(फाइल इमेज)
अंबरनाथ: मंत्रालय टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
अंबरनाथ पूर्व के शिवाजीनगर पुलिस थाना क्षेत्र में दो युवकों के कब्जे से लोहे की तलवारें बरामद किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 5 अक्टूबर 2026 को हनुमान नगर चौक, समर्थ रिक्शा स्टैंड के पास, कानसाई-ओम दर्शन अपार्टमेंट परिसर के आसपास की गई।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मामले में सिद्धेश हेमंत शिंदे (21) और अनिकेत अशोक कसारे (29) के खिलाफ अपराध क्रमांक I-425/2026 दर्ज किया गया है। मामला भारतीय हथियार कानून की धारा 4 व 25, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) तथा महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 37(1) और 135 के तहत दर्ज किए जाने का उल्लेख दस्तावेज़ में है।
दो तलवारें जब्त किए जाने का उल्लेख
पुलिस द्वारा दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से दो लोहे की तलवारें बरामद की गईं। इनमें एक तलवार की अनुमानित कीमत ₹350 और दूसरी की ₹250 बताई गई है। दोनों तलवारों की कुल अनुमानित कीमत ₹600 दर्ज की गई है।
दस्तावेज़ के अनुसार, पहली तलवार की कुल लंबाई करीब 33 इंच और दूसरी की करीब 31 इंच बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड में दोनों हथियारों का विस्तृत माप भी दर्ज किया गया है।
मनाही आदेश लागू होने के दौरान हथियार रखने का आरोप
पुलिस के अनुसार, ठाणे शहर के पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) द्वारा 28 सितंबर 2026 को जारी मनाही आदेश के तहत 2 अक्टूबर 2026 से 16 अक्टूबर 2026 तक तलवार, भाला, बंदूक, लाठी अथवा अन्य खतरनाक हथियार रखने पर प्रतिबंध लागू था।
पुलिस रिकॉर्ड में आरोप है कि इसी मनाही आदेश के प्रभावी रहने के दौरान दोनों युवकों के पास तलवारें पाई गईं। इसी आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
BNSS 35(3) के तहत नोटिस
महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध पुलिस दस्तावेज़ के अनुसार दोनों आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिए गए हैं। इसका अर्थ यह है कि पुलिस ने जांच में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किया है। यह अपने-आप में दोष सिद्ध होने या अंतिम न्यायिक निष्कर्ष का प्रमाण नहीं है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक राजकुमार नरुटे कर रहे हैं। घटनास्थल का दौरा पुलिस अधिकारी, डी.बी. स्टाफ तथा बीट मार्शल के कर्मचारियों द्वारा किए जाने का भी उल्लेख दस्तावेज़ में है।
मामले में ई-साक्ष्य संकलित कर लिंक किए जाने की जानकारी भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है।
नोट: यह समाचार उपलब्ध पुलिस दस्तावेज़ में दर्ज जानकारी पर आधारित है। आरोपों और पुलिस के दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी। संबंधित आरोपियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना उचित होगा।


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