मुंबई: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई के काळाचौकी स्थित महागणपति उत्सव मंडल में बिजली के करंट से दो लोगों की मौत और चार के घायल होने के बाद महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दाखिल की गई है।
मुंबई के काळाचौकी स्थित महागणपति मंडप में बिजली का करंट लगने से दो लोगों की मौत और चार लोगों के घायल होने के बाद महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज हुई।
अधिवक्ता आशिष राय ने आयोग से तत्काल हस्तक्षेप मांगा
बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिवक्ता आशिष राय ने शिकायत में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग से गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल हस्तक्षेप और निर्देश जारी करने की मांग की है।
शिकायत में मुंबई पुलिस, बीएमसी, बेस्ट, महाराष्ट्र सरकार, मंत्रालय और महागणपति मंडल, काळाचौकी सहित संबंधित प्राधिकरणों की कथित लापरवाही की जांच तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
यह शिकायत 20 सितंबर की उस घटना के बाद सामने आई, जिसमें महागणपति उत्सव मंडल के प्रवेश द्वार के पास अस्थायी पानी और शीतपेय स्टॉल के निकट करंट फैलने की सूचना मिली।
मृतकों और घायलों की पहचान सामने आई
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों की पहचान आठ वर्षीय रागिनी घनश्याम यादव और 33 वर्षीय सुजाता बालराज थोडेटी के रूप में हुई है; चार अन्य लोग घायल हुए।
घायलों में 12 वर्षीय रूही शैलेश सिंह की हालत गंभीर बताई गई, जबकि किरण अकबर नाइक, तन्वी नरेश हांडे और साहिल संदीप तारे स्थिर बताए गए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना दत्ताराम लाड मार्ग स्थित दिग्विजय मिल चाल के पास हुई, जहां गणेशोत्सव की भीड़ के बीच अस्थायी विद्युत व्यवस्था और पानी का स्टॉल संचालित था।
बीएमसी के अनुसार, मंडल की रोशनी और शीतपेय स्टॉल के लिए अस्थायी बिजली मीटर लगाया गया था। बाद में स्थानीय बिजली मिस्त्री ने मीटर की वायरिंग और एमसीबी काट दी।
बेस्ट निरीक्षण और पुलिस जांच जारी
घटना के बाद बेस्ट अधिकारियों ने दिग्विजय मिल चाल में डीएलएम-14 पोल के पास विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया, जबकि काळाचौकी पुलिस ने जांच के लिए मीटर निरीक्षक को बुलाया।
पुलिस ने इस मामले में स्टॉल संचालक कमल शेट्टी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 125(b) के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी दी।
आशिष राय की शिकायत में प्राथमिकी दर्ज करने में कथित देरी, पंडालों में भीड़ प्रबंधन की कमी, विद्युत सुरक्षा में लापरवाही और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर तत्काल अंतरिम आदेश मांगे गए हैं।
राज्यभर के गणेश पंडालों के सुरक्षा ऑडिट की मांग
शिकायतकर्ता ने राज्यभर के सार्वजनिक गणेश पंडालों में सुरक्षा ऑडिट और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, क्योंकि गणेशोत्सव के अभी कुछ दिन शेष हैं।
मानवाधिकार आयोग के समक्ष यह शिकायत ऐसे समय आई है जब बड़े गणेश पंडालों में भारी भीड़, अस्थायी बिजली कनेक्शन और सार्वजनिक आवागमन की सुरक्षा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।
इस शिकायत में उठाए गए आरोपों और मांगों पर संबंधित प्राधिकरणों का पक्ष तथा महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी, जबकि घटना की पुलिस जांच जारी है।


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