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उल्हासनगर-5 का जींस मार्केट फिर संदेह के घेरे में, हवाला और चेक डिस्काउंटिंग से भारत सरकार को करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका।

(फाइल इमेज) 

उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी

उल्हासनगर-5 स्थित प्रसिद्ध जींस मार्केट एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में आ गया है। बाजार में बड़े पैमाने पर हवाला कारोबार, चेक डिस्काउंटिंग और कथित वित्तीय अनियमितताओं के जरिए भारत सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग, जीएसटी विभाग तथा अन्य संबंधित केंद्रीय एजेंसियों में शिकायतें दर्ज कराए जाने की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि जींस और डेनिम कपड़ा व्यापार से जुड़े कुछ कारोबारी लंबे समय से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में शामिल हैं। आरोप है कि नकद रकम को हवाला नेटवर्क के माध्यम से इधर-उधर किया जा रहा है, जबकि चेक डिस्काउंटिंग के जरिए बड़ी मात्रा में अनधिकृत आर्थिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के टैक्स राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि कई कारोबारियों द्वारा फर्जी बिलिंग, नकली खरीद-बिक्री के दस्तावेज और संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए वित्तीय गड़बड़ियों को अंजाम दिया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। यदि प्रारंभिक स्तर पर आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यापारियों और उनके सहयोगियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

जानकारी के मुताबिक, कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों ने भी इस मामले को गंभीर आर्थिक अपराध बताते हुए विस्तृत दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े सबूत संबंधित विभागों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़े नाम सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है।

वित्तीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि हवाला और चेक डिस्काउंटिंग जैसे कारोबार बिना निगरानी के चलते रहे, तो इससे न केवल सरकारी राजस्व प्रभावित होता है बल्कि वैध व्यापारिक व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे मामलों में केंद्रीय एजेंसियां आमतौर पर बैंक खातों, जीएसटी रिकॉर्ड, आयकर रिटर्न और नकद लेन-देन की विस्तृत जांच करती हैं।

फिलहाल संबंधित विभागों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बाजार में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं व्यापारिक क्षेत्र में भी संभावित जांच और कार्रवाई को लेकर हलचल देखी जा रही है।















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