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उल्हासनगर में फ्लैट सौदे में ₹35.50 लाख की कथित धोखाधड़ी, जमीन मालिक-डेवलपर समेत 4 के खिलाफ FIR दर्ज।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर में अधूरे प्रोजेक्ट के नाम पर फ्लैट खरीदने के सौदे में कथित आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अनिल सीतलदास मंगतानी की शिकायत के आधार पर FIR क्रमांक 382/2026 उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायत में जमीन मालिक, डेवलपर और दो एजेंटों पर आपसी मिलीभगत कर कथित रूप से ₹35.50 लाख की आर्थिक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 में अनिल मंगतानी ने अपने मित्र एवं रियल एस्टेट ब्रोकर मनोजकुमार गोरघनदास थावरानी के माध्यम से उल्हासनगर-2 स्थित ‘सेवन हेवन’ अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदने की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद जमीन मालिक रजनी अर्जुनदास रामसिंधानी और उनके कथित डेवलपर मनोज कुल्लूमल पंजवानी से संपर्क हुआ।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, सेवन हेवन की तीसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर 301, करीब 1100 वर्ग फुट क्षेत्रफल के फ्लैट का सौदा ₹37.50 लाख में तय हुआ। सौदे के तहत शिकायतकर्ता का मौजूदा 780 वर्ग फुट का फ्लैट ₹17.50 लाख में देने तथा शेष ₹20 लाख का भुगतान करने की बात तय हुई।

शिकायत में बताया गया है कि 19 अगस्त 2023 को ₹50,000, इसके बाद 21 अगस्त 2023 को ₹5.50 लाख और 1 नवंबर 2023 को कुल ₹10 लाख विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रजनी रामसिंधानी को भुगतान किए गए। इस प्रकार फ्लैट सौदे के लिए कुल ₹16 लाख की बैंकिंग लेनदेन का उल्लेख शिकायत में किया गया है। इसके अलावा, शिकायतकर्ता के पुराने फ्लैट के बदले ₹17.50 लाख का सौदा भी किया गया था।

रजिस्ट्रेशन के बाद भी नहीं मिला कब्जा

शिकायत के अनुसार, 7 नवंबर 2023 को शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर सेवन हेवन के फ्लैट नंबर 301 का पंजीकरण कराया गया। रजिस्ट्रेशन के समय कथित तौर पर 15 महीने के भीतर फ्लैट का कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय अवधि बीतने के बावजूद इमारत का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और उन्हें फ्लैट का कब्जा भी नहीं मिला।

जब शिकायतकर्ता ने बार-बार फ्लैट के बारे में जानकारी मांगी, तो कथित तौर पर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि उनका पैसा डेवलपर मनोज पंजवानी को दिया जा चुका है और उनसे संपर्क किया जाए।

दो एजेंटों को ब्रोकरेज देने का भी आरोप

शिकायत में मनोजकुमार गोरघनदास थावरानी और सुनील चुन्नीलाल लालवानी पर भी ब्रोकरेज के नाम पर ₹1-1 लाख लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, थावरानी को ₹1 लाख Google Pay के माध्यम से तथा सुनील लालवानी को ₹1 लाख नकद दिए गए।

चार लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत

अनिल मंगतानी ने अपनी शिकायत में रजनी अर्जुनदास रामसिंधानी, मनोज कुल्लूमल पंजवानी, मनोजकुमार गोरघनदास थावरानी और सुनील चुन्नीलाल लालवानी को नामजद किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चारों ने कथित रूप से आपसी मिलीभगत कर उनका विश्वास हासिल किया और फ्लैट सौदे के नाम पर धनराशि प्राप्त करने के बाद न तो निर्धारित फ्लैट का कब्जा दिया और न ही उनका पैसा वापस किया।

शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में कुल ₹35.50 लाख की आर्थिक धोखाधड़ी एवं गबन का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।



















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