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उल्हासनगर-3: होटल डॉल्फीन क्लब के बाहर ₹20 हजार के लेन-देन को लेकर कथित मारपीट व चाकू हमले का आरोप। मध्यवर्ती पुलिस ने BNS की धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू की।


 

उल्हासनगर: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क

उल्हासनगर-3 स्थित होटल डॉल्फीन क्लब के गेट के सामने कथित तौर पर दिनदहाड़े मारपीट और चाकू/कटरनुमा हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मध्यवर्ती पुलिस थाने में FIR No. 0565/2026, दिनांक 25 सितंबर 2026, को दर्ज की गई है।

पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध FIR विवरण के अनुसार, शिकायतकर्ता जयेश सुंदरदास आहूजा (31), निवासी कल्याण पश्चिम, का करीब ₹20 हजार का कथित आर्थिक लेन-देन फिरोज जवरानी नामक व्यक्ति के साथ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित रकम वापस नहीं मिलने तथा फोन पर संपर्क नहीं होने के बाद वह उक्त व्यक्ति से मिलने के लिए गया था।

बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने का आरोप

शिकायतकर्ता के बयान के मुताबिक, 25 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे वह होटल डॉल्फीन क्लब के पास मौजूद था। इसी दौरान रोशन हरेश पुरुस्वानी अपने दो साथियों के साथ कथित तौर पर वहां पहुंचा।

FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर गाली-गलौज तथा मारपीट शुरू हो गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान उस पर चाकू/कटरनुमा हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी नाक पर चोट लगी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई तथा उसे जान से मारने की धमकी दी गई।

BNS की इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

उपलब्ध FIR विवरण के अनुसार, मध्यवर्ती पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 118(1), 115(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जांच अधिकारी: पुलिस निरीक्षक विठ्ठल बाबासाहेब बधे।

राजनीतिक संबंध को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में आरोपी रोशन पुरुस्वानी और शिवसेना के मौजूदा नगरसेवक जम्मू पुरुस्वानी के परिवार के बीच कथित पारिवारिक संबंध होने की चर्चा भी सामने आई है।

हालांकि, उपलब्ध स्रोतों के आधार पर इस कथित पारिवारिक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR को केवल कथित पारिवारिक या राजनीतिक संबंधों के आधार पर किसी राजनीतिक दल अथवा निर्वाचित प्रतिनिधि की जिम्मेदारी से जोड़ना भी उचित नहीं होगा। यदि कोई आपराधिक कृत्य हुआ है, तो उसकी जांच संबंधित पुलिस एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।

पूर्व घटनाओं को लेकर भी दावे, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

स्थानीय स्तर पर आरोपी के खिलाफ पहले भी लोगों को डराने-धमकाने अथवा मारपीट जैसी घटनाओं में कथित रूप से शामिल होने की चर्चाएं होने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि, इन अतिरिक्त आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पुराने मामलों के आधिकारिक रिकॉर्ड इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इन्हें किसी स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। पुलिस जांच के दौरान यदि ऐसे किसी पूर्व रिकॉर्ड की पुष्टि होती है, तो संबंधित जानकारी आधिकारिक स्रोतों के आधार पर सामने आ सकती है।

नागरिकों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील

मारपीट, धमकी, जबरन वसूली या किसी अन्य प्रकार की आपराधिक घटना का सामना करने वाले नागरिकों को कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए। आपात स्थिति में 112 पर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।

पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल यह मामला पुलिस में दर्ज FIR और शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए बयान पर आधारित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है। पुलिस जांच के दौरान उपलब्ध CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं।

महत्वपूर्ण कानूनी नोट: FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति के अपराधी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा। आरोपी को दोष सिद्ध होने तक कानूनन निर्दोष माना जाता है।

स्रोत: मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन, ठाणे शहर — FIR Copy No. 0565, दिनांक 25/09/2026; शिकायतकर्ता का बयान।



















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