्या के आधार पर निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इसके बावजूद पात्र गरीब लाभार्थियों तक पूरा राशन नहीं पहुंच रहा है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राशन वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के चलते कई जरूरतमंद परिवार अपने निर्धारित राशन से वंचित रह जाते हैं। वहीं, क्षेत्र के RO और ARO अधिकारियों की कथित मिलीभगत के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राशन दुकानों में उपलब्ध स्टॉक, राशन कार्डधारकों की संख्या और वास्तविक वितरण की निष्पक्ष जांच की जाए तो कथित गड़बड़ियों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाला राशन उनका अधिकार है। ऐसे में नागरिकों ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से उल्हासनगर-2 के राशन वितरण कार्यालय क्रमांक 40-एफ (उप) में अंतर्गत आने वाली सभी राशन दुकानों की जांच, स्टॉक का सत्यापन और वितरण व्यवस्था का ऑडिट कराने की मांग की है।

अब देखना होगा कि इन शिकायतों और आरोपों को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों एवं राशन दुकानदारों की भूमिका की जांच होती है।


















2029 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर उल्हासनगर में सियासी हलचल तेज, शिवसेना से कमलेश निकम के नाम की चर्चा। BJP-शिवसेना का गठबंधन नहीं हुआ तो बदल सकते हैं समीकरण, डॉ. श्रीकांत शिंदे की नजरों में कमलेश निकम का बढ़ता कद।

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र में 2029 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से राजनीतिक चर्चाएं तेज होने लगी हैं। खासतौर पर उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र में शिवसेना की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, यदि 2029 के विधानसभा चुनाव में BJP और शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं होता है और दोनों दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो शिवसेना की ओर से उल्हासनगर में एक नए चेहरे को मौका दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों का दावा है कि कल्याण लोकसभा क्षेत्र के शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की नजरों में उल्हासनगर के शिवसेना नेता कमलेश निकम लगातार अपनी मजबूत जगह बना रहे हैं। निकम पिछले कुछ समय से उल्हासनगर में संगठन को मजबूत करने और शिवसैनिकों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर शिवसेना के कार्यक्रमों, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क के चलते कमलेश निकम की सक्रियता चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वे पार्टी के छोटे-बड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ शिवसैनिकों के बीच अपना तालमेल और जनसंपर्क भी लगातार बढ़ा रहे हैं।

शिवसैनिकों में भी उत्साह का माहौल

कमलेश निकम की बढ़ती सक्रियता का असर स्थानीय शिवसैनिकों के बीच भी दिखाई देने की बात कही जा रही है। पार्टी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं में उनके नाम को लेकर सकारात्मक माहौल बनने की चर्चा है। ऐसे में यदि आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना और BJP अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं, तो उल्हासनगर सीट पर पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताएगी, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं

हालांकि, 2029 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर अभी काफी समय बाकी है और शिवसेना की ओर से कमलेश निकम के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पार्टी संगठन में उनकी बढ़ती सक्रियता और डॉ. श्रीकांत शिंदे के साथ बेहतर समन्वय को देखते हुए उनका नाम संभावित दावेदारों में चर्चा में आ सकता है।

आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति और महायुति के समीकरण किस दिशा में जाते हैं, यह तय करेगा कि 2029 में उल्हासनगर विधानसभा सीट पर मुकाबला किस तरह का होगा। फिलहाल कमलेश निकम के संभावित विधानसभा टिकट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।


















दूध-पनीर समेत खाद्य पदार्थों में मिलावट पर महाराष्ट्र सरकार सख्त, MCOCA की तैयारी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र में दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की जान और स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को निर्देश दिया है कि दूध, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ व्यापक और प्रभावी कार्रवाई की जाए। संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच, नमूने लेने, छापेमारी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को और तेज करने पर जोर दिया गया है।

संगठित मिलावटखोरी पर MCOCA का शिकंजा

सरकार की ओर से गंभीर और संगठित तरीके से मिलावट का कारोबार चलाने वालों के खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य उन लोगों और गिरोहों पर शिकंजा कसना है, जो बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

दूध-पनीर की गुणवत्ता पर विशेष नजर

दूध और पनीर जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े हैं। ऐसे में इन उत्पादों में मिलावट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार के निर्देशों के बाद FDA द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज किए जाने की संभावना है। मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मिलावटखोरों को सरकार की दो टूक चेतावनी

सरकार के इस सख्त रुख से खाद्य पदार्थों में मिलावट का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचने की संभावना है। प्रशासन का संदेश साफ है कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में राज्यभर में जांच और कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
















उज्ज्वल निकम बनेंगे केंद्रीय मंत्री? अमित शाह से मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में अटकलें तेज।

नई दिल्ली: दिनेश मीरचंदानी

केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर सियासी हलचल के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद और देश के वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में निकम को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि संसद के मौजूदा सत्र के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावना को लेकर चर्चा चल रही है। ऐसे में अमित शाह और उज्ज्वल निकम के बीच हुई मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, निकम को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मुंबई से दिल्ली तक पहुंची सकारात्मक रिपोर्ट!

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, उज्ज्वल निकम के राजनीतिक और सामाजिक कामकाज को लेकर मुंबई से दिल्ली तक सकारात्मक रिपोर्ट पहुंची है। इसी वजह से उन्हें केंद्र सरकार में कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय या अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

निकम का नाम देश के चर्चित सरकारी वकीलों में प्रमुखता से लिया जाता है। लंबे समय तक उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील आपराधिक मामलों में सरकार की ओर से पैरवी की है। आतंकवाद और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में उनकी प्रभावी पैरवी के कारण उन्हें देशभर में पहचान मिली।

कई चर्चित मामलों में कर चुके हैं पैरवी

उज्ज्वल निकम ने 1993 मुंबई बम धमाके, 26/11 मुंबई आतंकी हमला, गुलशन कुमार हत्याकांड, प्रमोद महाजन हत्याकांड और कोपर्डी बलात्कार-हत्या मामले समेत कई चर्चित मामलों में सरकारी पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है।

उनकी कानूनी विशेषज्ञता और लंबे सार्वजनिक जीवन को देखते हुए अब उनके संभावित राजनीतिक दायित्व को लेकर चर्चा हो रही है। अमित शाह के साथ उनकी हालिया मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

2025 में राज्यसभा के लिए हुए मनोनीत

उज्ज्वल निकम को वर्ष 2025 में राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था। इससे पहले उन्हें वर्ष 2016 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।

अब केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार के बीच अमित शाह से मुलाकात के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उज्ज्वल निकम को मोदी सरकार में मंत्री पद या कोई बड़ी संवैधानिक/राजनीतिक जिम्मेदारी मिलने जा रही है?

फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन निकम की अमित शाह से मुलाकात ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

















🏆*पत्रकारिता जगत में नई जिम्मेदारी: नीतू विश्वकर्मा को VOM इंटरनेशनल फोरम में महाराष्ट्र राज्य संयोजक नियुक्त किया गया* *पत्रकारों के हितों, मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के विकास के लिए निभाएंगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी*


 




ठाणे/महाराष्ट्र: दिनेश मीरचंदानी

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य, सामाजिक सक्रियता, संगठनात्मक योगदान तथा पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर प्रयासों को देखते हुए नीतू विश्वकर्मा को Voice of Media (VOM) International Forum में महाराष्ट्र राज्य संयोजक के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।

VOM इंटरनेशनल फोरम की ओर से जारी नियुक्तिपत्र के अनुसार यह नियुक्ति 9 अगस्त 2026 को की गई है। नियुक्तिपत्र में नीतू विश्वकर्मा के पत्रकारिता क्षेत्र में किए गए कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा पत्रकारों के हित में किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण माना गया है।

🔥 पत्रकारों की आवाज को मजबूत करने की जिम्मेदारी

नियुक्तिपत्र में उल्लेख किया गया है कि संगठन के उद्देश्यों, नीतियों और पत्रकारिता से जुड़े उपक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए नीतू विश्वकर्मा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा है।

नई जिम्मेदारी के तहत वे महाराष्ट्र में पत्रकारों को संगठित करने, पत्रकारों की समस्याओं एवं प्रश्नों को प्रभावी मंच तक पहुंचाने, पत्रकारिता क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक पहल करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने में योगदान देंगी।

यह जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने और मीडिया जगत के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का महत्वपूर्ण दायित्व भी है।

📰 मीडिया जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

आज के दौर में पत्रकारों के सामने कार्यस्थल की चुनौतियां, पत्रकारिता की स्वतंत्रता, डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका, पत्रकारों की सुरक्षा, आर्थिक एवं व्यावसायिक समस्याएं और विश्वसनीय पत्रकारिता को बनाए रखने जैसी अनेक चुनौतियां हैं।

ऐसे समय में महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में राज्य संयोजक की जिम्मेदारी संगठन और पत्रकार समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

🎉 नीतू विश्वकर्मा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

Shaurya Times परिवार की ओर से नीतू विश्वकर्मा को इस महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई।

हमें विश्वास है कि वे अपनी पत्रकारिता के अनुभव, निर्भीक सोच, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय कार्यशैली के माध्यम से महाराष्ट्र के पत्रकार समुदाय की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाएंगी तथा VOM इंटरनेशनल फोरम के उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगी।

नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं—यह पद पत्रकारिता के प्रति आपकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करे। 🇮🇳📰

📌 नियुक्ति की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी संगठन:

Voice of Media (VOM) International Forum

नियुक्त व्यक्ति: नीतू विश्वकर्मा

पद : महाराष्ट्र राज्य संयोजक

नियुक्ति दिनांक

9 अगस्त 2026

क्षेत्र महाराष्ट्र नियुक्तिपत्र



















महाराष्ट्र नगरपालिका विधेयक 2026: लोकप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों की प्रशासन में दखलंदाजी पर अब सख्ती होगी। पति-पत्नी, बच्चों या अन्य रिश्तेदारों द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाना अपराध माना जाएगा। CM देवेंद्र फडणवीस सरकार का बड़ा कदम।


मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों और औद्योगिक नगरियों के कामकाज में लोकप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

महाराष्ट्र नगर परिषद विधेयक 2026 में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनके तहत लोकप्रतिनिधियों की ओर से उनके पति-पत्नी, बच्चों या अन्य रिश्तेदारों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाना अथवा सरकारी कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप करना अपराध माना जा सकता है।

सरकार का मानना है कि स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत महत्वपूर्ण है, लेकिन उनके नाम पर परिवार के सदस्यों या अन्य रिश्तेदारों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव डालना व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है।

प्रस्तावित प्रावधानों का उद्देश्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रशासन को अनावश्यक राजनीतिक और पारिवारिक दबाव से मुक्त रखना है। इससे अधिकारियों को नियमों के अनुसार स्वतंत्र रूप से काम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लाए जा रहे महाराष्ट्र नगर परिषद विधेयक 2026 में प्रशासनिक कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति लोकप्रतिनिधि के नाम या उनकी ओर से प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है।

इस कदम से स्थानीय निकायों में अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच अधिकारों की स्पष्ट सीमा तय होने की उम्मीद है। साथ ही, सरकारी निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Maharashtra Municipal Council Bill 2026 | Bill No. 251SP















उल्हासनगर में 58 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस ने परिजनों की तलाश शुरू की।


 

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर-3 के मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 58 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा इसे अकस्मात मृत्यु के रूप में दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। मृत महिला की पहचान पुष्पा रमेश पवार (58) के रूप में हुई है। पुलिस ने महिला के परिजनों या परिचितों की जानकारी रखने वाले लोगों से पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की अपील की है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पुष्पा रमेश पवार बैरक नंबर 1132, इमली पाड़ा, फॉरेस्ट लाइन, उल्हासनगर-3, जिला ठाणे की निवासी थीं। बताया गया है कि उनकी तबीयत 26 मार्च 2026 से खराब चल रही थी और वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही थीं।

पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:45 बजे एक महिला उनसे मिलने पहुंची। उस दौरान पुष्पा पवार के शरीर में कोई हलचल दिखाई नहीं दी। इसके बाद आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें मध्यवर्ती अस्पताल, उल्हासनगर-3 ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद करीब रात 8:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महिला का हुलिया

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मृतका की उम्र 58 वर्ष, कद करीब 5 फीट 3 इंच और रंग सांवला था। उनकी कद-काठी मजबूत थी। बाल काले-सफेद तथा दांत साबुत थे। शरीर पर किसी विशेष पहचान चिन्ह या गोदने की जानकारी नहीं मिली है। दोनों पैरों में घुटनों के नीचे पुरानी चोटों के निशान बताए गए हैं। मृत्यु के समय उन्होंने फूलों के डिजाइन वाली काले, भगवा और नीले रंग की कुर्ती पहन रखी थी।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया महिला की मौत किसी शारीरिक बीमारी के कारण होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मामले में आवश्यक पुलिस प्रक्रिया और जांच जारी है।

परिजनों से संपर्क की अपील

मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को पुष्पा रमेश पवार के परिजनों, रिश्तेदारों या परिचितों के बारे में कोई जानकारी हो, तो वह तत्काल पुलिस से संपर्क करे, ताकि मृतका के परिवार तक सूचना पहुंचाई जा सके।

📞 मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन, उल्हासनगर-3:

0251-2706900 / 8108112242