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उल्हासनगर-3 स्थित सेंट्रल होस्पिटल परिसर में पेड़ों की कटाई को लेकर बड़ा विवाद, जांच और कार्रवाई की मांग तेज।


 






उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर-3 स्थित सेंट्रल होस्पिटल परिसर में कथित रूप से बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि अस्पताल परिसर के हिरणी कक्ष, नवनाथ मंदिर तथा अपघात (दुर्घटना) विभाग के पास स्थित करीब 6 से 8 बड़े पेड़ों को काट दिया गया और बाद में लकड़ी को बेच भी दिया गया।

मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि पेड़ों की कटाई बिना आवश्यक अनुमति के की गई। पर्यावरण नियमों के अनुसार बिना अनुमति पेड़ काटना दंडनीय अपराध माना जाता है। आरोप यह भी है कि पेड़ काटने के बाद अस्पताल से जुड़े एक जूनियर क्लर्क द्वारा लकड़ी को बेचने का काम किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील परिसर में इस प्रकार पेड़ों की कटाई बेहद गंभीर विषय है। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

साथ ही Central Hospital Ulhasnagar के सिविल सर्जन समेत संबंधित प्रशासनिक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि बिना अनुमति पेड़ काटे गए हैं, तो यह केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं बल्कि सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का भी गंभीर मामला है।

फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामले ने शहर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।














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