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शाम 6 बजे के बाद उल्हासनगर मनपा में गतिविधियों को लेकर उठे सवाल, एंटी चैंबर के इस्तेमाल की जांच की मांग।


उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर महानगरपालिका में कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद भी कुछ गतिविधियां जारी रहने को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि शाम 6 बजे के बाद महानगरपालिका परिसर के एक एंटी चैंबर में एक प्रभावशाली नेता की कथित मौजूदगी रहती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

महानगरपालिका से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कार्यालयीन समय के बाद भी कुछ लोगों की आवाजाही बनी रहती है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कथित तौर पर बड़े ठेकेदारों, बिल्डरों और शहर के कुछ व्यापारियों से संबंधित कार्यों को लेकर मुलाकातें और चर्चाएं होती हैं।

इन दावों के सामने आने के बाद सवाल यह उठ रहा है कि यदि महानगरपालिका का नियमित कामकाज शाम 6 बजे समाप्त हो जाता है, तो उसके बाद परिसर में किन लोगों को प्रवेश की अनुमति दी जाती है और किन अधिकारियों अथवा जनप्रतिनिधियों से उनकी मुलाकात होती है।

जनता ने आयुक्त से की जांच की मांग

उल्हासनगर की जनता ने महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले से मांग की है कि कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद सभी चैंबर और एंटी चैंबर को नियमानुसार लॉक किया जाए तथा अनधिकृत प्रवेश और बैठकों पर रोक सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही महानगरपालिका परिसर की CCTV फुटेज की जांच किए जाने की मांग भी उठ रही है। जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि शाम 6 बजे के बाद महानगरपालिका परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद रहे, किस समय प्रवेश और निकास हुआ तथा किन लोगों से मुलाकात हुई।

आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी

यह मामला किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने के बजाय महानगरपालिका की प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यालयीन व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। यदि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं, तो CCTV फुटेज और आधिकारिक रिकॉर्ड से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं, यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जिस नेता के संबंध में आरोप लगाए जा रहे हैं, वह कौन है। इसलिए किसी व्यक्ति का नाम बिना आधिकारिक पुष्टि के सामने रखना उचित नहीं होगा। मामले में महानगरपालिका प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

अब सवाल यही है—क्या उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन शाम 6 बजे के बाद की गतिविधियों की CCTV और प्रवेश रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष जांच करेगा?


















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