उल्हासनगर: दिनेश मीरचंदानी
महाराष्ट्र में 2029 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से राजनीतिक चर्चाएं तेज होने लगी हैं। खासतौर पर उल्हासनगर विधानसभा क्षेत्र में शिवसेना की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, यदि 2029 के विधानसभा चुनाव में BJP और शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं होता है और दोनों दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो शिवसेना की ओर से उल्हासनगर में एक नए चेहरे को मौका दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सूत्रों का दावा है कि कल्याण लोकसभा क्षेत्र के शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की नजरों में उल्हासनगर के शिवसेना नेता कमलेश निकम लगातार अपनी मजबूत जगह बना रहे हैं। निकम पिछले कुछ समय से उल्हासनगर में संगठन को मजबूत करने और शिवसैनिकों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर शिवसेना के कार्यक्रमों, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क के चलते कमलेश निकम की सक्रियता चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वे पार्टी के छोटे-बड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ शिवसैनिकों के बीच अपना तालमेल और जनसंपर्क भी लगातार बढ़ा रहे हैं।
शिवसैनिकों में भी उत्साह का माहौल
कमलेश निकम की बढ़ती सक्रियता का असर स्थानीय शिवसैनिकों के बीच भी दिखाई देने की बात कही जा रही है। पार्टी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं में उनके नाम को लेकर सकारात्मक माहौल बनने की चर्चा है। ऐसे में यदि आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना और BJP अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं, तो उल्हासनगर सीट पर पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताएगी, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं
हालांकि, 2029 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर अभी काफी समय बाकी है और शिवसेना की ओर से कमलेश निकम के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पार्टी संगठन में उनकी बढ़ती सक्रियता और डॉ. श्रीकांत शिंदे के साथ बेहतर समन्वय को देखते हुए उनका नाम संभावित दावेदारों में चर्चा में आ सकता है।
आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति और महायुति के समीकरण किस दिशा में जाते हैं, यह तय करेगा कि 2029 में उल्हासनगर विधानसभा सीट पर मुकाबला किस तरह का होगा। फिलहाल कमलेश निकम के संभावित विधानसभा टिकट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।






































