मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत विशेष कार्य अधिकारी (OSD) रामेश्वर नाईक को कुंभ मेले के लिए विशेष समन्वयक (Coordinator) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति से जारी इस आदेश को कुंभ मेले की तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
22 जून 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि कुंभ मेले की सफलता में साधु-संतों, महंतों और विभिन्न अखाड़ों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विशाल धार्मिक आयोजन को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए संत समाज, अखाड़ों, कुंभमेला प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन तथा राज्य शासन के बीच प्रभावी संवाद और समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से रामेश्वर नाईक को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संत समाज, अखाड़ों और प्रशासन के बीच बनेंगे प्रमुख कड़ी
सरकारी आदेश के अनुसार रामेश्वर नाईक साधु-संतों, विभिन्न अखाड़ों, कुंभमेला प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का कार्य करेंगे। कुंभ मेले से जुड़े धार्मिक, प्रशासनिक और व्यवस्थागत विषयों पर समन्वय बनाए रखने के साथ-साथ वे विभिन्न पक्षों की मांगों और सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने तथा उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजन में कई बार धार्मिक परंपराओं, व्यवस्थाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होती है। ऐसे में सरकार द्वारा एक समर्पित समन्वयक की नियुक्ति को दूरदर्शी निर्णय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी हुआ आदेश
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी आदेश पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी के हस्ताक्षर हैं। आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह नियुक्ति मुख्यमंत्री की मंजूरी से की गई है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि राज्य सरकार ने कुंभ 2027 की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए प्रारंभिक स्तर से ही समन्वय तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
राज्य के शीर्ष अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
इस आदेश की प्रतिलिपि महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के कार्यालयों, नगर विकास विभाग, जलसंपदा विभाग, नासिक विभागीय आयुक्त, नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण, नासिक महानगरपालिका, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई है।
इससे स्पष्ट है कि सरकार कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर बहुस्तरीय समन्वय व्यवस्था विकसित करना चाहती है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या व्यवस्थागत बाधा उत्पन्न न हो।
करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना
नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। इस आयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु, साधु-संत, महंत और अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, आवास और बुनियादी सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि धार्मिक संगठनों और प्रशासन के बीच समय रहते प्रभावी संवाद स्थापित हो जाए तो आयोजन को अधिक सुचारु और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। रामेश्वर नाईक की नियुक्ति को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा
सरकार के इस फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि कुंभ 2027 को लेकर सरकार अब तैयारी के अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है और आने वाले महीनों में बुनियादी ढांचे, सड़क विकास, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा रामेश्वर नाईक को कुंभ मेले का समन्वयक नियुक्त किए जाने का निर्णय आगामी नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 की तैयारियों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस नियुक्ति से संत समाज, अखाड़ों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक कुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकेगा।

