सियासत
अंबरनाथ: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र में प्रशासन ने हाउसिंग सोसायटियों के लिए सख्त रुख अपनाया है। सोसायटी परिसरों में निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करते हुए तेज आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनिक्षेपक उपकरण बजाए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित सोसायटी के पदाधिकारियों और प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
इस संबंध में अंबरनाथ तालुका के सहायक निबंधक राजेंद्र विठ्ठल मरकड ने 8 सितंबर 2026 को अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र की हाउसिंग सहकारी संस्थाओं की प्रबंधन समितियों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन अनिवार्य
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को लेकर निर्धारित नियमों और ध्वनि सीमा का पालन करना आवश्यक है। गणेशोत्सव के दौरान सोसायटियों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों में ध्वनिक्षेपक या डीजे का इस्तेमाल करते समय निर्धारित मानकों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
यदि किसी सोसायटी परिसर से निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर बजाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले में संबंधित सोसायटी के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष तथा प्रबंधन समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को परेशानी का मुद्दा
गणेशोत्सव और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से आसपास रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों तथा बीमार लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन ने सोसायटी पदाधिकारियों से ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक उत्सव और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान नागरिकों की सुविधा तथा स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ध्वनि की निर्धारित सीमा का पालन किया जाना चाहिए।
14 से 25 सितंबर तक विशेष सतर्कता
गणेशोत्सव की अवधि में 14 से 25 सितंबर 2026 के दौरान सोसायटियों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सोसायटी प्रबंधन से अपेक्षा की गई है कि कार्यक्रमों के दौरान ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन न हो और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में गणेशोत्सव के दौरान सोसायटियों के पदाधिकारियों के सामने उत्सव आयोजन के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी रहेगी।
सोसायटी पदाधिकारियों की बढ़ी जिम्मेदारी
प्रशासन के इस परिपत्र के बाद अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र की हाउसिंग सोसायटियों में गणेशोत्सव के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की संभावना है। नियमों का पालन कराने में सोसायटी प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस कदम का उद्देश्य गणेशोत्सव जैसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करना बताया गया है।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुचारु एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयुक्त मनीषा आव्हाळे (भा.प्र.से.) ने अतिरिक्त आयुक्त, उप-आयुक्त एवं सहायक आयुक्तों के विभागीय कामकाज में आंशिक फेरबदल किया है। इस संबंध में 9 सितंबर 2026 को कार्यालयीन आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार, अतिरिक्त आयुक्त श्री धीरज चव्हाण को सामान्य प्रशासन, संपत्ति कर, सार्वजनिक स्वास्थ्य, रिकॉर्ड, विधि, भंडार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, बाजार एवं लाइसेंस, जनसंपर्क, चुनाव, शिक्षा, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा स्वास्थ्य, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, वाहन एवं परिवहन, खेल एवं सांस्कृतिक, दिव्यांग कल्याण, समाज विकास, संपत्ति, अनधिकृत निर्माण निष्कासन, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा सहित कुल 25 विभागों का कामकाज सौंपा गया है।
उप-आयुक्तों के विभागों में भी बदलाव
आदेश के तहत डॉ. दीपाली चौगुले को सामान्य प्रशासन, विधि, अग्निशमन, भंडार, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
श्री अनंत जवाबदार को जल आपूर्ति, महिला एवं बाल कल्याण, चिकित्सा स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्यान, चुनाव, संपत्ति कर तथा वृक्ष प्राधिकरण विभाग सौंपे गए हैं।
श्रीमती स्नेहा करपे के जिम्मे संपत्ति, पर्यावरण, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, वाहन एवं परिवहन, समाज विकास, रिकॉर्ड, जनगणना एवं आधार केंद्र, जनसंपर्क, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, विवाह पंजीकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण तथा दिव्यांग कल्याणकारी योजना विभाग किए गए हैं।
वहीं, श्रीमती सुषमा पाटिल, मुख्य लेखा परीक्षक एवं प्रभारी उप-आयुक्त, को खेल एवं सांस्कृतिक विभाग का कामकाज सौंपा गया है।
सहायक आयुक्तों को भी नई जिम्मेदारियां
महानगरपालिका के विभिन्न प्रभागों और विभागों के कामकाज में भी बदलाव किया गया है। आदेश के अनुसार सहायक आयुक्त अजय साबळे को प्रभाग समिति क्रमांक 1 का कार्यभार दिया गया है।
किरण कापसे को सामान्य प्रशासन (स्थापना), वाहन, परिवहन तथा बाजार एवं लाइसेंस विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
अक्षय पाटील को खेल एवं सांस्कृतिक, पर्यावरण, संपत्ति तथा भंडार विभाग सौंपे गए हैं, जबकि विशाल कदम को खेल विभाग एवं सामान्य प्रशासन (प्रशासन) का कामकाज दिया गया है।
सलोनी निवकर को जनगणना एवं आधार विभाग तथा अलका पवार को आपदा प्रबंधन, सुरक्षा एवं रिकॉर्ड विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार गणेश शिंपी, प्रभारी सहायक आयुक्त, को प्रभाग समिति क्रमांक 2, दिव्यांग विभाग एवं चुनाव विभाग का कार्यभार दिया गया है। अजित गोवारी को प्रभाग समिति क्रमांक 3 का कार्यभार मूल जिम्मेदारियों के साथ संभालने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मनिष हिवरे के संबंध में प्रभाग समिति क्रमांक 4 का कार्यभार तथा सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पद के कार्यभार में बदलाव का उल्लेख आदेश में किया गया है।
तीन विभाग प्रमुखों को भी जिम्मेदारी
आदेश में विभाग प्रमुखों के स्तर पर भी जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। गणेश पवार, प्रभारी विभाग प्रमुख को भंडार विभाग, सतीश राठोड, प्रभारी विभाग प्रमुख को खेल विभाग तथा विशाखा सावंत, प्रभारी विभाग प्रमुख को वाहन एवं परिवहन विभाग का कार्यभार सौंपा गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए अधिकार एवं कर्तव्य महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 69 के तहत आयुक्त के नियंत्रण एवं पुनरीक्षण के अधीन रहेंगे।
आयुक्त मनीषा आव्हाळे द्वारा जारी इस कार्यालयीन आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज में विभागीय समन्वय, जिम्मेदारी और कार्यक्षमता को बेहतर बनाना बताया गया है।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने तथा नागरिकों के आवेदन, पत्रों और शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप आयुक्त (मुख्यालय) डॉ. दीपाली चौगुले ने महानगरपालिका के सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश जारी किए हैं।
डॉ. चौगुले ने निर्देश दिया है कि महानगरपालिका में प्राप्त होने वाले आवेदन-पत्रों, पत्राचार एवं अन्य मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए। किसी भी आवेदन या पत्र को अनावश्यक रूप से लंबित रखने अथवा उसके निपटारे में दफ्तर-दिरंगाई बरतने को अब प्रशासन गंभीरता से लेगा।
समय पर काम नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जानबूझकर फाइल लंबित रखी जाती है, कार्यवाही में अनावश्यक देरी की जाती है या निर्धारित समय-सीमा में आवेदन-पत्र का निपटारा नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्देश का उद्देश्य महानगरपालिका के कामकाज में जवाबदेही, पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाना है, ताकि नागरिकों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से महानगरपालिका कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकारियों-कर्मचारियों की बढ़ेगी जवाबदेही
उप आयुक्त डॉ. दीपाली चौगुले के इस सख्त निर्देश के बाद महानगरपालिका के विभिन्न विभागों में लंबित आवेदनों और पत्रों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। प्रशासन की इस पहल से नागरिकों के काम समय पर पूरे होने के साथ-साथ महानगरपालिका की कार्यप्रणाली में भी सुधार आने की संभावना है।
“प्रशासन की लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता के हक और हितों के लिए प्रहार संगठन प्रशासन के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करेगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सड़क पर उतरकर भी जनहित में आंदोलन किया जाएगा।”
ऐसा उल्हासनगर प्रहार संगठन के अध्यक्ष शरद पोळके ने कहा।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का 50वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट को नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में एक अनुभवी न्यायाधीश का नेतृत्व मिलेगा।
न्यायमूर्ति त्रिपाठी की नियुक्ति न्यायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट महाराष्ट्र और गोवा से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक, प्रशासनिक एवं कानूनी मामलों की सुनवाई करता है। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी न्यायिक प्रशासन की दृष्टि से अहम होगी।
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबे समय से न्यायिक सेवाएं दे रहे हैं। अब उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट की कमान सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति के बाद न्यायपालिका से जुड़े लोगों और कानूनी क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
मोतिहारी: दिनेश मीरचंदानी
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को मोतिहारी स्थित बापू सभागार में ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘नशामुक्त युवा’ विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित कर युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), मुंबई जोन के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों, इससे उत्पन्न सामाजिक चुनौतियों और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
समीर वानखेड़े ने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने भविष्य और करियर पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाकर ही मजबूत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने की। उन्होंने भी युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने तथा स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर
‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराना और समाज में नशामुक्ति को लेकर व्यापक जनजागरूकता पैदा करना है। कार्यक्रम के दौरान नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान पर भी चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा, रोजगार, खेल और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाया जाए, तो देश के विकास को नई गति मिल सकती है।
सेमिनार में युवाओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुलरेज शहजाद ने दी। उन्होंने बताया कि ‘नशामुक्त युवा’ के संदेश को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने तथा नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
विद्यार्थियों की मेहनत, प्रतिभा और शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मान देने तथा युवा पीढ़ी का उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से भव्य ‘गुणगौरव समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह में क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
‘जिद का सम्मान, युवा ऊर्जा की सराहना’ की संकल्पना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की मेहनत को पहचान देना और उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। समारोह को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
समारोह में कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
रविवार, 30 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे आयोजित होने वाले इस समारोह में कई प्रमुख नेताओं एवं गणमान्य व्यक्तियों की विशेष उपस्थिति रहेगी।
कार्यक्रम में समीर वानखेड़े (आईआरएस), अमित ठाकरे, अध्यक्ष—महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना, तथा बाला नांदगांवकर, नेता—महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।
प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी में मेधावी विद्यार्थियों का गुणगौरव किया जाएगा तथा उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
घाटकोपर पश्चिम मनसे विभाग की पहल
इस कार्यक्रम का आयोजन गणेश चुक्कल, विभाग अध्यक्ष—महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, घाटकोपर पश्चिम द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देना और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना समाज में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, नागरिकों और शुभचिंतकों से भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहने की अपील की गई है। आयोजकों का उद्देश्य है कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान मिलने के साथ-साथ अन्य युवाओं को भी शिक्षा और मेहनत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले।
📍 कार्यक्रम का स्थान
ले. जगजीतसिंह अरोड़ा क्रीड़ांगन, कैलाश कॉम्प्लेक्स, 90 फीट रोड, बृहन्मुंबई महानगरपालिका स्कूल के पास, विक्रोली (पश्चिम), मुंबई।
📅 दिनांक: रविवार, 30 अगस्त 2026
🕕 समय: शाम 6 बजे
📞 संपर्क: 9930914444
मनसे के इस गुणगौरव समारोह को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से जागरूक करने और समाज में नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, पवई चांदिवली शाखा और CSC – चंद्रभान शर्मा कॉलेज, पवई के संयुक्त आयोजन में एक विशेष ड्रग जागरूकता सेमिनार आयोजित किया जा रहा है।
यह विशेष कार्यक्रम शनिवार, 29 अगस्त 2026 को गोपाल शर्मा ऑडिटोरियम, पवई, मुंबई में आयोजित होगा। कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
समीर वानखेड़े होंगे मुख्य वक्ता
सेमिनार में श्री समीर वानखेड़े, IRS, अतिरिक्त निदेशक, DGTS, चेन्नई, मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले सामाजिक एवं व्यक्तिगत नुकसान, युवाओं पर इसके प्रभाव तथा नशे से दूर रहने के महत्व को लेकर जागरूकता पैदा की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, यह केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं को स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
‘आज जागरूक रहें, कल सुरक्षित रहें’
सेमिनार की मुख्य थीम “आज जागरूक रहें, कल सुरक्षित रहें” रखी गई है। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से जुड़े तथ्यों को समझने, नशीले पदार्थों से स्पष्ट रूप से दूरी बनाए रखने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट है—
“आपका आज का चुनाव ही आपके कल को आकार देता है।”
भारत विकास परिषद और CSC की इस पहल का उद्देश्य युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में यह संदेश मजबूत करना है कि नशे को ना कहना और जीवन को चुनना ही सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य की दिशा है।
आयोजन की प्रमुख जानकारी
📅 दिन: शनिवार, 29 अगस्त 2026
⏰ समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
📍 स्थान: गोपाल शर्मा ऑडिटोरियम, पवई, मुंबई
🎤 मुख्य वक्ता: श्री समीर वानखेड़े, IRS
🏛️ आयोजक: भारत विकास परिषद, पवई चांदिवली शाखा एवं CSC – चंद्रभान शर्मा कॉलेज
नारा:
“नशे को कहें ना, जीवन को चुनें।”
“आइए, मिलकर बेहतर कल चुनें।”
ठाणे: दिनेश मीरचंदानी
आगामी त्योहारों और उत्सवों के मद्देनजर ठाणे पुलिस आयुक्तालय की ओर से सोमवार को सिद्धि हॉल, ठाणे में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। दोपहर 4 बजे से शाम 6 बजे तक चली इस बैठक में ठाणे पुलिस आयुक्तालय के परिमंडल 1 से 5 तक के शांति समिति सदस्यों के साथ प्रतिष्ठित नागरिक, वकील, डॉक्टर तथा विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु और मौलाना बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में शांति समिति और पुलिस मित्र के कुल 135 सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में प्रा. सुमित्र कांबले, एड. हेमंत म्हात्रे, डॉ. विवेक भोसले, श्री शरफुद्दीन कर्ते, श्री विश्वनाथ टिवलकर, एड. तृप्ती पाटील, श्री विकास निकम और श्री अनिल तिवारी सहित कई सदस्यों ने अपने विचार और सुझाव रखे।
त्योहारों के दौरान शांति और व्यवस्था पर जोर
बैठक में पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, सह-पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण और अपर पुलिस आयुक्त संजय जाधव ने आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर मार्गदर्शन दिया।
पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने कहा कि शांति समिति के सदस्य आम नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। आगामी त्योहारों के दौरान सड़क व्यवस्था और बिजली आपूर्ति से संबंधित किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने की आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवा वर्ग के साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दिया और शांति समिति के सदस्यों से युवाओं के संपर्क में रहने की अपील की।
न्यायालय के निर्देशों और ध्वनि नियमों का पालन जरूरी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान संबंधित मंडलों तथा नागरिकों को न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। ध्वनि का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और सीमाओं के भीतर किया जाना चाहिए।
गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों से गणेश प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।
सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर पुलिस की अपील
बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उसके दुरुपयोग को लेकर भी नागरिकों को सावधान किया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले कुछ संदेशों को गलत तरीके से मॉर्फ या एडिट कर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के उद्देश्य से फैलाया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी व्हॉट्सऐप या सोशल मीडिया संदेश को सत्यापित किए बिना आगे फॉरवर्ड न करें। किसी घटना से संबंधित जानकारी की पुष्टि आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोतों से करने के बाद ही उसे साझा किया जाए।
साइबर धोखाधड़ी से बचने की भी सलाह
मोबाइल फोन के इस्तेमाल के दौरान व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। नागरिकों से कहा गया कि वे अपना पासवर्ड, व्यक्तिगत जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। लापरवाही के कारण आर्थिक धोखाधड़ी का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
सभी समुदायों से सहयोग की अपील
आगामी गणेश उत्सव, ईद-ए-मिलाद, नारली पूर्णिमा, रक्षाबंधन, गोपाळकाला और नवरात्रि सहित विभिन्न त्योहारों को धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की गई।
पुलिस प्रशासन ने सभी समुदायों के प्रमुख नागरिकों से सहयोग करने और त्योहारों के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, सह-पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण, अपर पुलिस आयुक्त संजय जाधव, सह-पुलिस आयुक्त अशोक दुधे, पुलिस उपायुक्त बाळासाहेब पाटील, पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम और पुलिस उपायुक्त पंकज शिरसाठ सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन पुलिस निरीक्षक (प्रशासन) सुधाकर यादव ने किया, जबकि बैठक की प्रस्तावना पुलिस उपायुक्त डॉ. धीरज कुमार बच्चु, विशेष शाखा ने रखी। आभार प्रदर्शन के बाद बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और बेबाक कार्यशैली की पहचान: समीर वानखेड़े और तुकाराम मुंडे भारत देश की शान।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
देश की प्रशासनिक व्यवस्था में ऐसे अधिकारियों का विशेष महत्व है, जो अपने पद की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाने को प्राथमिकता देते हैं। IRS अधिकारी समीर वानखेड़े और IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और बेबाक कार्यशैली के लिए अलग पहचान रखते हैं।
दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में जनहित को प्राथमिकता, नियमों के पालन के प्रति प्रतिबद्धता और अपने दायित्वों के प्रति गंभीरता देखने को मिलती है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान चुनौतियों का सामना करते हुए दृढ़ता के साथ काम करने की उनकी शैली ने उन्हें लोगों के बीच चर्चा का विषय बनाया है।
समीर वानखेड़े अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान सख्त और प्रभावी कार्रवाई के लिए चर्चित रहे हैं, वहीं तुकाराम मुंडे भी अपने स्पष्ट निर्णयों, अनुशासनप्रियता और कर्तव्य के प्रति समर्पित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में एक समान बात यह है कि वे अपने दायित्वों को गंभीरता से लेने और व्यवस्था में जवाबदेही को महत्व देने के लिए पहचाने जाते हैं।
आज के दौर में प्रशासनिक सेवाओं में ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। ऐसे में कर्तव्य के प्रति समर्पित अधिकारियों का कार्य आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समीर वानखेड़े और तुकाराम मुंडे जैसे अधिकारियों की कार्यशैली उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो देश की सेवा के लिए प्रशासनिक क्षेत्र में आने का सपना देखते हैं। उनकी निष्ठा, अनुशासन और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
देश के प्रति समर्पण और कर्तव्य के प्रति निष्ठा रखने वाले ऐसे कर्मठ अधिकारियों पर हर भारतीय को गर्व है। समीर वानखेड़े और तुकाराम मुंडे जैसे अधिकारी निश्चित रूप से भारत की शान हैं।
ठाणे/महाराष्ट्र: दिनेश मीरचंदानी
पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य, सामाजिक सक्रियता, संगठनात्मक योगदान तथा पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर प्रयासों को देखते हुए नीतू विश्वकर्मा को Voice of Media (VOM) International Forum में महाराष्ट्र राज्य संयोजक के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।
VOM इंटरनेशनल फोरम की ओर से जारी नियुक्तिपत्र के अनुसार यह नियुक्ति 9 अगस्त 2026 को की गई है। नियुक्तिपत्र में नीतू विश्वकर्मा के पत्रकारिता क्षेत्र में किए गए कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा पत्रकारों के हित में किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण माना गया है।
🔥 पत्रकारों की आवाज को मजबूत करने की जिम्मेदारी
नियुक्तिपत्र में उल्लेख किया गया है कि संगठन के उद्देश्यों, नीतियों और पत्रकारिता से जुड़े उपक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए नीतू विश्वकर्मा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा है।
नई जिम्मेदारी के तहत वे महाराष्ट्र में पत्रकारों को संगठित करने, पत्रकारों की समस्याओं एवं प्रश्नों को प्रभावी मंच तक पहुंचाने, पत्रकारिता क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक पहल करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने में योगदान देंगी।
यह जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने और मीडिया जगत के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का महत्वपूर्ण दायित्व भी है।
📰 मीडिया जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
आज के दौर में पत्रकारों के सामने कार्यस्थल की चुनौतियां, पत्रकारिता की स्वतंत्रता, डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका, पत्रकारों की सुरक्षा, आर्थिक एवं व्यावसायिक समस्याएं और विश्वसनीय पत्रकारिता को बनाए रखने जैसी अनेक चुनौतियां हैं।
ऐसे समय में महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में राज्य संयोजक की जिम्मेदारी संगठन और पत्रकार समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
🎉 नीतू विश्वकर्मा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
Shaurya Times परिवार की ओर से नीतू विश्वकर्मा को इस महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई।
हमें विश्वास है कि वे अपनी पत्रकारिता के अनुभव, निर्भीक सोच, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय कार्यशैली के माध्यम से महाराष्ट्र के पत्रकार समुदाय की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाएंगी तथा VOM इंटरनेशनल फोरम के उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगी।
नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं—यह पद पत्रकारिता के प्रति आपकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करे। 🇮🇳📰
📌 नियुक्ति की मुख्य जानकारी
विवरण जानकारी संगठन:
Voice of Media (VOM) International Forum
नियुक्त व्यक्ति: नीतू विश्वकर्मा
पद : महाराष्ट्र राज्य संयोजक
नियुक्ति दिनांक
9 अगस्त 2026
क्षेत्र महाराष्ट्र नियुक्तिपत्र
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित होने की चर्चा सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों और संबंधित कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं होने के कारण कार्यालयीन कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई मामलों में फाइलों और दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यालय में बैठाने की चर्चा
वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यालय में बुलाकर बैठाया गया है और उनसे कार्यालयीन कार्यों से संबंधित जिम्मेदारियां लिए जाने की चर्चा है। इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और इसे नियमों के अनुरूप है या नहीं, इस पर स्पष्टता की मांग की जा रही है।
हालांकि, सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यालय में बैठाने और उनसे किसी प्रकार का कार्य लिए जाने संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग
उल्हासनगर की जनता ने महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से जुड़े कार्य समय पर पूरे हो सकें।
जनता की मांग है कि शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार स्टाफ की नियुक्ति या उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और यदि नियमों के विपरीत किसी प्रकार की व्यवस्था की गई है तो उसकी भी जांच की जाए।
उल्हासनगर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में एक अलग ही स्थिति सामने आने की चर्चा है। जानकारी के मुताबिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी कार्यालय में काम कर रहे हैं, जबकि स्कूलों में नियुक्त शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय कार्यालयीन कार्यों में लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि शिक्षकों को कार्यालय में काम करने के लिए कोई लिखित आदेश भी जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बिना लिखित आदेश शिक्षकों से कार्यालयीन काम करवाए जाने को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना होगा कि उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन और आयुक्त मनीषा आव्हाले इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के लिए क्या निर्णय लिया जाता है।
मुंबई: दिनेश मीरचंदानी
ड्रग्स और नशे के खिलाफ युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार की ओर से 14 अगस्त 2026 को मुंबई के बांद्रा में ‘भव्य नशामुक्ति अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में होने वाले इस अभियान में पूर्व NCB अधिकारी समीर वानखेडे भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम का आयोजन 14 अगस्त की सुबह 10:30 बजे बांद्रा स्थित गेटी-गैलेक्सी सिनेमा के बाहर किया जाएगा। अभियान में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की बढ़ती समस्या के प्रति जागरूक करना और उन्हें ड्रग्स से दूर रहने का संदेश देना है।
बांद्रा और समीर वानखेडे का पुराना कनेक्शन
समीर वानखेडे की बांद्रा में मौजूदगी इसलिए भी चर्चा का विषय बन रही है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स मामले के दौरान वानखेडे राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे। उस मामले की जांच और उससे जुड़ी कार्रवाई को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस देखने को मिली थी।
अब कई वर्षों बाद उसी बांद्रा इलाके में ड्रग्स के खिलाफ आयोजित एक बड़े जनजागरूकता अभियान में वानखेडे की मौजूदगी एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर रहेगा जोर
‘भव्य नशामुक्ति अभियान’ के दौरान विद्यार्थियों और युवाओं को ड्रग्स के स्वास्थ्य, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। अभियान के जरिए युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील किए जाने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी को देखते हुए इसे युवाओं के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
14 अगस्त पर टिकी नजरें
समीर वानखेडे की मौजूदगी के कारण इस कार्यक्रम को लेकर सार्वजनिक और मीडिया स्तर पर भी उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि, कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य नशामुक्ति और जनजागरूकता है और फिलहाल किसी नए विवाद या कार्रवाई की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
ऐसे में 14 अगस्त को बांद्रा के गेटी-गैलेक्सी के बाहर होने वाला यह अभियान युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता के साथ-साथ समीर वानखेडे की मौजूदगी के कारण भी चर्चा में रहने की संभावना है।
त्रिची, तमिलनाडु: दिनेश मीरचंदानी
IRS अधिकारी समीर वानखेड़े ने आज तमिलनाडु के त्रिची (तिरुचिरापल्ली) स्थित प्रसिद्ध रॉकफोर्ट शिव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
ऐतिहासिक रॉकफोर्ट पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर त्रिची के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में अपनी विशेष पहचान रखता है। मंदिर की प्राचीन वास्तुकला, धार्मिक महत्व और पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
समीर वानखेड़े ने मंदिर परिसर में पहुंचकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए देश और समाज की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक स्थल का किया अनुभव
रॉकफोर्ट मंदिर की यात्रा के दौरान समीर वानखेड़े ने मंदिर परिसर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विशेषताओं का भी अनुभव किया। त्रिची का रॉकफोर्ट क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है तथा तमिलनाडु के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल है।
समीर वानखेड़े की मंदिर यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह दौरा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना। उनकी इस धार्मिक यात्रा को आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
भगवान शिव के दर्शन के साथ समीर वानखेड़े ने मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव किया।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
सामाजिक संस्था सप्तध्यान फाउंडेशन द्वारा सुरेखा क्रिटिकेयर हॉस्पिटल के सहयोग से 7 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को निःशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सुरेखा क्रिटिकेयर हॉस्पिटल, इंडियन बैंक के पास, सेंट्रल हॉस्पिटल रोड, उल्हासनगर-3 में आयोजित होगा।
शिविर का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को समय रहते आंखों की बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना तथा मोतियाबिंद जैसी गंभीर समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उचित उपचार के लिए जागरूक करना है।
आयोजकों के अनुसार, नियमित नेत्र जांच से मोतियाबिंद का समय पर पता लगाया जा सकता है, दृष्टि हानि से बचाव होता है, आंखों की रोशनी सुरक्षित रहती है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसी उद्देश्य के साथ नागरिकों से इस निःशुल्क शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है।
शिविर में आने वाले मरीजों की विशेषज्ञों द्वारा नेत्र जांच की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आगे के उपचार और परामर्श की भी जानकारी दी जाएगी।
अपॉइंटमेंट एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
योगाचार्य सतीश शर्मा: 9011808012
नेत्र विशेषज्ञ (आई स्पेशलिस्ट) डॉ. मनीष मिरानी: 8108098576
सुरेखा क्रिटिकेयर हॉस्पिटल: 8237898959
"अच्छी दृष्टि, बेहतर जीवन" के संदेश के साथ आयोजित इस शिविर के माध्यम से आयोजकों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी अपनी आंखों की जांच कराएं और अपने परिवार के बुजुर्गों एवं जरूरतमंद लोगों को भी इस निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।
"स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवता के लिए साथ मिलकर – आपकी दृष्टि, हमारा मिशन। आज का एक छोटा कदम, कल का उज्ज्वल भविष्य।"
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) के लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्षों से कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर एक बार फिर शहर में चर्चा तेज हो गई है। नागरिकों ने आयुक्त मनीषा आव्हाले से सवाल किया है कि PWD विभाग में डेप्युटी इंजीनियर संदीप जाधव और कर्मचारी दीप्ति लाडे का स्थानांतरण आखिर अब तक क्यों नहीं किया गया और उनकी बदली कब होगी?
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि दोनों पिछले 20 से अधिक वर्षों से इसी विभाग में कार्यरत हैं। इसे लेकर लोगों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही विभाग में पदस्थ रहने से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका मानना है कि समय-समय पर स्थानांतरण होने से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बनी रहती है।
नागरिकों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार के स्थानांतरण संबंधी प्रचलित सरकारी आदेश (GR) के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को तीन वर्ष से अधिक एक ही विभाग या पद पर नहीं रखा जाना चाहिए। निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बाद उसका स्थानांतरण किया जाना अपेक्षित होता है, ताकि प्रशासनिक संतुलन और कार्यप्रणाली की पारदर्शिता बनी रहे।
इसी आधार पर शहर के लोगों का सवाल है कि यदि यह नीति अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होती है, तो PWD विभाग में कार्यरत इन दोनों कर्मचारियों के मामले में अब तक इसका पालन क्यों नहीं किया गया। नागरिकों का कहना है कि यदि किसी विशेष प्रशासनिक कारण से उनका स्थानांतरण नहीं किया गया है, तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिससे किसी प्रकार की भ्रम या चर्चा की स्थिति समाप्त हो सके।
शहर के कई नागरिकों का मानना है कि स्थानांतरण नीति का उद्देश्य केवल कर्मचारियों का तबादला करना नहीं, बल्कि प्रशासन में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। ऐसे में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के लंबे समय तक एक ही विभाग में बने रहने पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठना लाज़िमी है।
नागरिकों ने आयुक्त मनीषा आव्हाले से मांग की है कि इस पूरे मामले पर स्पष्ट रुख अपनाया जाए और यह बताया जाए कि संदीप जाधव एवं दीप्ति लाडे की बदली अब तक क्यों नहीं हुई। साथ ही, यदि स्थानांतरण संबंधी नियम लागू होते हैं, तो उनके अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह होगा कि उल्हासनगर महानगरपालिका प्रशासन इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या स्थानांतरण नीति के अनुरूप आगे कोई कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, यह मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और नागरिक प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) का करीब 50 वर्ष पुराना मुख्यालय अब गंभीर रूप से जर्जर और असुरक्षित स्थिति में पहुंच चुका है। इमारत की खराब हालत ने न केवल जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यहां रोजाना आने वाले हजारों नागरिकों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
उल्हासनगर महानगरपालिका मुख्यालय में प्रतिदिन शहर के मेयर, 78 पार्षद, लगभग 1,000 अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक अपने विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन भवन की लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर दीवारों में दरारें, छत और प्लास्टर के टूटने जैसी समस्याएं भवन की जर्जर हालत को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।
सूत्रों के अनुसार, इमारत की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नई उल्हासनगर महानगर पालिका इमारत के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के साथ-साथ मुख्यालय को अस्थायी रूप से किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस भवन से पूरे शहर का प्रशासन संचालित होता है, वही अब सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ा चिंता का विषय बन गया है। उनका मानना है कि किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
अब सभी की उल्हासनगर महानजर पालिका प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है कि नई इमारत का निर्माण और कार्यालय का स्थानांतरण कितनी तेजी से पूरा किया जाता है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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