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विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा, डांस बार संचालन के नियम होंगे और कड़े।

(फाइल फोटो) 

मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में डांस बारों के संचालन पर और अधिक सख्ती करने का फैसला किया है। डांस बार संचालकों द्वारा कानून की खामियों का फायदा उठाकर नियमों से बचने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सरकार मुंबई पुलिस अधिनियम में व्यापक संशोधन करने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार डांस बारों के संचालन को लेकर किसी भी प्रकार की कानूनी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ डांस बार संचालक डांस बार संबंधी कानून के तहत लाइसेंस लेने के बजाय अन्य कानूनी प्रावधानों का सहारा लेकर संचालन की अनुमति प्राप्त कर लेते हैं। इससे वे डांस बारों पर लागू सख्त नियमों और प्रतिबंधों से बच निकलते हैं। इस खामी को दूर करने के लिए सरकार मुंबई पुलिस अधिनियम में संशोधन करेगी, ताकि ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को केवल संशोधित कानून के तहत ही लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य हो और नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यह घोषणा कांग्रेस विधायक नाना पटोले द्वारा विधानसभा में ठाणे जिले में संचालित डांस बारों का मुद्दा उठाए जाने के बाद की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पहले से ही डांस बारों के नियमन के लिए कई कठोर नियम लागू कर चुकी है, लेकिन कुछ संचालक कानूनी प्रावधानों की कमजोरियों का लाभ उठाकर इन नियमों से बचने का प्रयास करते हैं। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य ऐसी सभी खामियों को पूरी तरह समाप्त करना है।

फडणवीस ने यह भी कहा कि राज्य सरकार तेज आवाज में डीजे बजाने और ध्वनि प्रदूषण के मामलों को लेकर भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि मौजूदा शोर प्रदूषण नियमों के तहत अनुमति दी जाती है और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले डांस बारों और अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने के लिए भी कानून में आवश्यक संशोधन करने पर विधि एवं न्याय विभाग के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की भावनाओं और कानून-व्यवस्था दोनों के प्रति समान रूप से संवेदनशील है। हालांकि, किसी भी कानून में संशोधन करते समय संवैधानिक अधिकारों और न्यायालयों द्वारा निर्धारित कानूनी सीमाओं का भी पूरा ध्यान रखना आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में कानून का दुरुपयोग न हो और वह न्यायिक कसौटी पर भी खरा उतर सके।

उन्होंने यह भी बताया कि डांस बारों के संचालन में अनियमितताओं या नियमों के उल्लंघन में यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का उद्देश्य डांस बारों के संचालन में पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।













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