अंबरनाथ: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
अंबरनाथ पूर्व के शिवाजीनगर पुलिस थाना क्षेत्र में कथित मटका-जुआ गतिविधि के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को शिवाजी चौक के पास, समुद्र बार के बगल की एक दुकान में कार्रवाई की गई। इस मामले में महाराष्ट्र जुआ प्रतिबंध अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत अपराध क्रमांक 424/2026 दर्ज किया गया है।
पुलिस दस्तावेज के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुल ₹14,200 नकद तथा मटका-जुआ से संबंधित बताई गई सामग्री बरामद की गई। मामले में सात व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इनमें कुछ व्यक्तियों पर जुआ खिलाने तथा अन्य पर जुआ खेलने के लिए मौजूद होने का आरोप है। सभी संबंधित आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिए जाने की जानकारी दस्तावेज में दर्ज है।
दो व्यक्तियों पर जुआ खिलाने का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी क्रमांक 1 धरम रूपलाल गौर के कब्जे से ₹5,100 नकद तथा जुआ खेलने में इस्तेमाल होने वाली बताई गई सामग्री बरामद हुई। वहीं आरोपी क्रमांक 2 नादिर निअमतउल्ला खान के कब्जे से ₹4,300 नकद और मटका-जुआ से संबंधित बताई गई एक चकरी तथा अन्य सामग्री बरामद होने का उल्लेख है।
इसके अलावा सबीर हबीब शेख, अमर श्रीपति काले, मुरलीधर सुकण्या पाटिल, आकम अलीहुसैन शेख और संजय बाबू गरड के कब्जे से अलग-अलग रकम बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस दस्तावेज में दी गई है।
कुल ₹14,200 की बरामदगी
दस्तावेज के अनुसार बरामद नकदी का विवरण इस प्रकार है:
- धरम रूपलाल गौर — ₹5,100
- नादिर निअमतउल्ला खान — ₹4,300
- आकम अलीहुसैन शेख — ₹1,350
- सबीर हबीब शेख — ₹1,200
- अमर श्रीपति काले — ₹900
- मुरलीधर सुकण्या पाटिल — ₹750
- संजय बाबू गरड — ₹600
कुल बरामदगी — ₹14,200।
पुलिस रिकॉर्ड में जुआ खेलने-खिलाने से संबंधित सामग्री, जिसमें पासे/गुड़गुड़ी, चकरी, अंक वाले प्लास्टिक बैनर और अन्य सामान शामिल होने का उल्लेख है। मामले में ई-साक्ष्य भी प्राप्त किए जाने की जानकारी दर्ज है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी का भी उल्लेख
पुलिस दस्तावेज के अनुसार, घटनास्थल का दौरा करने वाले अधिकारियों में शिवाजीनगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद पाटिल, पुलिस निरीक्षक गहिनीनाथ गमे तथा पुलिस उपनिरीक्षक नरूटे का उल्लेख है। घटनास्थल का दौरा 5 अक्टूबर 2026 को रात 00:05 बजे से आगे किए जाने की जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
मामले की प्राथमिक जांच पुलिस उपनिरीक्षक नरूटे द्वारा किए जाने तथा अपराध दर्ज करने की कार्रवाई पुलिस हवलदार एस.एम. सालुंखे द्वारा किए जाने का उल्लेख दस्तावेज में है।
‘बंशी-बिर्जू’ अड्डे से जोड़ने की चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जरूरी
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर इसे कथित रूप से ‘बंशी-बिर्जू’ नाम से चर्चित जुआ अड्डे से जोड़कर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस दस्तावेज में ‘बंशी-बिर्जू’ नाम को आरोपी के रूप में दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं होती। इसलिए इस नाम को किसी व्यक्ति या कथित जुआ अड्डे से जोड़कर निष्कर्ष निकालना फिलहाल उचित नहीं होगा।
इसी तरह, यह दावा कि संबंधित गतिविधि “वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक की नाक के नीचे” चल रही थी, एक आरोप/दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। पुलिस रिकॉर्ड में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद पाटिल का घटनास्थल पर दौरा किए जाने का उल्लेख जरूर है।
आगे की जांच पर नजर
मामले में पुलिस द्वारा बरामद सामग्री, नकदी और ई-साक्ष्य के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। कार्रवाई के पीछे कथित जुआ नेटवर्क का दायरा क्या था, क्या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठित तंत्र सक्रिय था और ‘बंशी-बिर्जू’ नाम से की जा रही चर्चाओं का वास्तविकता से कोई संबंध है या नहीं—इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मंत्रालय टाइम्स की ओर से स्पष्ट किया जाता है कि इस समाचार में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया जा रहा है। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज होना और आरोप सिद्ध होना दो अलग-अलग बातें हैं। अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायालय और जांच प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।



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