उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) में अकाउंट ऑफिसर के पदभार को लेकर प्रशासनिक स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि नियुक्ति आदेश जारी होने के बावजूद पिछले तीन दिनों से नितल लव्हाले को अब तक अकाउंट ऑफिसर का विधिवत पदभार नहीं सौंपा गया है। इस देरी को लेकर महानगरपालिका के कर्मचारियों और शहर के विभिन्न हलकों में चर्चा का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, अकाउंट ऑफिसर का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि महानगरपालिका की वित्तीय व्यवस्था, भुगतान, बजट और लेखा संबंधी कार्य इसी विभाग के माध्यम से संचालित होते हैं। ऐसे में पदभार सौंपने में हो रही देरी को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
चर्चाओं के बीच यह सवाल भी सामने आ रहा है कि पूर्व अकाउंट ऑफिसर किरण भिलारे का प्रभाव अब भी बना हुआ है या नहीं। कुछ लोग यह भी प्रश्न उठा रहे हैं कि आखिर नितल लव्हाले को समय पर चार्ज क्यों नहीं दिया जा रहा है और इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से स्पष्टता क्यों नहीं दी जा रही।
हालांकि, इन चर्चाओं और सवालों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। महानगरपालिका प्रशासन या आयुक्त की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
अब कर्मचारियों और नागरिकों की निगाहें महानगरपालिका प्रशासन पर टिकी हैं। सभी यह जानना चाहते हैं कि नितल लव्हाले को अकाउंट ऑफिसर का पदभार कब सौंपा जाएगा और पदभार में हो रही देरी के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। यदि प्रशासन इस विषय पर आधिकारिक जानकारी जारी करता है, तो स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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