मुंबई: दिनेश मिरचंदानी
मुंबई में चर्चित आर्यन खान ड्रग्स केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के गंभीर आरोपों पर पहली बार खुलकर जवाब दिया है।
समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान से उनके बेटे आर्यन खान को बचाने के लिए किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग नहीं की थी। उन्होंने इन आरोपों को “पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत” बताया है।
🔍 मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला अक्टूबर 2021 में सामने आया था, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मुंबई के पास एक क्रूज जहाज पर कथित ड्रग्स पार्टी की सूचना के आधार पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान आर्यन खान सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
यह मामला कुछ ही घंटों में राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया और लंबे समय तक मीडिया, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का केंद्र बना रहा।
💰 ₹25 करोड़ डील का आरोप:
बाद में इस केस में बड़ा मोड़ तब आया, जब आरोप लगाया गया कि आर्यन खान को राहत देने के बदले करीब ₹25 करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी।
इसी आधार पर मई 2023 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने समीर वानखेड़े और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोपों में मामला दर्ज किया था।
⚖️ अदालत में वानखेड़े का पक्ष:
अब इस मामले में नई कानूनी हलचल के बीच, वानखेड़े की ओर से अदालत में पेश दलीलों में कहा गया है कि:
जांच एजेंसी के पास रिश्वत मांगने या लेने का कोई ठोस सबूत नहीं है
पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई थी
उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत आधार पर प्रेरित हैं
📌 मामले की वर्तमान स्थिति:
इस बयान के बाद एक बार फिर यह हाई-प्रोफाइल केस चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजरें बॉम्बे हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
👉 यह मामला न सिर्फ कानून और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में आरोप और सच्चाई के बीच की दूरी कितनी जटिल हो सकती है।

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