उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका के गोल मैदान में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम एवं सौंदर्यीकरण परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नया विवाद खड़ा हो गया है। दिलीप व. मिश्रा ने इस परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सहित कई केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
दिलीप मिश्रा द्वारा 29 जून 2026 को उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि गोल मैदान में क्रिकेट स्टेडियम (स्पोर्ट्स ऑडिटोरियम/क्रिकेट क्लब) और सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए लगभग ₹2.85 करोड़ का ठेका वर्ष 2022 में मैसर्स जय भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। हालांकि, चार वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना का कार्य अपेक्षित स्तर पर पूरा नहीं हुआ है और मौके पर उल्लेखनीय प्रगति दिखाई नहीं देती।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि बिना वास्तविक कार्य किए ₹1,00,08,652 का बिल मंजूरी के लिए लेखा विभाग को भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह करदाताओं के धन के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला हो सकता है।
ज्ञापन में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से इंजीनियर संदीप जाधव की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही परियोजना की वास्तविक प्रगति, स्वीकृत निधि, भुगतान और बिलों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।
दिलीप मिश्रा ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक परियोजना से संबंधित किसी भी बिल का भुगतान या मंजूरी न दी जाए। यदि बिना कार्य किए अथवा अधूरे कार्य के आधार पर भुगतान की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की जांच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, आर्थिक अपराध शाखा तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जैसी एजेंसियों से कराने की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके।
ज्ञापन की प्रतिलिपि शहर अभियंता, मुख्य लेखापरीक्षक, जनसंपर्क अधिकारी तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, ठाणे को भी भेजी गई है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मामले में समय रहते निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से उल्हासनगर महानगरपालिका मुख्यालय के सामने व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।
नोट: उपरोक्त आरोप ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और मांगों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि या जांच के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।




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