उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर की महापौर अश्विनी कमलेश निकम ने उपविभागीय अधिकारी (एसडीओ) विजयानंद तथा एसडीओ कार्यालय के कर्मचारी गणेश वलवी के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एंटी करप्शन ब्यूरो) को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
महापौर अश्विनी निकम का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं हुई हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि सरकारी जमीनों से जुड़े मामलों में फर्जी सनद (दस्तावेज) तैयार कर जारी किए गए, जिससे सरकारी संपत्तियों के रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां होने की आशंका है।
उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा यदि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। महापौर का कहना है कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों को भी प्रभावित कर सकती है।
इस शिकायत के सामने आने के बाद उल्हासनगर के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों पर है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच एजेंसियों द्वारा सत्यापन अभी होना बाकी है। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








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