ठाणे/उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
उल्हासनगर महानगरपालिका में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अब भी प्रभारी पदों पर बनाए रखने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय कल्याण भाटी के अध्यक्ष शैलेश तिवारी ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से प्रभारी पदभार वापस नहीं लिया गया, तो 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस) से ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
शैलेश तिवारी ने जारी प्रेस बयान में कहा कि एसीबी द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार पदों पर बनाए रखना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि इससे जनता का सरकारी तंत्र पर विश्वास भी कमजोर होता है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में आरोपित अधिकारियों को प्रभारी पदों पर बनाए रखना पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन की भावना के विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों के प्रभारी पद नहीं हटाए गए हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासन का रवैया नरम है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर प्रशासनिक निर्णय नहीं लिए गए, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।
शैलेश तिवारी ने मांग की कि एसीबी की कार्रवाई में पकड़े गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से प्रभारी पद वापस लिए जाएं तथा उनके विरुद्ध सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए, ताकि सरकारी व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रह सके।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने के लिए स्वतंत्रता दिवस से आमरण अनशन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और जनहित के उद्देश्य से किया जाएगा।
शैलेश तिवारी ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 अगस्त से पहले उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अनशन के दौरान यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जनता के हित, सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी व्यवस्था में जनता का भरोसा बना रहे।
नोट: यह समाचार शैलेश तिवारी द्वारा जारी बयान और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





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