मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
महाराष्ट्र में दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की जान और स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को निर्देश दिया है कि दूध, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ व्यापक और प्रभावी कार्रवाई की जाए। संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच, नमूने लेने, छापेमारी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को और तेज करने पर जोर दिया गया है।
संगठित मिलावटखोरी पर MCOCA का शिकंजा
सरकार की ओर से गंभीर और संगठित तरीके से मिलावट का कारोबार चलाने वालों के खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य उन लोगों और गिरोहों पर शिकंजा कसना है, जो बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
दूध-पनीर की गुणवत्ता पर विशेष नजर
दूध और पनीर जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े हैं। ऐसे में इन उत्पादों में मिलावट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार के निर्देशों के बाद FDA द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज किए जाने की संभावना है। मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटखोरों को सरकार की दो टूक चेतावनी
सरकार के इस सख्त रुख से खाद्य पदार्थों में मिलावट का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचने की संभावना है। प्रशासन का संदेश साफ है कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में राज्यभर में जांच और कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

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