उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर-5 स्थित प्रसिद्ध जींस मार्केट एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। डेनिम जींस रोल कपड़ा कारोबार से जुड़े कुछ व्यापारियों पर भारत सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, जीएसटी और इनकम टैक्स नियमों में कथित हेराफेरी कर बड़े स्तर पर टैक्स चोरी किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, उल्हासनगर-5 के कुछ कपड़ा व्यापारी राजस्थान के भीलवाड़ा, गुजरात के अहमदाबाद तथा महाराष्ट्र के इचलकरंजी की विभिन्न टेक्सटाइल मिलों से 5 प्रतिशत जीएसटी के पक्के बिल पर डेनिम कपड़ा खरीदते हैं। इसके बाद यही माल स्थानीय जींस मार्केट में 2.5 प्रतिशत जीएसटी के कच्चे बिलों के माध्यम से बेचा जाता है।
आरोप है कि शेष 2.5 प्रतिशत राशि हवाला कारोबार और चेक डिस्काउंटिंग के जरिए समायोजित की जाती है। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार को मिलने वाले टैक्स में भारी कमी लाई जा रही है, जिससे केंद्र सरकार के राजस्व को बड़ा नुकसान हो रहा है।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में हवाला कारोबारियों, चेक डिस्काउंटिंग एजेंटों और कुछ अन्य आर्थिक माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित विभागों — जीएसटी, इनकम टैक्स और आर्थिक अपराध शाखा — को जल्द ही विस्तृत शिकायत सौंपी जा सकती है, जिसमें कई कारोबारियों और संबंधित लोगों के नाम भी शामिल होने की संभावना है।
व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, उल्हासनगर-5 जींस मार्केट में लंबे समय से टैक्स चोरी और बिना उचित दस्तावेजों के कारोबार को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि अब मामला बड़े स्तर पर सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल जीएसटी चोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हवाला लेन-देन, फर्जी बिलिंग, टैक्स चोरी और मनी ट्रेल जैसे गंभीर आर्थिक अपराधों के दायरे में भी आ सकता है। ऐसे में संबंधित कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना से बाजार में हड़कंप का माहौल बताया जा रहा है।

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