उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर-3 क्षेत्र में उल्हासनगर महानगरपालिका के समीप स्थित ‘मल्हार वॉटरफ्रंट’ नामक इमारत से संबंधित दस्तावेजों और निर्माण प्रक्रिया को लेकर कुछ गंभीर सवाल सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह इमारत प्लॉट नंबर 63, सेक्शन 4/A, शीट नंबर 51 तथा सी.टी.एस. नंबर 9113 से संबंधित बताई जा रही है। इमारत के लिए नक्शा/खाका क्रमांक UMC/BP/46/24/148 का उल्लेख किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित संपत्ति के दस्तावेजों में कथित तौर पर वायलेशन अथवा नियमों से संबंधित विसंगतियां होने की बात सामने आई है। साथ ही, निर्माण कार्य से जुड़ी कुछ कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यह संपत्ति विकास योजना (Development Plan—DP) के प्रावधानों से प्रभावित होने की बात भी कही जा रही है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, स्वीकृत भवन योजना, विकास अनुमति, निर्माण अनुमति, ऑक्युपेंसी/कम्प्लीशन संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक मंजूरियों की सक्षम प्राधिकरण से जांच किया जाना जरूरी है।
टाउन प्लानिंग विभाग के रिकॉर्ड की जांच अहम
सूत्रों के अनुसार, उल्हासनगर महानगरपालिका के टाउन प्लानिंग विभाग से संबंधित रिकॉर्ड में इस संपत्ति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सकती है। यदि किसी प्रकार का निर्माण या दस्तावेजी उल्लंघन पाया जाता है, तो उसकी वास्तविक स्थिति केवल सक्षम प्राधिकरण द्वारा रिकॉर्ड और स्थल निरीक्षण के आधार पर स्पष्ट की जा सकती है।
‘मंत्रालय टाइम्स’ को यह भी जानकारी मिली है कि उल्हासनगर शहर में ऐसी कई अन्य इमारतों और संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनके संबंध में Development Plan के प्रावधानों, स्वीकृत योजनाओं अथवा निर्माण अनुमति की स्थिति की जांच आवश्यक हो सकती है।
आगे भी सामने आएगी जानकारी
‘मंत्रालय टाइम्स’ द्वारा उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल के आधार पर ऐसी संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एक-एक कर सार्वजनिक करने का प्रयास किया जाएगा। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, बिल्डर या संस्था पर बिना आधिकारिक प्रमाण के आरोप लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित में दस्तावेजों और सरकारी मंजूरियों की स्थिति को सामने लाना है।
फ्लैट खरीदारों के लिए जरूरी सावधानी
‘मल्हार वॉटरफ्रंट’ अथवा किसी भी अन्य निर्माण परियोजना में फ्लैट खरीदने से पहले संभावित खरीदारों को केवल विज्ञापन या मौखिक आश्वासन पर निर्भर न रहते हुए संबंधित स्वीकृत प्लान, बिल्डिंग परमिशन, भूमि रिकॉर्ड, DP स्थिति, RERA संबंधी जानकारी (जहां लागू हो), कंप्लीशन/ऑक्युपेंसी दस्तावेज और अन्य वैधानिक मंजूरियों की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए।
महत्वपूर्ण: इस समाचार में उल्लेखित वायलेशन, अनियमितता और DP से प्रभावित होने संबंधी बातें उपलब्ध जानकारी/सूत्रों पर आधारित आरोप या दावे हैं। अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड, जांच और आदेश से ही स्पष्ट होगी। संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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