ठाणे: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका (यूएमसी) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़े गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अब भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपे जाने के विरोध में राष्ट्र कल्याण पार्टी ने आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश तिवारी ने घोषणा की है कि यदि ऐसे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदभार से नहीं हटाया गया तो 21 जुलाई को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
शैलेश तिवारी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 8 जुलाई को उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त कार्यालय के बाहर आयुक्त कक्ष के सामने राष्ट्र कल्याण पार्टी एवं छावा संगठन के निखिल गोळे के नेतृत्व में धरना आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन को भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े गए अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाने की मांग वाला ज्ञापन भी सौंपा गया था।
आंदोलन के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने लिखित उत्तर देते हुए बताया कि गणेश शिंपी, जो मूल रूप से लघुलेखक (वर्ग-3) के पद पर हैं और वर्तमान में उप-आयुक्त (प्रभाग समिति क्रमांक-2), कर निर्धारक एवं संकलक तथा चुनाव विभाग प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं, उनके संदर्भ में एसआईआर (Summary Inquiry Report) प्रक्रिया जारी है। प्रशासन के अनुसार यह प्रक्रिया अक्टूबर तक चलेगी, इसलिए उसके पूर्ण होने तक उनके खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई संभव नहीं है।
राष्ट्र कल्याण पार्टी ने प्रशासन के इस जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि जांच लंबित होने का हवाला देकर भ्रष्टाचार के आरोपित अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर बनाए रखना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
तिवारी ने बताया कि गणेश शिंपी के अलावा अजीत गोवारी (वरिष्ठ लिपिक), संजय पवार (कनिष्ठ अभियंता, नगररचना विभाग), अनिल खतुराणी (वरिष्ठ लिपिक, कर विभाग), अंकुश कदम (लिपिक, भंडार विभाग), राजा बुलानी (लिपिक एवं विधि विभाग प्रमुख), छाया डगळे (लिपिक, विधि विभाग), भानु परमार (लिपिक, कर विभाग) सहित अन्य कर्मचारियों को भी, जो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा कार्रवाई का सामना कर चुके हैं, महत्वपूर्ण पदभार दिया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि संजय पवार, बलराम गिधवा, जगदीश परमार सहित कुल 23 अधिकारी एवं कर्मचारी, जिन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़ा गया था, अब भी विभिन्न विभागों में प्रभावशाली जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
शैलेश तिवारी ने कहा कि यदि इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से महत्वपूर्ण पदभार वापस नहीं लिया गया तो 21 जुलाई को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
राष्ट्र कल्याण पार्टी ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का सामना कर रहे अधिकारियों को जांच पूरी होने तक किसी भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक अथवा वित्तीय जिम्मेदारी से दूर रखा जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता का विश्वास कायम रह सके।

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