उल्हासनगर-2 के प्रसिद्ध सिरू चौक स्थित सोनार गली और जवेरी बाजार में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी कारीगरों के काम करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन बाजारों में बड़ी संख्या में बाहरी कारीगर सक्रिय हैं, जिनकी वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, इन कारीगरों की पहचान और दस्तावेजों की जांच को लेकर अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह सुरक्षा और रोजगार दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
इस बीच, उल्हासनगर की कई सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवक इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही भाजपा के पूर्व सांसद Kirit Somaiya को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि अवैध रूप से रह रहे कारीगर पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।

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