उल्हासनगर: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
उल्हासनगर में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया को लेकर व्यापारी वर्ग की ओर से अब सरकार और महानगरपालिका प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। व्यापारियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उल्हासनगर महानगरपालिका की आयुक्त मनीषा आवहाले, IAS से अपील करते हुए ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्य प्रक्रिया को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित रखने का अनुरोध किया है।
व्यापारी वर्ग का कहना है कि इस मामले में कानूनी स्थिति को लेकर स्पष्टता आवश्यक है। इसी संदर्भ में ‘चेंबर ऑफ एसोसिएशंस ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड’ (CAMIT) द्वारा महाराष्ट्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए गए ज्ञापन का भी हवाला दिया गया है।
MMC अधिनियम के प्रावधानों का दिया गया हवाला
व्यापारियों की ओर से कहा गया है कि महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अधिनियम, 1949 के संबंधित प्रावधानों, विशेष रूप से धारा 370 (376) तथा अनुसूची ‘D’ (Schedule D) में निर्दिष्ट व्यवसायों के संदर्भ में ट्रेड लाइसेंस की आवश्यकता को समझा जाना चाहिए।
व्यापारी वर्ग का तर्क है कि जब तक इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार की ओर से अंतिम एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होते, तब तक सभी प्रकार के व्यापार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक समान रूप से अनिवार्य ट्रेड लाइसेंस लागू करने की कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
दंडात्मक कार्रवाई रोकने की मांग
व्यापारियों ने विशेष रूप से अनुरोध किया है कि जब तक सरकार इस विषय पर अंतिम निर्णय या दिशा-निर्देश जारी नहीं करती, तब तक धारा 370 (376) के दायरे में स्पष्ट रूप से नहीं आने वाले व्यापारियों के खिलाफ ट्रेड लाइसेंस के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माना अथवा अन्य कठोर कदम नहीं उठाए जाएं।
व्यापारी वर्ग का कहना है कि वह कानून और प्रशासन का सम्मान करता है तथा महानगरपालिका के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, अंतिम कानूनी एवं प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट होने तक व्यापारियों को अनावश्यक आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी से बचाया जाना चाहिए।
सरकार और मनपा प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
व्यापारी समुदाय ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनपा आयुक्त मनीषा आवहाले से इस पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश आने तक ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित रखने की मांग की है।
अब इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार और उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन की ओर से क्या भूमिका सामने आती है, इस पर व्यापारी वर्ग की नजर बनी हुई है। यदि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होते हैं, तो उससे उल्हासनगर के हजारों व्यापारियों के लिए स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।


कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें