अंबरनाथ: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र में प्रशासन ने हाउसिंग सोसायटियों के लिए सख्त रुख अपनाया है। सोसायटी परिसरों में निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करते हुए तेज आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनिक्षेपक उपकरण बजाए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित सोसायटी के पदाधिकारियों और प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
इस संबंध में अंबरनाथ तालुका के सहायक निबंधक राजेंद्र विठ्ठल मरकड ने 8 सितंबर 2026 को अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र की हाउसिंग सहकारी संस्थाओं की प्रबंधन समितियों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन अनिवार्य
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को लेकर निर्धारित नियमों और ध्वनि सीमा का पालन करना आवश्यक है। गणेशोत्सव के दौरान सोसायटियों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों में ध्वनिक्षेपक या डीजे का इस्तेमाल करते समय निर्धारित मानकों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
यदि किसी सोसायटी परिसर से निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर बजाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले में संबंधित सोसायटी के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष तथा प्रबंधन समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को परेशानी का मुद्दा
गणेशोत्सव और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से आसपास रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों तथा बीमार लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन ने सोसायटी पदाधिकारियों से ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक उत्सव और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान नागरिकों की सुविधा तथा स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ध्वनि की निर्धारित सीमा का पालन किया जाना चाहिए।
14 से 25 सितंबर तक विशेष सतर्कता
गणेशोत्सव की अवधि में 14 से 25 सितंबर 2026 के दौरान सोसायटियों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सोसायटी प्रबंधन से अपेक्षा की गई है कि कार्यक्रमों के दौरान ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन न हो और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में गणेशोत्सव के दौरान सोसायटियों के पदाधिकारियों के सामने उत्सव आयोजन के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी रहेगी।
सोसायटी पदाधिकारियों की बढ़ी जिम्मेदारी
प्रशासन के इस परिपत्र के बाद अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्र की हाउसिंग सोसायटियों में गणेशोत्सव के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की संभावना है। नियमों का पालन कराने में सोसायटी प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस कदम का उद्देश्य गणेशोत्सव जैसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करना बताया गया है।

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