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विधायक श्रीकांत भारतीय की पहल रंग लाई, महाराष्ट्र में जल्द आएगी स्वतंत्र ई-स्पोर्ट्स नीति।


 

मुंबई: दिनेश मीरचंदानी

महाराष्ट्र में तेजी से उभर रहे ई-स्पोर्ट्स क्षेत्र को लेकर राज्य सरकार जल्द ही एक स्वतंत्र और व्यापक नीति लेकर आएगी। यह महत्वपूर्ण घोषणा आज महाराष्ट्र विधान परिषद में ई-स्पोर्ट्स विषय पर हुई विस्तृत चर्चा के दौरान की गई। इस घोषणा को राज्य के लाखों युवाओं, डिजिटल उद्यमियों और गेमिंग उद्योग से जुड़े पेशेवरों के लिए एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

विधान परिषद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए विधायक श्रीकांत भारतीय ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में ई-स्पोर्ट्स केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक तेजी से विकसित हो रहा पेशेवर और रोजगारपुरक क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने राज्य के युवाओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए महाराष्ट्र के लिए एक अलग और स्पष्ट ई-स्पोर्ट्स नीति तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स में अंतर समझना जरूरी

चर्चा के दौरान एक महत्वपूर्ण विषय यह भी रहा कि ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता। सदन में स्पष्ट किया गया कि ऑनलाइन गेमिंग मुख्य रूप से व्यक्तिगत मनोरंजन और अवकाश से जुड़ी गतिविधि है, जबकि ई-स्पोर्ट्स एक कौशल आधारित, प्रतिस्पर्धात्मक और संगठित पेशेवर क्षेत्र है, जिसमें खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, रणनीति, टीमवर्क और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के आधार पर अवसर प्राप्त होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ई-स्पोर्ट्स को खेल उद्योग का एक नया आयाम माना जा रहा है, जिसे विश्व स्तर पर तेजी से मान्यता मिल रही है। ऐसे में महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य के लिए इस क्षेत्र को संस्थागत समर्थन देना समय की मांग है।

सरकार बनाएगी विशेषज्ञ समिति

चर्चा का उत्तर देते हुए संबंधित मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि आगामी अधिवेशन से पहले महाराष्ट्र सरकार ई-स्पोर्ट्स के लिए एक स्वतंत्र नीति की घोषणा करेगी। इसके लिए विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और संबंधित क्षेत्र के जानकारों की एक समिति गठित की जाएगी।

यह समिति राज्य में ई-स्पोर्ट्स के विकास, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण सुविधाओं, प्रतियोगिताओं के आयोजन, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तृत अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम नीति तैयार की जाएगी।

रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर

ई-स्पोर्ट्स उद्योग केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। इसके साथ अनेक सहायक क्षेत्रों का विकास भी जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में कंटेंट क्रिएशन, लाइव स्ट्रीमिंग, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, गेम एनालिटिक्स, साइकोलॉजिकल काउंसलिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और कानूनी परामर्श जैसी सेवाओं में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

राज्य सरकार की प्रस्तावित नीति से न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि डिजिटल स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी कंपनियों और युवा उद्यमियों के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं।

महाराष्ट्र को डिजिटल स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार सुविचारित नीति लागू करती है तो महाराष्ट्र देश में ई-स्पोर्ट्स और डिजिटल प्रतिस्पर्धी खेलों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा और युवाओं को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

विधायक श्रीकांत भारतीय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल महाराष्ट्र के लाखों युवाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक खेल संस्कृति के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का काम करेगी।

राज्य सरकार की इस घोषणा को ई-स्पोर्ट्स उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण नीति-निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत माना जा रहा है, जिस पर अब युवाओं और उद्योग जगत की निगाहें टिकी हुई हैं।













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