उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
शहर के उल्हासनगर-2 इलाके में कथित तौर पर ₹18 से ₹20 करोड़ के वीसी (चेक डिस्काउंट/वटाओं) और मंथली कार्ड से जुड़े बड़े वित्तीय लेनदेन घोटाले की चर्चाएं इन दिनों तेजी से फैल रही हैं। स्थानीय स्तर पर यह मामला व्यापारिक और वित्तीय हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण की अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी या पुलिस विभाग द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह कथित वित्तीय लेनदेन गजानंद मार्केट के पीछे स्थित टोक्यो मार्केट और उसके आसपास के क्षेत्र से संचालित होने की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि लंबे समय से वीसी (चेक डिस्काउंट/वटाओं) और मंथली कार्ड के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था, जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारी के मुताबिक, कथित घोटाले की रकम ₹18 से ₹20 करोड़ के बीच बताई जा रही है। यदि यह मामला सही पाया जाता है, तो यह उल्हासनगर के हाल के वर्षों के बड़े वित्तीय मामलों में से एक हो सकता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई प्रभावशाली लोगों और कारोबारियों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस कथित वित्तीय नेटवर्क में वीसी (चेक डिस्काउंट/वटाओं) के अलावा मंथली कार्ड प्रणाली के जरिए भी बड़े पैमाने पर धन का लेनदेन किया जाता था। हालांकि, इस संबंध में कोई दस्तावेज़ या आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही किसी जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है।
स्थानीय व्यापारिक वर्ग में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं, तो कई लोगों पर कानूनी कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल यह मामला केवल सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित प्रशासन, पुलिस अथवा किसी जांच एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है। मामले की पुष्टि होने के बाद ही किसी भी व्यक्ति या संस्था की भूमिका स्पष्ट मानी जाएगी।

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