मुंबई: दिनेश मिरचंदानी
मुंबई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। नवी मुंबई के बिल्डर गुरुनाथ चिंचकर की आत्महत्या मामले में अदालत के निर्देश के बाद NCB मुंबई के जोनल डायरेक्टर अमित घावते के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, नवी मुंबई के बिल्डर गुरुनाथ चिंचकर ने 25 अप्रैल 2025 को अपने कार्यालय में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर NCB और कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा मानसिक उत्पीड़न और दबाव का आरोप लगाया था।
परिवार के अनुसार, चिंचकर पिछले कुछ समय से काफी तनाव में थे और जांच एजेंसियों द्वारा लगातार पूछताछ से परेशान थे।
बेटे पर ड्रग सिंडिकेट चलाने का आरोप
बताया गया कि गुरुनाथ चिंचकर के बेटे नवीन चिंचकर पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोप थे। इसी मामले में NCB जांच कर रही थी। जांच के दौरान बार-बार पूछताछ, दबाव और कथित कार्रवाई की आशंका के कारण चिंचकर मानसिक तनाव में आ गए थे।
परिवार ने आरोप लगाया कि एजेंसियों के दबाव के कारण ही उन्होंने यह कदम उठाया।
कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज
मामले में परिवार द्वारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बाद अदालत ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद अब अमित घावते के खिलाफ निम्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है:
आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide)
आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy)
जबरन वसूली (Extortion)
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद एंटी-ड्रग एजेंसी की जांच प्रक्रिया और पूछताछ के तरीकों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला जांच एजेंसियों की जवाबदेही तय करने वाला महत्वपूर्ण केस साबित हो सकता है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
🚨 यह मामला अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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