मुंबई/उल्हासनगर: दिनेश मिरचंदानी
मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर ड्रग ओवरडोज़ मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठवें आरोपी शुभ अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को मामले में अहम सफलता माना जा रहा है। वानराई पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद अब ड्रग सप्लाई नेटवर्क के कई नए तार सामने आने लगे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले का मुख्य सप्लायर उल्हासनगर निवासी आयुष साहित्य अभी भी फरार है। जांच एजेंसियों को Snapchat चैट, डिजिटल ट्रेल, मोबाइल लोकेशन और UPI लेनदेन से जुड़े अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस ड्रग नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।
गिरफ्तार आरोपी शुभ अग्रवाल को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 20 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी से ड्रग सप्लाई चेन, पार्टी नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
उल्हासनगर कनेक्शन गहराया, कई संदिग्ध रडार पर
जांच के दौरान उल्हासनगर कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, उल्हासनगर निवासी साहिल, मोहित, दीपेश और धीरज का नाम भी संदेह के दायरे में आया है।
पुलिस को शक है कि ये सभी कथित तौर पर ड्रग सप्लाई, पार्टी नेटवर्क और युवाओं तक ड्रग्स पहुंचाने में शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस इन सभी की गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है।
उल्हासनगर की कुछ युवतियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में उल्हासनगर की कुछ युवतियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ये युवतियां कथित तौर पर पार्टी नेटवर्क और ड्रग वितरण चैनल से जुड़ी हो सकती हैं।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
गिरफ्तारी के डर से कई संदिग्ध अंडरग्राउंड
सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे गिरफ्तारी के डर से अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी, तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग कर रही हैं।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल ट्रांजैक्शन और संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है।
हाई-प्रोफाइल पार्टी नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि यह नेटवर्क केवल नेस्को सेंटर में आयोजित एक म्यूज़िक कॉन्सर्ट तक सीमित था या फिर मुंबई के अन्य हाई-प्रोफाइल पार्टियों और इवेंट्स तक फैला हुआ है।
पुलिस को शक है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर Snapchat, के जरिए ड्रग्स की डीलिंग की जा रही थी, जबकि UPI और डिजिटल पेमेंट के माध्यम से लेनदेन किया जा रहा था।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित म्यूज़िक कॉन्सर्ट के दौरान संदिग्ध ड्रग ओवरडोज़ से दो मैनेजमेंट छात्रों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह मामला हाई-प्रोफाइल बन गया।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क की कई परतें सामने आने लगीं।
आगे और गिरफ्तारियों की संभावना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। ड्रग सप्लाई चेन, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और पार्टी नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि पूरे ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।
🚨 अब तक की स्थिति
8 आरोपी गिरफ्तार
मुख्य सप्लायर आयुष साहित्य फरार
कई संदिग्ध अंडरग्राउंड
उल्हासनगर ड्रग नेटवर्क की जांच तेज
Snapchat और UPI लेनदेन जांच के दायरे में
🚨 मुंबई नेस्को ड्रग ओवरडोज़ केस में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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