उल्हासनगर: दिनेश मिरचंदानी
उल्हासनगर के कैम्प-5 क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बने अवैध डंपिंग ग्राउंड को हटाने को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब संगठित रूप से आवाज बुलंद कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार, 4 मई को संत प्रभाराम मंदिर, उल्हासनगर-5 में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु एक नवगठित समिति का गठन किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से साईं वसनशाह दरबार के साईं हीरालाल जी को समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी सदस्यों के विशेष आग्रह पर साईं हीरालाल जी ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की। उनके नेतृत्व में अब इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की रणनीति बनाई जा रही है।
समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में प्रकाश गोविंदराम लुंड (पिकी), मनीष नारा, राजकुमार कुकरेजा, राजेश चांगलानी, विजय वाधवा, मनीष ठाकुर, रॉकी शर्मा, नरेश आहुजा, निल शर्मा, जैकी सुखेजा और शशिकांत दायमा शामिल हैं। सभी सदस्यों ने एक स्वर में अवैध डंपिंग ग्राउंड को तत्काल हटाने की मांग की।
बैठक में यह भी गंभीर रूप से उठाया गया कि उक्त डंपिंग ग्राउंड में मृत पशुओं को फेंका जा रहा है, जिससे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। इस अमानवीय स्थिति को देखते हुए समिति ने मृत पशुओं के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए शवदाहिनी (इंसीनरेटर) की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई है।
इसके अलावा, क्षेत्र में फैल रहे धुएं, प्रदूषण और बदबू की समस्या से निपटने के लिए ठोस उपाययोजनाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। समिति ने निर्णय लिया कि इस पूरे मुद्दे को लेकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए व्यापक स्तर पर मुहिम चलाई जाएगी।
बैठक में उपस्थित नागरिकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रदूषण और अव्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए यह मामला अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में समिति की अगुवाई में इस मुद्दे पर बड़े स्तर पर आंदोलन होने की संभावना जताई जा रही है।

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