उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर की स्थानीय राजनीति में इन दिनों AKK की तिकड़ी—अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। महानगरपालिका की सत्ता और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में इस तिकड़ी की बढ़ती सक्रियता को लेकर शहर में तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह के बीच बढ़ता राजनीतिक तालमेल उल्हासनगर की राजनीति में एक नए समीकरण की ओर इशारा कर रहा है। यही वजह है कि इन तीनों नेताओं की गतिविधियों और उनके बीच दिखाई देने वाली नजदीकियों पर राजनीतिक जानकारों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी नजर बनी हुई है।
महानगरपालिका की सत्ता में प्रभाव को लेकर चर्चा
उल्हासनगर महानगरपालिका की सत्ता से जुड़े विभिन्न राजनीतिक फैसलों और गतिविधियों के बीच AKK की तिकड़ी के प्रभाव को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। शहर की स्थानीय राजनीति में यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आने वाले समय में यह राजनीतिक समीकरण महानगरपालिका की सत्ता और संगठनात्मक स्तर पर किस तरह की भूमिका निभाता है।
डॉ. श्रीकांत शिंदे के करीबी माने जाने की चर्चा
राजनीतिक हलकों में अरुण आशान, कमलेश निकम और कलवंत सिंह को शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के करीबी नेताओं में भी माना जाता है। इसी राजनीतिक नजदीकी के चलते उल्हासनगर में AKK की तिकड़ी को लेकर चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।
हालांकि, इस तिकड़ी की राजनीतिक भूमिका और भविष्य की रणनीति को लेकर अभी कई बातें राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित हैं। आने वाले दिनों में इनके बीच तालमेल और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों का असर उल्हासनगर की राजनीति पर कितना पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल, AKK की तिकड़ी उल्हासनगर की राजनीति में चर्चा का नया केंद्र बन गई है और शहर के राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तक इनके नाम और राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

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