उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) द्वारा पूर्व में कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महत्वपूर्ण विभागों का पदभार दिए जाने के विरोध में राष्ट्र कल्याण पार्टी ने आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के पदाधिकारी शैलेश तिवारी ने महापालिका प्रशासक को पत्र सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल पदभार नहीं हटाया गया, तो 8 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे आयुक्त कार्यालय के समक्ष धरना आंदोलन किया जाएगा तथा शासनादेश (जीआर) की प्रतीकात्मक होली जलाई जाएगी।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले कई वर्षों से ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार, आर्थिक अनियमितता अथवा एसीबी की कार्रवाई से जुड़े आरोप रहे हैं, उन्हें लगातार महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार सौंपा जा रहा है। इससे महापालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गणेश शिंपी को लेकर सबसे गंभीर आरोप
राष्ट्र कल्याण पार्टी ने अपने पत्र में सबसे अधिक सवाल गणेश शिंपी को दिए गए विभिन्न पदभारों को लेकर उठाए हैं। आरोप है कि मूल रूप से लघुलेखक (स्टेनो) पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्हें उपआयुक्त (प्रभाग समिति क्रमांक-2), कर निर्धारक एवं संकलक, चुनाव विभाग प्रमुख, अतिक्रमण विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
पत्र में दावा किया गया है कि शहर में बढ़ रहे अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण संबंधी मामलों तथा खतरनाक इमारतों को तोड़ने की प्रक्रिया में कथित आर्थिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह भी आरोप लगाया गया है कि पिछले कई वर्षों से अतिक्रमण विभाग में कार्यरत रहते हुए उन्होंने बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ अर्जित किया है, जिसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
साथ ही यह प्रश्न भी उठाया गया है कि नोडल अधिकारी का पद समाप्त किए जाने के बावजूद उन्हें अन्य नामों से समान प्रकार की जिम्मेदारियां क्यों सौंपी गईं। संगठन ने मांग की है कि उनसे सभी अतिरिक्त पदभार वापस लेकर उन्हें उनके मूल पद पर ही नियुक्त किया जाए।
अन्य अधिकारियों पर भी लगाए गए गंभीर आरोप
पत्र में कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यकाल तथा विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
अजीत गोवारी पर अनधिकृत निर्माण मामलों में कथित आर्थिक लाभ लेने का आरोप लगाते हुए उन्हें क्रीड़ा एवं उद्यान विभाग का प्रभार दिए जाने पर आपत्ति जताई गई है।
संजय पवार पर नगररचना विभाग में लंबे समय से कार्यरत रहते हुए निर्माण अनुमति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है तथा उनके स्थानांतरण की मांग की गई है।
अनिल खतुराणी के संबंध में कर विभाग और प्रभाग समिति में कथित भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए उन्हें महिला एवं बाल कल्याण विभाग का प्रमुख बनाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।
अंकुश कदग पर भंडार विभाग में खरीद-बिक्री संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उन्हें दिए गए पदभारों की समीक्षा की मांग की गई है।
राजा बुलानी के विरुद्ध विधि विभाग से जुड़े मामलों में कथित आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए गए हैं।
छाया डगळे और भानु परमार के संबंध में भी पूर्व में भ्रष्टाचार संबंधी मामलों का उल्लेख करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपे जाने पर आपत्ति दर्ज की गई है।
23 अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग
राष्ट्र कल्याण पार्टी ने दावा किया है कि एसीबी द्वारा कार्रवाई का सामना कर चुके लगभग 23 अन्य कर्मचारियों को भी विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदभार दिए गए हैं। संगठन ने मांग की है कि ऐसे सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर संबंधित कर्मचारियों को संवेदनशील पदों से हटाया जाए।
प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
शैलेश तिवारी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 8 जुलाई तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आयुक्त कार्यालय के समक्ष व्यापक धरना आंदोलन किया जाएगा। साथ ही शासनादेश की प्रतीकात्मक होली जलाकर महापालिका प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।
इस पूरे मामले ने उल्हासनगर महानगरपालिका की कार्यप्रणाली, पदभार वितरण प्रक्रिया और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाता है।




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