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छत्रपति संभाजीनगर में पहली बार भव्य ऐतिहासिक महानाट्य ‘प्रौढ प्रताप पुरंदर’ की तैयारी, स्तंभ पूजन संपन्न।


 










छत्रपति संभाजीनगर: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क

छत्रपति संभाजीनगर: छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय पराक्रम, अदम्य साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवनचरित्र पर आधारित भव्य ऐतिहासिक महानाट्य ‘प्रौढ प्रताप पुरंदर’ का स्तंभ पूजन विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। शहर में पहली बार प्रस्तुत किए जाने वाले इस महानाट्य के माध्यम से शिवराय के संघर्षपूर्ण जीवन, वीरता और स्वराज्य स्थापना के ऐतिहासिक सफर को रंगमंच पर जीवंत करने की तैयारी है।

इस महानाट्य को लेकर इतिहासप्रेमियों और रंगमंच के प्रशंसकों में उत्सुकता बढ़ने की उम्मीद है। भव्य मंचीय प्रस्तुति के जरिए छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों, उनके रणनीतिक कौशल, मावलों की निष्ठा और स्वराज्य के लिए किए गए संघर्ष को प्रभावशाली तरीके से दर्शाने की योजना है।

स्तंभ पूजन समारोह में कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

महानाट्य के स्तंभ पूजन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विशेष कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र साबळे, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. भागवत कराड, कैबिनेट मंत्री अतुल सावे, विधायक अनुराधाताई चव्हाण, विधायक प्रशांत बंब और पूर्व विधायक संजय केणेकर उपस्थित रहे।

इसके अलावा महापौर समीर राजूरकर, स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरीये, सभागृह नेता गोविंद केंद्रे, जिलाध्यक्ष किशोर शितोळे, दक्षिण जिलाध्यक्ष संजय खंबायतें सहित भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न पार्षदों और पदाधिकारियों ने भी समारोह में भाग लिया।

इस अवसर पर महानाट्य के निर्माण और प्रस्तुति से जुड़े आगामी कार्यों की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। स्तंभ पूजन को इस भव्य ऐतिहासिक परियोजना के निर्माण कार्य का प्रारंभिक चरण माना जा रहा है।

शिवराय के संघर्ष, किलों के इतिहास और मावलों के बलिदान की गाथा

‘प्रौढ प्रताप पुरंदर’ महानाट्य में छत्रपति शिवाजी महाराज की संघर्षमय जीवनयात्रा, उनके नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक घटनाक्रम, गढ़-किलों का गौरवशाली इतिहास तथा स्वराज्य की स्थापना में मावलों के योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

स्वराज्य की स्थापना के लिए शिवराय और उनके साथियों ने जिन कठिन परिस्थितियों का सामना किया, उनके साहस, निष्ठा और बलिदान की गाथा को भव्य मंचीय स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को मराठा इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से रूबरू कराने की योजना है।

महानाट्य में स्वराज्य के प्रेरणादायी ध्येय वाक्य ‘प्रतिपच्चंद्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववंदिता’ की भावना को भी रेखांकित किया जाएगा। यह विचार स्वराज्य की निरंतर उन्नति और उसकी विश्वव्यापी प्रतिष्ठा के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।

नई पीढ़ी तक पहुंचेगा स्वराज्य, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा का संदेश

छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास केवल युद्धों और विजयगाथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कुशल प्रशासन, दूरदर्शी रणनीति, जनकल्याण, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के संकल्प का भी प्रतीक है। ऐसे में ‘प्रौढ प्रताप पुरंदर’ जैसे ऐतिहासिक महानाट्य के माध्यम से उनके विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भव्य मंचीय प्रस्तुति के जरिए इतिहास को नाटकीय रूप में समझने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों, युवाओं, इतिहासप्रेमियों और रंगमंच के दर्शकों को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन एवं स्वराज्य आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को करीब से जानने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

ऐतिहासिक विरासत को मंच पर जीवंत करने की तैयारी

स्तंभ पूजन के साथ ही महानाट्य के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। आगामी समय में इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम, मावलों के समर्पण और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गौरवगाथा को भव्य रूप में दर्शकों के सामने लाने की तैयारी है।

अब दर्शकों की निगाहें महानाट्य की आगामी तैयारियों, प्रस्तुति की तिथि और आयोजन से जुड़ी अन्य जानकारियों पर रहेंगी। यदि इसकी परिकल्पना और मंचीय प्रस्तुति निर्धारित योजना के अनुरूप साकार होती है, तो ‘प्रौढ प्रताप पुरंदर’ छत्रपति संभाजीनगर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजनों में एक महत्वपूर्ण आकर्षण बन सकता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों, स्वराज्य के स्वाभिमान और वीरता की परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने की यह पहल इतिहास और संस्कृति के प्रति नई पीढ़ी की रुचि बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।















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