पुणे/उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
पुणे स्थित स्वामी चंदन प्रकाश आश्रम ट्रस्ट की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। आरोप है कि ट्रस्ट की बहुमूल्य संपत्ति की बिक्री स्वामी देव प्रकाश महाराज के कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर की गई। इस मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 तक स्वामी देव प्रकाश महाराज स्वामी चंदन प्रकाश आश्रम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी थे। आरोप है कि उन्हें दबाव बनाकर ट्रस्टी पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद ट्रस्ट के प्रशासन और संपत्तियों से जुड़े निर्णयों में बदलाव हुए।
बताया जा रहा है कि वर्तमान में स्वामी देव प्रकाश महाराज उल्हासनगर-5 स्थित स्वामी शांति प्रकाश आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। आरोप है कि उनके ट्रस्ट से अलग होने के बाद उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके कथित फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर पुणे स्थित ट्रस्ट की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन का सौदा किया गया।
यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला केवल ट्रस्ट की संपत्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह फर्जी दस्तावेज, कूटरचना, धोखाधड़ी और ट्रस्ट संपत्ति के कथित दुरुपयोग जैसे गंभीर कानूनी पहलुओं से भी जुड़ सकता है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी सामने आनी बाकी है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग तेज हो गई है।







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